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सिर चकराने और घबराहट जैसी समस्याओं से हैं परेशान? हो सकता है बैलेंस डिसऑर्डर
हम में से कई लोगों के साथ ये हुआ होगा कि अचानक से चक्कर आने और घबराहट की समस्या हो सकती है। जिसके कारण बैलेंस बनाने में दिक्कत होती है। चक्कर आने पर अक्सर व्यक्ति बेहोश होकर गिर जाता है। इस समस्या को बैलेंस की समस्या कहते हैं। वैसे तो शरीर सभी चीजें अपने आप ही बैलेंस कर लेता है। लेकिन कई बार जब ऐसा हो कि खुद को संभाला नहीं जा सके और गिरने की स्थिति बन जाएं तो समझ जाइए कि ये बैलेंस की समस्या के कारण हो रहा है। हमारे शरीर में संतुलन बनाने के लिए एक विशेष तंत्र कार्य करता है। यह तंत्र आंख, कान और प्रोप्रियोसेप्शन से मिलकर बना होता है। ऐसे में यदि किसी भी तंत्र में कोई विकार हो जाता है तो डिसबैलेंस की समस्या हो जाती है। आज हम आपको बैलेंस डिसऑर्डर के लक्षण और कारण के बारे में बताने जा रहे हैं।

बैलेंस डिसऑर्डर के लक्षण
चक्कर आना।

घबराहट होना।

पढ़ने और देखने में समस्या होने लगना।

खड़े होने में दिक्कत होना या लड़खड़ा कर चलना।

ध्यान लगाने में दिक्कत महसूस होना।

लड़खड़ाना या जमीन पर गिर जाना।

उल्टी या जी मिचलाना।

दस्त लगना या बेहोशी होना।

कान से संबंधित परेशानी

यदि किसी व्यक्ति को सुनने या समझने में परेशानी हो रही है। तो इस समस्या का कारण भी बैलेंस डिसऑर्डर हो सकता है। इसका कारण कान पर चोट लगना या फिर ऐसी दवाइयों का सेवन जो कान के लिए हानिकारक हो जैसे एस्पिरिन, जेन्टामायसिन, एमिकासिन, कीमोथेरेपी आदि। इन दवाइयों के कारण बार-बार सर्दी जुकाम होने की समस्या होती है।

नर्वस सिस्टम से संबंधित कारण

बैलेंस डिसऑर्डर का एक कारण दिमाग से जुड़ा हुआ भी हो सकता है। इसके कारण सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस ब्रेन इंफेक्शन जैसे मेनिनजाइटिस, इन्फ्लाइटिस, ब्रेन टीबी आदि हो सकते हैं। वहीं यदि शरीर में B12 की कमी हो जाए तो भी बैलेंस करने में दिक्कत हो सकती है। बैलेंस डिसऑर्डर को दूर करने के लिए आयुर्वेदिक इलाज भी किया जाता है। आयुर्वेद में हर समस्या का हल है। ऐसे ही यदि कोई व्यक्ति बैलेंस डिसऑर्डर की समस्या से जूझ रहा है तो किसी योग्य आयुर्वेद चिकित्सक से इलाज करा सकते हैं।

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