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डॉक्टर ने प्रसव की अनुमानित तिथि (एक्सपेक्टेड डेट ऑफ डिलीवरी) या फिर ईडीडी करके देय तिथि है।

Edd (एक्सपेक्टेड डेट ऑफ़ डिलीवरी) kya hai

एक्सपेक्टेड डेट ऑफ़ डिलीवरी (ईडीडी) वह तारीख है जिस तारीख को लेबर की सहज शुरुआत होने की उम्मीद होती है। अंतिम मासिक धर्म (LMP या लास्ट मेनुस्ट्रउल पीरियड) के पहले दिन में 280 दिन (9 महीने और 7 दिन) जोड़कर इस तारीख का अनुमान लगाया जा सकता है। जिन महिलाओं को नियत समय पर पीरियड्स और ओव्ल्युशन होता है, यह उनकी डिलीवरी का लगभग सटीक अनुमान हो सकता है। हालांकि इसमें 1-2 हफ्ते ऊपर नीचे होने की गुंजाइश हमेशा बनी रहती है।

प्रसव की संभावित तारीख ज्ञात करने का तरीका

EDD गर्भावस्था कैलकुलेटर बच्चा पैदा होने का समय पता करने में मदद करता है, जैसे कि जन्म पूर्ण अवधि पर होने है (40 हफ्ते ), अवधि से पहले (37 हफ्ते ) या अवधि के बाद (40 हफ़्तों के बाद )| लगभग सभी मामलों में बच्चे ईडीडी से 2 हफ्ते पहले या बाद ही जन्म ले लेते हैं | सिर्फ 4 से 5 प्रतिशत बच्चे ईडीडी अथवा संभावित तिथि पर पैदा होते हैं | यह तरीका उन महिलाओं के लिए कारगर है जिनको समय पर माहवारी आती रहती है | परन्तु यदि माहवारी असामयिक होती है तो इस तरीके से गलत तिथि निकलने की सम्भावना बहुत अधिक बढ़ जाती हैं | यदि पिछली माहवारी की सटीक तिथि ना पता हो उस स्थिति में इस तरीके से गलत तिथि निकलने की सम्भावना बनी रहती है |

EDD गर्भावस्था कैलकुलेटर use krne ka treeka

इंटरनेट पर मौजूद ईडीडी कैलकुलेटर एक आसान सा यन्त्र है जिससे आप फटाक से जानकारी प्राप्त कर सकती हैं | यहाँ संभावित तिथि जानने के लिए दो तरीकों का इस्तेमाल आमतौर पर होता है :

1. LMP से कैलकुलेशन करने वाले कैलकुलेटर

एलएमपी द्वारा एक्सपेक्टेड डेट ऑफ़ डिलीवरी की गणना अंतिम मासिक धर्म के पहले दिन में 280 दिन (40 सप्ताह) जोड़कर की जाती है। एलएमपी द्वारा गर्भधारण की गणना अंतिम मासिक धर्म के पहले दिन से की जाती है।

2. नैगेले के नियम (Naegele’s rule)

नेगेले का नियम भी एक्सपेक्टेड डेट ऑफ़ डिलीवरी की गणना करने वाले कैलकुलेटर में इस्तेमाल होता है। यह भी आखिरी मासिक धर्म के पहले दिन के आधार पर एक महिला की डिलीवरी की नियत तारीख बताता है। महिला के पिछले मासिक धर्म के पहले दिन में 9 महीने और 7 दिनों को जोड़कर डिलीवरी का अनुमान लगाया जाता है। इसे देखने का एक और तरीका यह है कि आखिरी मासिक धर्म के पहले दिन की तारीख में सिर्फ एक साल जोड़ा जाए, फिर 3 महीने घटाएं और फिर उसमें 7 दिन जोड़ दें।

3. CRL(क्राउन to रम्प लेंथ) द्वारा एक्सपेक्टेड डेट ऑफ़ डिलीवरी जानना

इसका उपयोग डॉक्टर करते हैं और यह अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट के आधार पर बच्चे की जेस्टेशनल उम्र बताता है। अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में बच्चे की सिर से लेकर पैरों तक की लम्बाई के आधार पर डॉक्टर डिलीवरी की डेट का अंदाजा लगा सकते हैं।

डिलीवरी की तारीख आगे-पीछे भी हो सकती है

बिल्कुल, कोई भी तरीका पूरी सटीक डेट नहीं बता सकता। एक्सपेक्टेड डेट ऑफ़ डिलीवरी हमेशा एक अनुमानित तिथि होती है। लेबर इस डेट के आस-पास शुरू हो सकता है, कई बार डॉक्टर किसी तरह की समस्या देखते हैं तो एक्सपेक्टेड डेट ऑफ़ डिलीवरी से पहले सी-सेक्शन की सलाह दे सकते हैं।

कुल मिलाकर EDD गर्भावस्था कैलकुलेटर बच्चे के जन्म का अंदाजा लगाने में बहुत मददगार होते हैं, इन्हें आप खुद एप्स के माध्यम से इस्तेमाल कर सकती हैं। EDD गर्भावस्था कैलकुलेटर के जरिए आप ये भी अनुमान लगा सकती है कि आपकी गर्भावस्था का यह कौन सा माह चल रहा है, यह जानकारी आपको समय पर डॉक्टरी जांच में मदद करती है। इसलिए, EDD गर्भावस्था कैलकुलेटर एक महत्वपूर्ण प्रेगनेंसी ट्रैकर टूल माना जाता है।

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