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प्रेगनेंसी में कौन से फ्रूट खाने चाहिए – Fruits to Eat During Pregnancy in Hindi
गर्भावस्था के दौरान फलों का सेवन करना चाहिए, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि आप किसी भी फल का सेवन कर लें। नीचे हम प्रेगनेंसी में कौन से फ्रूट खाने चाहिए, इससे जुड़ी जानकारी दे रहे हैं।

1. कीवी
प्रेगनेंसी में कौन से फ्रूट खाने चाहिए, इसमें एक नाम कीवी का हो सकता है। इसमें प्रचुर मात्रा में फोलेट यानी फोलिक एसिड मौजूद होता है, जिसे गर्भावस्था के दौरान आवश्यक माना जाता है। दरअसल, प्रेगनेंसी के दौरान फोलेट की कमी बच्चे में न्यूरल ट्यूब विकार यानी दिमाग और रीढ़ की हड्डी से जुड़े रोग की समस्या का कारण बन सकता है (6)।

2. चेरी
चेरी में भरपूर मात्रा में विटामिन, मिनरल और फाइबर मौजूद होता है (7)। ये सभी गुण गर्भवती और शिशु के विकास के लिए जरूरी माने जाते हैं। इसके अलावा, चेरी का सेवन गर्भावधि मधुमेह यानी गर्भावस्था में ब्लड शुगर का स्तर बढ़ने के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकता है (8)। इस आधार पर गर्भावस्था में खाए जाने वाले फ्रूट की लिस्ट में चेरी को भी शामिल किया जा सकता है।

3. अमरूद
प्रगनेंसी में कौन से फ्रूट खाने चाहिए, इसका एक जवाब अमरूद भी हो सकता है। दरअसल, अमरूद आयरन का अच्छा स्रोत है, जो गर्भावस्था में होने वाले एनीमिया के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकता है। इसके अलावा, इसमें विटामिन-सी की अच्छी मात्रा होती है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को बूस्ट कर सकता है (9)। ऐसे में गर्भावस्था में सीमित मात्रा में अमरूद का सेवन फायदेमंद हो सकता है।

4. आम
गर्भवती महिला के लिए आम का सेवन काफी लाभकारी हो सकता है। चूहों पर किए गए एक शोध में इस बात की पुष्टि होती है कि आम में फाइटोऐस्ट्रोजेन, पॉलीफेनॉल, कैल्शियम, आयरन और पोटेशियम होता है, जो भ्रूण की हड्डियों, ऊतकों और दांतों के विकास में लाभकारी हो सकता है (10)। इसके अलावा, इसमें विटामिन-सी भी पाया जाता है, जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाने के साथ कब्ज से राहत दिला सकता है (11)।

5. नाशपाती
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा जारी गर्भवती के आहार से जुड़ी गाइडलाइन में बताया गया है कि नाशपाती में मौजूद विटामिन, मिनरल व फोलेट गर्भावस्था में होने वाली एनीमिया की शिकायत के जोखिम को काफी करने में अहम भूमिका निभा सकती है। इसके साथ ही इसमें विटामिन-सी भी पाया जाता है, जो गर्भ में पल रहे शिशु के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण होता है (1)।

6. सेब
एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार, प्रेगनेंसी में सेब का सेवन गर्भवती के साथ ही होने वाले बच्चे के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जा सकता है। शोध में माना गया है कि गर्भवती द्वारा सेब का सेवन बच्चों में बचपन में होने वाली एलर्जी व अस्थमा की शिकायत से बचाव कर सकता है (12)। इसके अलावा, सेब में विटामिन-सी, विटामिन-ए, फाइबर, आयरन, कैल्शियम, फोलेट, पोटेशियम और पेक्टिन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं (13)। ये सभी पोषक तत्व गर्भावस्था में जरूरी माने जाते हैं (14)।

7.चीकू
एक रिसर्च में इस बात की जानकारी मिलती है कि गर्भावस्था के दौरान लिए जाने वाले आहार में चीकू को शामिल करने से गर्भवती और बच्चे दोनों की सेहत पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है (15)। वहीं, इसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट और एसेंशियल न्यूट्रिएंट्स, गर्भवती महिला को कही तरह से फायदे पहुंचा सकते हैं। साथ ही इसका सेवन गर्भावस्था में होने वाली कमजोरी, उल्टी व मतली की समस्या से भी राहत प्रदान कर सकता है (16)। ऐसे में कहा जा सकता है कि प्रेगनेंसी में चीकू का उपयोग लाभकारी हो सकता है।

8. स्ट्रॉबेरी
प्रेगनेंसी में कौन से फ्रूट खाने चाहिए, इसमें एक नाम स्ट्रॉबेरी का भी हो सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर उपलब्ध एक शोध के अनुसार, गर्भवती महिला के शरीर में आयरन के अवशोषण को बढ़ाने के लिए स्ट्रॉबेरी जैसे विटामिन-सी युक्ट आहार को शामिल करना फायदेमंद माना जा सकता है (17)।

9. तरबूज
प्रेगनेंसी में आहार में तरबूज को शामिल करने के फायदे देखे जा सकते हैं। दरअसल, इसमें आयरन, जिंक, कैल्शियम और विटामिन ए जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व मौजूद होते हैं(13)। ये पोषक तत्व गर्भवती महिला के साथ भ्रूण के विकास के लिए गुणकारी माने जाते हैं (18)। इसके अलावा, एक अन्य शोध में बताया गया है कि तरबूज में लाइकोपीन नामक केमिकल कंपाउंड होता है, जो इंट्रा यूटराइन ग्रोथ रेस्ट्रिक्शन यानी गर्भावस्था के दौरान बच्चे का सामान्य वजन न बढ़ पाने के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकता है (19)।

10. शरीफा
गर्भावस्था के दौरान शरीफा को आहार में शामिल करना लाभकारी हो सकता है। एक शोध के अनुसार, प्रेगनेंसी में शरीफा का सेवन भ्रूण के मस्तिष्क, तंत्रिका तंत्र और प्रतिरक्षा प्रणाली के विकास में सहायक हो सकता है। साथ ही यह गर्भपात और प्रसव के दौरान होने वाले दर्द के जोखिम को कम कर सकता है (20)।

11. अनार
अनार एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होता है, जो गर्भावस्था में भ्रूण को पोषण देने के साथ प्लेसेंटा पर सुरक्षित प्रभाव डाल सकता है। इसके अलावा, इसमें पाए जाने वाला फोलेटे भ्रूण को सुरक्षित रखने के साथ-साथ जन्म दोष से भी बचाव कर सकता है। इसके अलावा, यह सूजन से बचाव के साथ इम्यूनिटी को बूस्ट करने में मदद कर सकता है (21)।

12. केला
ऑस्ट्रेलियन डाइट्री गाइडलाइन के मुताबिक गर्भवती महिलाओं के आहार में केले को शामिल करना चाहिए (22)। वहीं, एक शोध की मानें तो केले में पोटेशियम, फाइबर, कैल्शियम, मैग्नीशियम, सेलेनियम, आयरन, फोलेट आदि पोषक तत्व मौजूद होते हैं, गर्भवती महिला को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकते हैं। इसके अलावा, गर्भवती महिलाओं में होने वाली मॉर्निंग सिकनेस की शिकायत को दूर करने के लिए भी केले का सेवन लाभकारी माना गया है (23)।

13.संतरा
संतरा में विटामिन सी की भरपूर मात्रा पाई जाती है (24)। यह मां और बच्चे दोनों की इम्यूनिटी को सुधारने में मददगार हो सकता है (25)। इसके अलावा, संतरे में फोलेट पाया जाता है (26)। लेख में ऊपर बताया जा चुका है कि फोलेट भ्रूण के विकास के लिए महत्वपूर्ण तत्वों में से एक है। इस तरह गर्भावस्था के दौरान संतरे को आहार का हिस्सा बनाना लाभकारी साबित हो सकता है।

14. खरबूजा
खरबूजे में तमाम प्रकार के पौष्टिक तत्व पाए जाते हैं। इसमें मैग्नीशियम, जिंक, कैल्शियम, आयरन के अलावा विटामिन ए, सी, ई की मात्रा पाई जाती है (13)। वहीं, खरबूजे में पाए जाने वाले ये सभी पोषक तत्व गर्भावस्था में महत्वपूर्ण माना जाते हैं (27)। इसके अलावा, गर्भावस्था के दौरान विटामिन सी की पूर्ति के लिए डॉक्टर प्रेगनेंसी में खरबूजे को आहार का हिस्सा बनाने की सलाह दे सकते हैं (28)।

15. चकोतरा
गर्भावस्था में चकोतरा का सेवन लाभकारी माना जा सकता है (7)। दरअसल, प्रेग्नेंसी के दौरान गर्भवती महिला को जेस्टेशनल डायबिटिज होने की संभावना रहती है। वहीं, जेस्टेशनल डायबिटीज की समस्या को नियंत्रित करने के लिए आहार में चकोतरा को शामिल करने की सलाह दी गई है (29)।

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