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गर्भावस्था में सामान्य से ज्यादा गैस हो सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि आपके शरीर में गर्भावस्था हॉर्मोन प्रोजेस्टीरोन का स्तर बहुत ज्यादा होता है। इसकी वजह से पूरे शरीर में मुलायम मांसपेशीय उत्तक शिथिल हो जाते हैं। इनमें पाचन में मदद करने वाली मांसपेशियां भी शामिल हैं।
किन खाद्य पदार्थों के सेवन से गैस और पेट फूलने की संभावना रहती है?
जब बड़ी आंत (मलाशय) में बैक्टीरिया हजम न हुए भोजन को पचाने का काम करते हैं, तो इस क्रिया में गैस की उपज होती है। यह सामान्य है।
हालांकि, कुछ लोगों का पाचन तंत्र संवेदनशील होता है या उसे कुछ भोजनों को पचाने या अवशोषित करने में मुश्किल होती है। जिन भोजनों में कुछ विशिष्ट कार्बोहाइड्रेट्स और शर्करा ज्यादा होती है, उन्हें फोडमैप (FODMAP) कहा जाता है। इनकी वजह से कुछ लोगों को पेट दर्द या फुलावट हो सकती है।
फोडमैप का मतलब होता है:
फर्मेंटेबल (किण्वन योग्य) - जो भोजन आंत में जाकर किण्वित (फर्मेंट) हो सकते हैं
ओलिगोसैकेराइड - साधारण शर्करा (शुगर) की एक छोटी शृंखला
डाइसैकेराइड - जिनमें साधारण शर्करा के दो अणु (मॉलिक्यूल) आपस में जुड़े होते हैं
मोनोसैकेराइड - शर्करा का साधारण अणु (मॉलिक्यूल)
एंड
पॉलिआल - शुगर एल्कोहॉल (इसका मादक पेयों से कोई संबंध नहीं है)
जिन फलों और सब्जियों में फोडमैप ज्यादा होता है, उनमें शामिल हैं:
सेब
खुबानी
हरी गोभी
फूल गोभी
लहसुन
मटर
आम
खुम्ब (मशरूम)
प्याज
आड़ू
नाशपती
सूखे आलूबुखारे (प्रून)/मुनक्का
तरबूज
चेरी
कुछ दाल-दलहन और बीन्स जैसे छोले, अरहर/तुअर दाल, राजमा आदि
कुछ कृत्रिम मीठे (आर्टिफिशियल स्वीटनर) जैसे सॉर्बिटोल आदि से भी गैस हो सकती है, क्योंकि इन स्वीटनर में ऐसी शर्करा होती है, जिसे पचा पाना मुश्किल है।
कुछ लोगों को ऐसे भोजनों से गैस बनती है, जिनके सेवन से कुछ अन्य लोगों को गैस की परेशानी बिल्कुल नहीं होती। उदाहरण के तौर पर गेहूं से बने उत्पादों से। लैक्टोस असहिष्णुता वाले कुछ लोगों को डेयरी उत्पाद जैसे कि दूध या आइसक्रीम आदि के सेवन के बाद फुलावट या गैस महसूस होती है। ऐसा इसलिए क्योंकि उनका शरीर पर्याप्त मात्रा में लैक्टेस नहीं बनाता है। लैक्टेस वह एंजाइम है, जो कि लैक्टॉस (डेयरी उत्पादों में मौजूद शर्करा) को हजम करने में मदद करता है।
भारी, वसायुक्त भोजन खाने के बाद भी आपको पेट फूला-फूला लग सकता है। इन भोजनों को पचने में ज्यादा समय लगता है, इसलिए पेट को खाली होने में भी समय लगता है। वसायुक्त भोजनों से गैस नहीं बनती, मगर ये पाचन क्रिया को धीमा कर सकते हैं, जिसकी वजह से आपको ज्यादा फुलावट महसूस होती है।
मलाशय में जीवाणुओं का संतुलन इस बात को प्रभावित करता है कि आपके शरीर में कितनी गैस बनती है। बदबूदार गैस का उत्पादन हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकता है और यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपने क्या भोजन खाया है। इसलिए यह आपको देखना है कि कौन से भोजन सबसे ज्यादा बदबूदार गैस पैदा करते हैं।
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