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इसे सोनोग्राफी के नाम से भी जाना जाता है। अल्ट्रासाउंड स्कैन में उच्च फ्रीक्वेंसी वाली ध्वनि तरंगें पेट के जरिये गर्भाशय में भेजी जाती हैं। ये तरंगे शिशु को छू कर वापिस आती हैं और कम्प्यूटर इन तरंगों को तस्वीर के रूप में परिवर्तित कर देता है। गर्भ में शिशु की स्थिति और हलचल के बारे में इस तस्वीर से पता चलता है।

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