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प्रेगनेंसी में डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?
आपके और गर्भ में पलते शिशु के स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है कि गर्भावस्था की शुरुआत में जल्द से जल्द डॉक्टर को दिखा लिया जाए। चाहे आप पहले भी शिशु को जन्म दे चुकी हों, फिर भी हर गर्भावस्था अलग होती है इसलिए गर्भावस्था का पता चलने पर आपको जल्दी ही डॉक्टर से मिलें।
माहवारी चूकने के बाद घर पर गर्भावस्था जांच (होम प्रेगनेंसी टेस्ट) करने में बहुत ज्यादा देर न करें। अधिकांश प्रेगनेंसी टेस्ट माहवारी चूकने के समय तक गर्भावस्था हॉर्मोन एचसीजी की मौजूदगी का पता लगा लेते हैं।
अगर आपकी माहवारी अनियमित रहती है, इसलिए अलग-अलग समय पर माहवारी आने की वजह से आपको शायद इसमें देरी का पता नहीं चल पाएगा। ऐसे मामलों में गर्भावस्था के अन्य लक्षणों जैसे कि मिचली, स्तनों में दर्द, बार-बार पेशाब आना या स्वाद व गंध में बदलाव आना आदि पर ध्यान दें। अगर आपको गर्भावस्था के आम लक्षणों में से कुछ महसूस हो रहे हैं, तो घर पर गर्भावस्था जांच करें।
बेहतर है कि गर्भावस्था का पता चलने पर आप 8 सप्ताह की गर्भावस्था से पहले ही डॉक्टर को दिखा लें। अगर आपका माहवारी चक्र 28 दिनों का है, तो माहवारी चूकने के समय तक आप पहले से ही गर्भावस्था के 5वें सप्ताह में होंगी। ऐसा इसलिए क्योंकि गर्भावस्था की गणना पिछली माहवारी के पहले दिन से की जाती है। इसलिए आपकी पिछली माहवारी वाला सप्ताह प्रेगनेंसी का पहला सप्ताह माना जाएगा। जब दोबारा आपकी माहवारी का समय आएगा तो आपकी गर्भावस्था के चार सप्ताह पूरे हो चुके होंगे।
गर्भावस्था की गणना आखिरी बार की माहवारी से की जाती है क्योंकि यह जानना नामुमकिन है कि वास्तव में गर्भाधान कब हुआ।
गर्भावस्था का पता चलने पर मुझे जल्द ही डॉक्टर से क्यों मिलना चाहिए?
घर पर गर्भावस्था जांच में पॉजिटिव परिणाम आने पर जब आप डॉक्टर के पास मिलने जाती हैं, तो वे निम्न बातों पर ध्यान देंगे:
आपके प्रसव की अनुमानित तिथि (ड्यू डेट) की गणना करेंगे और देखेंगे कि आपकी गर्भावस्था के कितने सप्ताह निकल चुके हैं।
आपकी परिवारिक, व्यक्तिगत या उम्र संबंधी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में पता करना, जिससे गर्भावस्था में खतरा पैदा हो सकता हो।
बहुत से टेस्ट करवाने को कहेंगी जिससे गर्भावस्था की पुष्टि होने के साथ-साथ संभावित स्वास्थ्य संबंधी खतरों का पता चल सके।
आपको प्रसवपूर्व अनुपूरक (प्रीनेटल सप्लीमेंट्स) के बारे में बताना, जो आपको गर्भवती होने पर तुरंत लेना शुरू करना चाहिए।
यह देखना कि आपकी ग्रीवा बंद है। गर्भावस्था की शुरुआत में ग्रीवा (गर्भाशय की गर्दन-सर्विक्स) गाढ़े श्लेम से बंद हो जाती है, जिससे श्लेम डाट बनता है। यह श्लेम डाट आपके गर्भाशय को बंद कर देता है ताकि बैक्टीरिया, फंगस या कोई भी अन्य चीज योनि से गर्भाशय में प्रवेश न कर सके। यह श्लेम डाट आमतौर पर डिलीवरी का समय नजदीक आने तक ग्रीवा में लगा रहता है।
अगर आपकी गर्भावस्था के छह सप्ताह हो चुके हैं, तो डॉक्टर शिशु के दिल की धड़कन सुनने के लिए भी जांच कर सकती हैं।
गर्भावस्था में मुझे किस डॉक्टर को दिखाना चाहिए?
गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की देखभाल और डिलीवरी करवाने में विशेषज्ञ डॉक्टर को प्रसूती विशेषज्ञ (ऑब्सटेट्रिशियन) कहा जाता है। स्त्री रोग विशेषज्ञ (गायनेकोलॉजिस्ट) वे डॉक्टर होती हैं, जो महिलाओं के सामान्य प्रजनन और यौन स्वास्थ्य की जांच व इलाज करती हैं।
अधिकांश ऑब्सटेट्रिशियन डॉक्टर के नाम के आगे उनकी योग्यता (ऑब्सटेट्रिशियन, गायनेकोलॉजिस्ट) लिखा होता है, जो यह दर्शाता है कि ये डॉक्टर दोनों ही क्षेत्र की विशेषज्ञ हैं। अगर आप ऐसी डॉक्टर से जांच करवाती हैं जो केवल गायनेकोलॉजिस्ट हैं, तो गर्भवती होने पर आपको ऐसी डॉक्टर को दिखाना होगा जो ऑब्सटेट्रिशियन भी हो।
डॉक्टर का चयन करते समय किन बातों क्यों ध्यान में रखना चाहिए?
स्वस्थ गर्भावस्था और स्वस्थ शिशु पाने के लिए अच्छी डॉक्टर का चयन करना बहुत जरुरी है। डॉक्टर वह इंसान होंगी, जो पूरी गर्भावस्था और प्रसव के दौरान आपकी मदद करेंगी। इसलिए, यह जरुरी है कि आप उनके साथ सहज महसूस करें। नीचे कुछ सुझाव दिए गए हैं, जो आपको अपनी डॉक्टर के चयन में मदद कर सकते हैं:
आप जान-पहचान वाली, अनुभवी और प्रतिष्ठित डॉक्टर का चयन करें। उनके विशिष्ट कार्यक्षेत्र और अनुभव के बारे में पता करें।
यह अवश्य देखें कि डॉक्टर से मिलना कितना सुगम है। अच्छी डॉक्टर हमेशा व्यस्त ही रहती हैं, मगर वे इतनी भी व्यस्त न हों कि आपके सवालों का जवाब भी न दे पाएं।
आपको डॉक्टर से सवाल पूछने में हिचकिचाहट या डर महसूस नहीं होना चाहिए। ऐसी डॉक्टर चुनें जिनसे आप सहजता से अपनी बात साझा कर सकें और सवाल पूछ सकें।
डॉक्टर का क्लिनिक या अस्पताल आपके घर से ज्यादा दूर नहीं होना चाहिए।
डॉक्टर के परामर्श शुल्क और डिलीवरी के शुल्क का पहले ही पता कर लें। साथ ही यह भी यह जानकारी भी लें कि चयनित डॉक्टर जिस अस्पताल में काम करती हैं, वह आपकी बीमा योजना के तहत आता है या नहीं।
आपको डॉक्टर पर विश्वास होना चाहिए कि वे आपको स्वस्थ गर्भावस्था और शिशु के लिए सभी जरुरी सलाह देंगी।
अगर, आप पहली मुलाकात में इस डॉक्टर के साथ सहज महसूस न करें, तो किसी दूसरी डॉक्टर से मिलें। बात आपके स्वास्थ्य और आपके शरीर से जुड़ी है, तो आपका संतुष्ट होना बहुत जरुरी है।
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