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इस फल को खाने से नहीं होगी घबरहाट, जानिए क्या हैं इसके और फायदे

हिसार। घबराहट और बेचैनी यानि एन्जायटी होने पर जितना काम एलोपैथी दवा करती है, इसके समान ही फायदा सीताफल का सेवन करने से भी होता है। सीताफल का सेवन करने से दिमाग शांत हाेता है तो मन संतुलित अवस्था में आने लगता है। इस बात को शोध के जरिए साबित कर लिया गया है। इंटरनेशनल जर्नल में पब्लिकेशन की मिली मंजूरी....
-जीजेयू के फार्मास्युटीकल विभाग में पीएचडी कर रहे स्कॉलर कैलाश शर्मा ने एक रिसर्च स्टडी इस बात का दावा किया है।
- उनके इस रिसर्च जीजेयू ने इंटरनेशनल जर्नल में पब्लिश होने की मंजूरी दे दी है।
- सीताफल पर स्टडी करने के लिए अलग-अलग मॉडल बनाए गए। जिसमें 6-6 चूहों के पांच ग्रुप बनाए गए।
- इसके बाद इस तरह की स्थिति पैदा की गई जिससे चूहों में घबराहट और तनाव बढ़ जाए।
- एन्जायटी की स्थिति में चूहे किस तरह से व्यवहार करते हैं और मॉडल में किस तरह सुरक्षित रहने के लिए छुपते हैं, इसकी मेजरमेंट की गई।
- इसमें एक ग्रुप को सिर्फ पानी, दूसरे ग्रुप को बाजार में मिलने वाली ड्रग्स और तीसरे ग्रुप को सीताफल के जूस में पानी मिलाकर 3 प्रतिशत, चौथे ग्रुप को 6 प्रतिशत और पांचवें ग्रुप को 9 प्रतिशत वॉल्यूम की डाइट दी गई।
- इस दौरान देखा गया कि बाजार में मिलने वाली डायजापाम ड्रग्स और सीताफल के जूस लेने वाले चूहे के व्यवहार में कितना फर्क है, तो पाया कि दोनों का असर एक बराबर ही है।
ये है एनिक्सिटी, इसलिए हानिकारक
- रिसर्चर ने बताया कि जब हम ऊंचाई से, पानी में से या किसी जानवर से डरते हैं तो घबराहट पैदा होती है।
- यह एक विकार होता है जिसे एनेक्सिटी कहते हैं। इंटरव्यू या किसी नए व्यक्ति या नई जगह जाने के दौरान घबराना भी इसी में शामिल है।
- यह एक बीमारी है, जो हानिकारक है, क्योंकि घबराहट और बेचैनी की हालत में हम निर्णय लेने की क्षमता खो देते हैं, साथ ही इससे किसी तरह का अटैक भी आ सकता है। और हाथ आए अवसर भी छूटने का भय रहता है।

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