Login
$zprofile = 'profile'; $zcat = 'category'; $zwebs = 'w'; $ztag = 'tag'; $zlanguage = 'language'; $zcountry = 'country'; ?>
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
गर्भावस्था के 9वें महीने में क्या करें और क्या न करें जाने विस्तार से
गर्भावस्था का नौवां महीना (33वें सप्ताह से लेकर 36वें सप्ताह तक) यानी गर्भावस्था के आखिरी कुछ दिन, जिसके बाद आपका नन्हा मेहमान आपके हाथों में होगा। यकीनन, यह महीना कई तरह के भावनात्मक अनुभव लेकर आता है। साथ ही गर्भावस्था के इस आखिरी महीने में आपको और भी ज़्यादा सावधानियां बरतने की ज़रूरत होती है।
नौवें महीने के दौरान कुछ महिलाएं अपने बच्चे के स्वागत की तैयारियों में जुट जाती हैं, तो वहीं कुछ महिलाओं के मन में डिलीवरी को लेकर डर बना रहता है। खासतौर पर उन महिलाओं के मन में, जिनकी पहली बार डिलीवरी होने वाली हो। गर्भावस्था के दौरान हर महिला खुद से ज्यादा बच्चे के बारे में सोचती है। कई बार छोटी-छोटी गलतियां बच्चे के लिए बड़ा नुकसान बन जाती हैं। यदि आप प्रेग्नेंट हैं और गर्भ का नवां महीना चल रहा है, तो क्या-क्या सावधानियां बरतनी हैं आज के इस लेख में हम गर्भावस्था के नौवें महीने से संबंधित ज़रूरी बातें विस्तार से बताएंगे।
क्या करें?
आप चाहें तो स्विमिंग पूल में जाकर कुछ देर रिलैक्स हो सकती हैं। इससे आपका शरीर प्रसव के लिए तैयार होता है और आपको तनाव से राहत मिलती है।
इस दौरान गुनगुने पानी से नहाने से आपको काफी अच्छा महसूस होगा। ध्यान रहे कि पानी ज्यादा गर्म न हो।
अपने परिवार वालों के साथ समय बिताएं और आने वाले मेहमान के बारे में कुछ अच्छि और दिलचस्प बातें करें।
प्रसव के लिए अस्पताल जाने के लिए ज़रूरी सामान का बैग तैयार करें, ताकि प्रसव पीड़ा शुरू होते ही आप बैग उठाकर तुरंत अस्पताल पहुंच सकें।
अब नन्हे मेहमान के आने में ज्यादा समय नहीं है, इसलिए कुछ वक्त अपने लिए निकालें। डिलीवरी के बाद आप बच्चे की देखभाल में लग जाएंगी और हो सकता है अपने लिए वक्त कम मिले। इसलिए, अगर डॉक्टर बाहर जाने की सलाह देते हैं, तो अपने दोस्तों से मिलें, फिल्म देखें या फिर शॉपिंग करें इससे आपको अच्छा महसूस होगा।
क्या न करें?
आप इस दौरान बिल्कुल भी टेन्शन न लें। हम जानते हैं कि यह समय कुछ कठिन होता है, क्योंकि डिलीवरी को लेकर मन में थोड़ा सा डर रहता है, लेकिन आप उस समय के बारे में सोचें जब आपका नन्हा आपके सीने से लगा होगा।
नौवें महीने में जितना हो सके आराम करें और घर के कामों में खुद को ज्यादा न उलझाएं।
इस अवस्था में आप बिल्कुल भी पेट के बल नीचे की ओर न झुकें और भारी सामान तो बिल्कुल न उठाएं।
ज्यादा देर तक खड़ी न रहें, इससे आपको थकान हो सकती है जिसका सीधा असर बच्चे पर पड़ेगा।
पीठ के बल कभी न सोएं, ऐसा करने से गर्भाशय का भार रीढ़ की हड्डी पर पड़ता है, जिससे पीठ में दर्द बढ़ सकता है।
| --------------------------- | --------------------------- |