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गर्भाशय को प्राकृतिक रूप से बनाएं मजबूत :-
फाइबर
अपनी डाइट में अधिक से अधिक फाइबर युक्त चीजें जैसे ब्रोकली, फल, ओट्स, नट्स, पालक, बीन्स, एवाकाडो का सेवन जरूर करें.
हरी सब्जियां खाएं
अपनी डाइट में ज्यादा से ज्यादा आर्गेनिक हरी पत्तेदार सब्जियां जरूर शामिल करें. रोजाना इसका सेवन करने से यूट्रस में मजबूती आएगी.
विटामिन सी युक्त फल
अगर यूट्रस में कोई भी समस्या है तो विटामिन-सी युक्त फलों का अधिक से अधिक सेवन करें. इससे आपकी बच्चेदानी तो मजबूत होती ही है और साथ ही इसमें कैंसर की समस्या भी दूर रहती है.
डेयरी प्रोडक्ट्स
अगर आप अपने खान-पान की चीजों में लगातार दही, पनीर और दूध का सेवन करेंगी तो गर्भाशय और ओवरी दोनों स्वस्थ रहेंगे. इसके अलावा इनमें कैल्शियम और विटामिन भी पाए जाते हैं, जो गर्भाशय के फाइब्रॉयड्स को दूर करता है.
ग्रीन टी
ग्रीन टी एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होता है, जिससे न सिर्फ यूट्रस मजबूत होता है बल्कि इससे आप कई अन्य समस्याओं से भी बच सकती हैं.
मछली
मछली में ओमेगा 3 फैटी एसिड होता है. इससे महिलाओं में उन प्रोस्टाग्लैंडिंस का निर्माण कम होता है जो कि महिलाओं में गर्भाशय के संकुचन के लिए जिम्मेदार होते हैं.
कैस्टर ऑयल
इसमें मौजूद रिकोनोलेयिक एसिड ओवरी में बनने वाले सिस्ट और गर्भाशय के फाइब्रोइड्स को ठीक करता है और शरीर के इम्यून सिस्टम को भी मजबूत करता है.
बेरी
बेरी में ऐसे एंटीआक्सीडेंट पाए जाते हैं जो ओवरी को फ्री रेडिकल्स से बचाने का काम करते हैं. यह ओवरी और गर्भाशय को कई तरह की दिक्कतों से बचाता है. इसके आप सलाद के रूप में डाइट में शामिल कर सकती हैं.
योग भी है मददगार
रोजाना गर्भासन करने से न सिर्फ यूट्रस की कमजोरी दूर होती है बल्कि इससे आप बच्चेदानी में होने वाली अन्य समस्याओं से भी बची रहती हैं. इसके लिए सबसे पहले पद्मासन की मुद्रा में बैठ जाएं. इसके बाद अपने हाथों को जांघ व पिंडलियों के बीच से फंसाकर कोहनियों तक बाहर निकालें. फिर दोनों कोहनियों को मोड़ते हुए घुटनों को ऊपर की ओर उठाएं. शरीर को संतुलित रखते हुए दोनों हाथों से दोनों कान को पकड़ें. शरीर का पूरा भार नितंब पर डालें और 5 मिनट तक इसी स्थिति में बैठी रहें. इसके बाद धीरे-धीरे समान्य हो जाएं.
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