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डॉक्टर अक्सर गर्भवती महिलाओं को व्रत न रखने की सलाह देते हैं। व्रत के दौरान डिहाइड्रेशन, थकान, कमजोरी आदि की समस्याएं हो सकती हैं। गर्भवती महिला के साथ उसके गर्भ में पल रहे शिशु की सेहत पर भी इसका असर हो सकता है। लेकिन अगर फिर भी गर्भवती महिलाएं व्रत रखना चाहती हैं तो कोशिश करें कि पूरे नौ दिनों तक व्रत न रखें।
गर्भावस्था में पूजा पाठ करने के फायदे, प्रेगनेंसी में पूजा पाठ करने फायदे, गर्भवती महिला को पूजा पाठ क्यों करना चाहिए, प्रेगनेंसी में भगवान को याद करने के फायदे
धर्म ग्रंथो में सभी रिश्तों के बारे में बताया गया है लेकिन उसमे सबसे अनोखा, प्यारा, और मजबूत रिश्ता माँ और उसके बच्चे का होता है। क्योंकि एक माँ अपने खून से सींच कर एक नन्ही जान को इस दुनिया में लाती है। और शिशु भी सबसे पहले केवल अपनी माँ के अहसास को ही महसूस करता है। और माँ जो भी करती है, जो भी खाती है, जो भी सुनती है गर्भ में शिशु भी उसे महसूस करता है। ऐसे में महिला को शिशु की बेहतर परवरिश के लिए और प्रेगनेंसी के दौरान अपने आप को स्वस्थ रखने के लिए पूजा करना चाहिए, क्योंकि पूजा पाठ से मन को शांति मिलती है, जो की गर्भवती महिला के स्वस्थ रहने के लिए सबसे जरुरी होती है।
इसके अलावा प्रेगनेंसी में पूजा पाठ करने से और भी फायदे मिलते हैं, तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की वो फायदे कौन से हैं।
तनाव से राहत मिलती है
प्रेगनेंसी के दौरान तनाव गर्भपात का कारण बनने के साथ शिशु के शारीरिक और मानसिक विकास में कमी का कारण हो सकता है। लेकिन यदि आप पूजा पाठ करती है तो इससे आपको मानसिक रूप से फ्रेश महसूस होता है बुरे विचार आपके मन में नहीं आते हैं। जिससे प्रेगनेंसी के दौरान तनाव से बचने में आपको मदद मिलती है और आप स्वस्थ रहती है जिससे शिशु को भी स्वस्थ रहने में फायदा होता है।
मूड अच्छा रहता है
चिड़चिड़ापन होना, गुस्सा आना, प्रेगनेंसी के दौरान आम बात होती है और इसका कारण शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव होते हैं। लेकिन यदि आप पूजा पाठ करती है तो इससे आपको गुस्सा, चिड़चिड़ापन जैसी समस्या से बचाव करने में मदद मिलती है, और आपका मूड अच्छा रहता है जिससे आपको प्रेगनेंसी के दौरान ख़ुशी के साथ गर्भ में शिशु के साथ होने वाले हर अनुभव का आनंद लेने में मदद मिलती है।
स्वास्थ्य बेहतर रहता है
यदि आप पूजा पाठ करते हैं तो आपका हर काम में मन लगता है, जिससे आपको प्रेगनेंसी के दौरान अपनी बेहतर तरीके से केयर करने में मदद मिलती है। और आप अपने खान पान और अपनी सेहत का अच्छे से ध्यान रखते हैं जिससे प्रेगनेंसी के दौरान आपको स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानियों से बचाव में भी मदद मिलती है।
मन शांत रहता है
प्रेगनेंसी के दौरान बहुत सी बातें मन में चलती रहती है, जैसे की गर्भावस्था में होने वाली समस्याओं से जुडी, शिशु के विकास से सम्बंधित आदि, जिसके कारण महिला अपना अच्छे से ख्याल नहीं रख पाती है। और यदि महिला थोड़ी देर अपना ध्यान पूजा पाठ में लगाती है तो इससे उसके मन को शांति मिलती है, और मन में चल रहे सवालों से राहत भी मिलती है। और मन शांत होता है तो इससे महिला और शिशु दोनों ही स्वस्थ रहते हैं।
शिशु का बेहतर होता है विकास
अभिमन्यु के बारे में आपने सुना होगा की गर्भ से ही उसमे अपनी माँ से शिक्षा लेना आरम्भ कर दिया था। उसी तरह आपका शिशु भी गर्भ में आपके द्वारा की गई बातों को सुनता है, ऐसे में आपके पूजा पाठ करने से गर्भ में पल रहे शिशु के मानसिक विकास को बढ़ाने और उसके दिमाग को तेज करने में मदद मिलती है।
तो यह हैं कुछ खास फायदे जो गर्भवती महिला को पूजा पाठ करने से मिलते है, और यह फायदे प्रेगनेंसी के दौरान आने वाली बहुत सी परेशानियों का समाधान करने में मदद करते हैं। इसीलिए यदि आप भी प्रेग्नेंट है तो थोड़ी देर आपको भी पूजा पाठ करना चाहिए।
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