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चक्कर आने के पीछे ये हो सकते हैं कारण, रोग-प्रतिरोधक क्षमता हो सकती है कमजोर -



निम्न रक्तचाप
रक्तचाप कम होने का एक लक्षण यह है कि अचानक से चक्कर आना या सिर घूमना। जैसे ही हमारे शरीर का रक्तचाप कम होता है तो हमारा रक्त मस्तिष्क तक पर्याप्त प्राणवायु नहीं पहुंचा पाता है जिस वजह से दिमाग की सक्रियता प्रभावित होती है और हमारी दृष्टि में धुंधलापन छाना, एक जगह खड़े न रह पाना, सिर घुमना जैसी समस्याएं महसूस होने लगती हैं।

निर्जलीकरण
गर्मियों में अधिकांश लोग इस चक्कर की समस्या से जूझते हैं, उसके पीछे मुख्य कारण होता है निर्जलीकरण। यदि हमारे शरीर में पानी की कमी हो जाती है तो इसका सीधा असर हमारी शारीरिक क्षमता या ऊर्जा पर पड़ता है इसलिए उल्टी या दस्त होने पर भी गर्मी में चक्कर आने लगते हैं।

तनाव
तनाव में दिमाग पर अतिरिक्त भार पड़ता है और यह पहले तो मानसिक रूप से व्यक्ति को प्रभावित करते हैं, बाद में इनका असर शारीरिक रूप से भी दिखाई देने लगता है। जिस वजह से जो लोग ज्यादा चिंता करते हैं या कोई बात उन्हें खा रही होती है, उन्हें कभी भी चक्कर आ जाते हैं।

माइग्रेन
जिन लोगों को माइग्रेन की समस्या होती है, उन्हें भी चक्कर आते हैं। माइग्रेन के शुरुआती लक्षण में शामिल है चक्कर आना। माइग्रेन में होने वाले सिर दर्द से पहले या सिर दर्द के बाद भी यह चक्कर आते रहते हैं। चक्कर भी अलग- अलग प्रकार के होते हैं, माइग्रेन के दौरान होने वाले चक्कर में सिरदर्द के साथ ही बेहोशी सा महसूस होने लगता है।

रोग-प्रतिरोधक क्षमता का कम होना
जिन लोगों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, वे लोग भी चक्कर की समस्या से जुझते हैं। उन्हें हर कहीं भी, कभी भी चक्कर आ जाते हैं, उसके पीछे कारण यह होता है कि उनका शरीर बीमारियों से लड़ नहीं पाता है और वो कमजोर हो जाता है। जिस वजह से उनमें ऊर्जा नहीं बचती है और वे बार-बार इस समस्या से जूझतेे हैं।

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