healthplanet.net

Posted on

प्रेगनेंसी में गाजर मां और बच्‍चे के लिए होती है इतनी फायदेमंद

प्रेगनेंसी में मां और बच्‍चे के लिए इतनी फायदेमंद होती है गाजर प्रेगनेंसी में हर महिला अपनी और अपने बच्चे की सेहत को लेकर सजग हो जाती है। वह अपने बच्चे के स्वास्थ्य से जुड़ी हर छोटी-बड़ी बात पर ध्यान देने लगती है। गर्भावस्था में सबसे महत्वपूर्ण जिस बात पर ध्यान देना चाहिए वह है कि आपका आहार कैसा होना चाहिए।

carrots in pregnancy.
प्रेगनेंसी डायट में आपको ऐसी चीजों को शामिल करना चाहिए जो पोषक तत्‍वों से भरपूर हों। आज हम आपको यही बताने जा रहे हैं कि गर्भावस्था के दौरान गाजर को अपने आहार में शामिल करने का क्‍या महत्व है और इसके फायदे-नुकसान क्‍या-क्या हैं?
गर्भावस्था में गाजर के पोषक तत्व
100 ग्राम गाजर में कैलोरी 41Kcal, कार्बोहाइड्रेट 9.58 ग्राम, प्रोटीन 0.93 ग्राम, फाइबर, 2.8 ग्राम, फैट 0.24 ग्राम, शुगर 4.5 ग्राम, विटामिन ए 5 मिग्रा, विटामिन सी 6 मिग्रा, विटामिन बी 60.135 ग्राम, विटामिन के 13.2 मिग्रा, सेलेनियम 11 मिग्रा, मैंगनीज 0.143 मिग्रा, कॉपर 0.045 मिग्रा, पोटेशियम 320 मिग्रा, सोडियम 69 मिग्रा, कैल्शियम 33 मिग्रा, आयरन 0.3 मिग्रा, मैग्नीशियम 12 मिग्रा, जिंक 0.24 मिग्रा और फास्फोरस 35 मिग्रा होता है।
प्रेगनेंसी में हीमोग्‍लोबिन लेवल बढ़ाने के घरेलू नुस्‍खे

हरी सब्जियां, खासतौर पर हरी सब्जियां आयरन से युक्‍त होती हैं। इन्‍हें अपनी प्रेगनेंसी डायट में जरूर शामिल करें। अगर आपका हीमोग्‍लोबिन लेवल कम है तो आपको आयरन युक्‍त आहार से लाभ होगा। आयरन हीमोग्‍लोबिन बनाने में मदद करता है जो कि लाल रक्‍त कोशिकाएं बनाता है।

पालक, केल और ब्रोकली, धनिया, पुदीना और मेथीदाना आयरन से युक्‍त होता है। हरी पत्तेदार सब्जियों में विटामिन और जरूरी पोषक तत्‍व होते हैं।


खजूर और अंजीर में आयरन की उच्‍च मात्रा होती है जो हीमोग्‍लोबिन के लेवल को बढ़ाने में मदद कर सकता है। अन्‍य सूखे मेवे और नटस जैसे कि अखरोट, किशमिश और बादाम खा सकते हैं क्‍योंकि ये गर्भवती महिला में हीमोग्‍लोबिन के लेवल को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।

दालों में आयरन और प्रोटीन खूब होता है। आप सलाद या सूप में दालों को शामिल करके खा सकती हैं। मटर, दालों और बींस में विटामिन, मिनरल, फाइबर, आयरन और प्रोटीन होता है इसलिए गर्भवती महिला अपने आहार में इसे शामिल कर सकती है।


इसमें उच्‍च मात्रा में आयरन होता है। आप एक कप गर्म एस्‍पैरेगस सूप ले सकती हैं। इसमें आयरन की मात्रा को बढ़ाने के लिए तिल के बीजों का भी इस्‍तेमाल किया जा सकता है।


ताजे फल जैसे कि अनार और संतरे से हीमोग्‍लोबिन लेवल बढ़ सकता है। अनार में आयरन बहुत होता है और संतरा विटामिन सी से युक्‍त होता है जो इम्‍यूनिटी को बढ़ाता है और हीमोग्‍लोबिन के स्‍तर में इजाफा होता है। कीवी, आडू़, चकोतरा और अमरूद में भी खूब आयरन होता है।
-

फोलेट या फोलिक एसिड एक प्रकार का विटामिन बी है, जो कि घुलनशील विटामिन है। यह गर्भावस्‍था में शिशु को न्‍यूरल ट्यूब डिफेक्‍ट से बचाने में मदद करता है।

यह विटामिन हीमोग्‍लोबिन बनाने में अहम भूमिका निभाता है। फोलिक एसिड की आपूर्ति के लिए कॉर्न, केला, स्‍प्राउटस, एवोकाडो और भिंडी खाएं। इनमें प्रचुर मात्रा में फोलिक एसिड होता है।



कद्दू के बीजों, बादाम और सूरजमुखी के बीजों में भी आयरन उच्‍च मात्रा में होता है। प्रेगनेंट महिला इन्‍हें खाकर अपने शरीर में हीमोग्‍लोबिन के लेवल को बढ़ा सकती है। सेब, चुकंदर और गाजर की स्‍मूदी भी फायदेमंद होती है। इस स्‍मूदी से प्रेगनेंट महिला के शरीर में हीमोग्‍लोबिन का स्‍तर बढ़ता है।



प्रेगनेंट महिला के शरीर में हीमोग्‍लोबिन काउंट को बढ़ाने के लिए आमतौर पर डॉक्‍टर आयरन के सप्‍लीमेंट लिखते हैं। डॉक्‍टर की बताते हैं कि आपको कब, कौन-सा और कितनी मात्रा में आयरन सप्‍लीमेंट लेना है।


गर्भावस्था के दौरान गाजर खाने के फायदे
गाजर में कई तरह के विटामिन और मिनरल प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होते हैं। इसे पोषक तत्वों का खजाना भी कहा जाता है। यह जमीन पर उगने वाली सब्जी है जिसे कच्चा और पकाकर दोनों तरह खाया जा सकता है। गाजर को गर्भावस्था में खाना सेहत के लिए बहुत लाभकारी होता है।

गाजर विटामिन ए का बहुत अच्छा स्रोत होती है, इसलिए यह आंखों के लिए बहुत फायदेमंद मानी जाती है। इससे गर्भस्‍थ शिशु की आंखों की रोशनी तेज करने में मदद मिलती है।
गाजर में उच्‍च मात्रा में विटामिन सी होता है, जो इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में सहायक होता है।
इसमें मौजूद कैल्शियम और विटामिन ए, बीटा कैरोटीन पाया जाता है, जो भ्रूण के विकास में मदद करता है।
गाजर का सेवन एनीमिया को रोकने में भी मददगार होता है क्योंकि इसमें आयरन और विटामिन सी भरपूर मात्रा में होता है।
गर्भावस्था में कब्ज की परेशानी आम होती है, चूंकि, गाजर में फाइबर होता है इसलिए इसे खाने से कब्ज की समस्या नहीं रहती।गाजर में फास्फोरस होता है जो शरीर की ऐंठन और मांसपेशियों की अकड़न को दूर करता है।
गाजर खाने से प्रेगनेंसी में होने वाले हाई ब्‍लड प्रेशर को भी नियंत्रण किया जा सकता है।
गाजर में मैंगनीज होता है जो गर्भस्थ शिशु की हड्डियों और कार्टिलेज के निर्माण के लिए आवश्यक होता है।
गाजर में पर्याप्त मात्रा में विटामिन बी और फोलिक एसिड होता है जो गर्भस्थ शिशु के तंत्रिका तंत्र और मस्तिष्क के विकास में सहायक होते हैं। यह शिशु में जन्म संबंधी दोष जैसे कि स्पाइना बिफिडा जैसी बीमारी को रोकने में भी मदद करते हैं।

प्रेगनेंसी में हीमोग्‍लोबिन लेवल बढ़ाने के घरेलू नुस्‍खे

-

हरी सब्जियां, खासतौर पर हरी सब्जियां आयरन से युक्‍त होती हैं। इन्‍हें अपनी प्रेगनेंसी डायट में जरूर शामिल करें। अगर आपका हीमोग्‍लोबिन लेवल कम है तो आपको आयरन युक्‍त आहार से लाभ होगा। आयरन हीमोग्‍लोबिन बनाने में मदद करता है जो कि लाल रक्‍त कोशिकाएं बनाता है।

पालक, केल और ब्रोकली, धनिया, पुदीना और मेथीदाना आयरन से युक्‍त होता है। हरी पत्तेदार सब्जियों में विटामिन और जरूरी पोषक तत्‍व होते हैं।



खजूर और अंजीर में आयरन की उच्‍च मात्रा होती है जो हीमोग्‍लोबिन के लेवल को बढ़ाने में मदद कर सकता है। अन्‍य सूखे मेवे और नटस जैसे कि अखरोट, किशमिश और बादाम खा सकते हैं क्‍योंकि ये गर्भवती महिला में हीमोग्‍लोबिन के लेवल को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।

दालों में आयरन और प्रोटीन खूब होता है। आप सलाद या सूप में दालों को शामिल करके खा सकती हैं। मटर, दालों और बींस में विटामिन, मिनरल, फाइबर, आयरन और प्रोटीन होता है इसलिए गर्भवती महिला अपने आहार में इसे शामिल कर सकती है।

इसमें उच्‍च मात्रा में आयरन होता है। आप एक कप गर्म एस्‍पैरेगस सूप ले सकती हैं। इसमें आयरन की मात्रा को बढ़ाने के लिए तिल के बीजों का भी इस्‍तेमाल किया जा सकता है।
ताजे फल जैसे कि अनार और संतरे से हीमोग्‍लोबिन लेवल बढ़ सकता है। अनार में आयरन बहुत होता है और संतरा विटामिन सी से युक्‍त होता है जो इम्‍यूनिटी को बढ़ाता है और हीमोग्‍लोबिन के स्‍तर में इजाफा होता है। कीवी, आडू़, चकोतरा और अमरूद में भी खूब आयरन होता है।
-

फोलेट या फोलिक एसिड एक प्रकार का विटामिन बी है, जो कि घुलनशील विटामिन है। यह गर्भावस्‍था में शिशु को न्‍यूरल ट्यूब डिफेक्‍ट से बचाने में मदद करता है।

यह विटामिन हीमोग्‍लोबिन बनाने में अहम भूमिका निभाता है। फोलिक एसिड की आपूर्ति के लिए कॉर्न, केला, स्‍प्राउटस, एवोकाडो और भिंडी खाएं। इनमें प्रचुर मात्रा में फोलिक एसिड होता है।
कद्दू के बीजों, बादाम और सूरजमुखी के बीजों में भी आयरन उच्‍च मात्रा में होता है। प्रेगनेंट महिला इन्‍हें खाकर अपने शरीर में हीमोग्‍लोबिन के लेवल को बढ़ा सकती है। सेब, चुकंदर और गाजर की स्‍मूदी भी फायदेमंद होती है। इस स्‍मूदी से प्रेगनेंट महिला के शरीर में हीमोग्‍लोबिन का स्‍तर बढ़ता है।

प्रेगनेंट महिला के शरीर में हीमोग्‍लोबिन काउंट को बढ़ाने के लिए आमतौर पर डॉक्‍टर आयरन के सप्‍लीमेंट लिखते हैं। डॉक्‍टर की बताते हैं कि आपको कब, कौन-सा और कितनी मात्रा में आयरन सप्‍लीमेंट लेना है।


प्रेगनेंसी में गाजर खाने के नुकसान
माना कि गाजर खाना गर्भवती महिला के लिए फायदेमंद होता है, लेकिन कुछ स्थितियों में इसके नुकसान भी हो सकते हैं:

गाजर में कैरोटीन नामक पदार्थ होता है जिसकी अधिक मात्रा त्वचा के लिए हानिकारक हो सकती है।
यदि आप अधिक मात्रा में गाजर का सेवन करती हैं तो विटामिन ए की उच्‍च मात्रा आपके शरीर में अधिक हो जाती है जो भ्रूण के विकास के लिए सही नहीं है।
गाजर का सेवन ज्यादा करने से सिरदर्द या जी मतली जैसी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
गाजर का जूस ज्यादा मात्रा में पीने से गर्भावस्था में सिरदर्द और सुस्ती हो सकती है।

solved 5
wordpress ago 5 Answer
--------------------------- ---------------------------
+22

Author ->

Short info