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गर्भावस्था में मुझे कितनी मात्रा में आयरन की जरुरत होती है?
गर्भाधान से पहले आयरन का रिकमेंडेड डायटरी एलाउंस (आरडीए) 30 मि.ग्रा. है। गर्भवती महिलाओं के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) रोजाना 30 से 60 मि.ग्रा. आयरन अनुपूरण की सलाह देता है।

मुझे गर्भावस्था में ज्यादा आयरन की आवश्यकता क्यों है?
आयरन एक जरुरी पोषक तत्व है, जो ऑक्सीजन को पूरे शरीर में पहुंचाने में रक्त कोशिकाओं की मदद करता है।

गर्भावस्था के दौरान आपको शिशु के विकास को सहारा देने के लिए और अधिक आयरन की जरुरत होती है। यदि आपको पर्याप्त आयरन न मिले तो आपके हीमोग्लोबिन का स्तर घट जाएगा और इससे आपको आयरन की कमी वाला एनीमिया हो सकता है।

भारत में बहुत सी महिलाएं शाकाहारी हैं और शाकाहारी आहार में आमतौर पर आयरन की मात्रा कम होती है। शायद इसीलिए भारतीय महिलाओं में आयरन की कमी या एनीमिया दुनियाभर में सबसे अधिक है। इसका मतलब यह भी है कि बहुत सी महिलाओं में गर्भावस्था की शुरुआत में पर्याप्त आयरन संग्रह नहीं होता।

सर्वेक्षणों में पता चलता है कि भारत में 10 में से छह गर्भवती महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं। कुछ अनुमान के अनुसार एनीमिया का यह आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा है।

गर्भावस्था में आयरन की कमी वाले एनीमिया से आपको सामान्य से ज्यादा थकान महसूस हो सकती है। इससे कुछ जटिलताओं का खतरा भी बढ़ जाता है, जैसे:

गर्भावधि (जैस्टेशनल) उम्र के हिसाब से छोटा शिशु होना
समय से पहले शिशु का जन्म होना (प्रीमैच्योर)
आपका कम जन्म वजन शिशु

गर्भावस्था में मुझे कितनी मात्रा में आयरन की जरुरत होती है?
गर्भाधान से पहले आयरन का रिकमेंडेड डायटरी एलाउंस (आरडीए) 30 मि.ग्रा. है। गर्भवती महिलाओं के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) रोजाना 30 से 60 मि.ग्रा. आयरन अनुपूरण की सलाह देता है।

चूंकि, भारत में एनीमिया बहुत आम है, इसलिए भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और स्वास्थ्य मंत्रालय सभी गर्भवती महिलाओं को आयरन सप्लीमेंट लेने की सलाह देते हैं। इस सप्लीमेंट में 0.5 मि.ग्रा. फॉलिक एसिड के साथ 100 मि.ग्रा. तात्विक (एलीमेंटल) आयरन होती है।

पहली प्रसवपूर्व पहली जांच के दौरान डॉक्टर आपको हीमोग्लोबिन के स्तर का पता लगाने के लिए खून की जांच कराने को कहेंगी।

यदि आपका हीमोग्लोबिन का स्तर सही भी हुआ, तो भी आपको दूसरी तिमाही की शुरुआत से रोजाना आयरन अनुपूरक लेने होंगे। इससे गर्भावस्था के बढ़ने पर एनीमिया विकसित होने से बचाव ​होगा।

आपको गर्भावस्था के अंत तक और स्तनपान के दौरान भी आयरन अनुपूरक लेना जारी रखना होगा।

यदि उपचार न ​कराया जाए तो एनीमिया शिशु के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। डॉक्टर प्रेगनेंसी के दौरान आपके आयरन के स्तर पर नजर रखेंगी। यदि आपको आयरन की कमी वाला गंभीर एनीमिया हो, जिसका उपचार आयरन की गोलियों से न हो सके या तुरंत उपचार की आवश्यकता हो तो वे आपको इंजेक्शन या ड्रिप के जरिये आयरन लेने की सलाह देंगी।

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