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गर्भावस्था में वजन कितना होना चाहिए | Pregnancy Me Weight Kitna Hona Chahiye
इस बात में कोई दो राय नहीं है कि गर्भावस्था का दौर हर महिला के जीवन के सबसे सुखद अनुभवों में से एक होता है। इस दौरान आप कई तरह के बदलावों से गुजरती हैं। ऐसे में आपके मन में खुद की और अपने शिशु की सेहत को लेकर कई सवाल आते होंगे। क्या खाना है, कितना खाना है, कैसे खाना है आदि सवाल मन में आना सामान्य है। ऐसे में एक बड़ी चिंता अपने शरीर के वजन को लेकर पनपती है।
मॉमजंक्शन के इस लेख में हम आपको गर्भावस्था में वजन से जुड़े हर सवाल का जवाब देंगे। हम आपको बताएंगे कि आपका वजन कितना होना चाहिए। साथ ही, हम आपको यह भी बताएंगे कि गर्भावस्था में वजन पर नियंत्रण कैसे रखें।
आइए सबसे पहले जानते हैं कि गर्भावस्था में वजन कितना होना चाहिए।
गर्भावस्था में वजन कितना होना चाहिए ? | Pregnancy Me Weight Kitna Hona Chahiye
गर्भावस्था के दौरान सही वजन होना बहुत जरूरी है। इस अवस्था में आपकी और आपके शिशु की सेहत इस पर निर्भर करती है। इसीलिए, जरूरी है कि आप अपना वजन नियंत्रित रखें। गर्भावस्था में डॉक्टर एक निश्चित वजन बनाए रखने की सलाह देते हैं। इस दौरान आपका वजन कितना होना चाहिए, यह आपके गर्भधारण करने से पहले के बॉडी मास इंडेक्स पर निर्भर करता है। यहां जानिए कि बॉडी मास इंडेक्स के हिसाब से आपका वजन कितना होना चाहिए (1)।
अगर आपकी एकल गर्भावस्था (single pregnancy) है, तो आपका वजन कुछ इस प्रकार होना चाहिए:
गर्भावस्था के पहले का बॉडी मास इंडेक्स(BMI) श्रेणी कितना वजन बढ़ाएं
18.5 से कम कम वजन 13-18 किलो
18.5 से 24.9 सामान्य 11-16 किलो
25 से 29.9 ज्यादा वजन 7-11 किलो
30 या उससे ज्यादा अत्यधिक मोटापा 5-9 किलो
अगर आपकी जुड़वां गर्भावस्था (twin pregnancy) है, तो आपका वजन कुछ इस प्रकार होना चाहिए:
गर्भावस्था के पहले का बॉडी मास इंडेक्स(BMI) श्रेणी कितना वजन बढ़ाएं
18.5 से कम कम वजन 22-27 किलो
18.5 से 24.9 सामान्य 16-24 किलो
25 से 29.9 ज्यादा वजन 14-22 किलो
30 या उससे ज्यादा अत्यधिक मोटापा 11-18 किलो
हमारे गर्भावस्था वजन कैलकुलेटर की मदद से आप हर हफ्ते पता लगा सकती हैं कि आपको कितना वजन बढ़ाने या घटाने की जरूरत है।
नोट: आपके मन में यह सवाल आता होगा कि अगर आपका वजन पहले ही बढ़ा हुआ है या मोटापे से ग्रस्त हैं, तो आपको वजन बढ़ाने की सलाह क्यों दी जा रही है। इस संबंध में हम आपको बता दें कि जैसे-जैसे भ्रूण बढ़ता है, महिला के शरीर का वजन भी बढ़ता ही है। ऐसे में, आप अपने आहार में फैट और कैलोरी की मात्रा को नियंत्रित करके वजन को अधिक बढ़ने से रोक सकती हैं।
लेख के अगले भाग में हम आपको बताएंगे कि गर्भावस्था में शरीर के किस हिस्से का वजन कितना होना चाहिए।
गर्भावस्था में वजन कहां-कहां बढ़ता है
गर्भावस्था के दौरान वजन बढ़ना सामान्य बात है। जैसे-जैसे गर्भ में पल रहे भ्रूण का विकास होता है, आपका वजन बढ़ता है। यहां हम आपको बता दें कि इस दौरान सिर्फ भ्रूण नहीं, बल्कि आपका गर्भाशय, नाल और दूसरे अंग भी बढ़ते हैं, जिनके कारण आपके पूरे शरीर का वजन बढ़ता है। आइए, अब जानते हैं कि गर्भावस्था में शरीर में वजन का वितरण किस प्रकार होता है (2)।
शिशु 3.5 किलो
अपरा (Placenta) 1-1.5 किलो
एमनियोटिक फ्लूड (Amniotic fluid) 1-1.5 किलो
स्तन टिश्यू (breast tissue) 1-1.5 किलो
रक्त संचार 2 किलो
फैट 2.5-4 किलो
गर्भाशय 1-2.5 किलो
आइए, अब बात करते हैं कि गर्भावस्था में वजन कम होने के क्या नुकसान हो सकते हैं।
गर्भावस्था में वजन कम होना
गर्भावस्था में वजन अपने आप बढ़ता है, लेकिन कुछ महिलाओं का गर्भावस्था के पूर्व वजन इतना कम रहता है कि गर्भावस्था में भी आवश्यक वजन प्राप्त नहीं कर पाती हैं। ऐसे में उन्हें वजन बढ़ाने की सलाह दी जाती है। अगर उनका वजन निर्धारित वजन से कम रहे, तो उन्हें भविष्य में कुछ जटिलताओं का सामना करना पड़ सकता है। यह न सिर्फ मां को, बल्कि होने वाले शिशु के स्वास्थ को भी नुकसान पहुंचा सकता है। आइए, जानते हैं कि गर्भावस्था में वजन कम होने के क्या नुकसान हैं।
गर्भावस्था में वजन कम होने के नुकसान
अगर गर्भावस्था में आपका बॉडी मास इंडेक्स 18.5 से कम है या वजन कम है, तो आपके बच्चे को निम्नलिखित कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है (1) (3) (4):
शिशु का जन्म निर्धारित 9 महीने या 37 हफ्तों से पहले हो सकता है, जिसे प्रीमैच्योर बर्थ कहा जाता है।
ऐसे में जन्म के समय शिशु का वजन 2.5 किलो से कम हो सकता है, जिससे वह कमजोर हो सकता है।
कम वजन वाले शिशु को स्तनपान करने में समस्या आ सकती है।
शिशु को भविष्य में कई प्रकार की बीमारियां हो सकती हैं।
शिशु का समय के साथ विकास होने में बाधा उत्पन्न हो सकती है।
अगर आपका वजन कम है, तो इससे गर्भपात का खतरा बढ़ जाता है।
गर्भावस्था में वजन बढ़ाने के उपाय जानने के लिए यह लेख पढ़ते रहिए।
गर्भावस्था में वजन कैसे बढ़ाएं | Pregnancy Me Vajan Kaise Badhaye
जिन महिलाओं का वजन गर्भावस्था के दौरान कम होता है, उन्हें वजन बढ़ाने की सलाह दी जाती है। इससे वजन कम होने के कारण होने वाली जटिलताओं के जोखिम से बचा जा सकता है। शोध के अनुसार, ऐसी अवस्था में प्रोटीन सप्लीमेंट्स लेने की सलाह दी जाती है। ध्यान रहे कि प्रोटीन की मात्रा ज्यादा लेने से भी कुछ समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए, जरूरी है कि इसका सेवन संतुलित मात्रा में ही किया जाए (4)।
गर्भावस्था के दौरान वजन बढ़ाने के लिए अपने चिकित्सक से परामर्श करें। साथ ही, कुछ सुझाव नीचे दिए गए हैं, जिन्हें अपना कर आप अपना वजन बढ़ा सकती हैं (5):
दिन में लगातार कम मात्रा में कुछ न कुछ (small frequent meals) खाते रहें, जैसे नट्स, भुना हुआ चना , सूखे मेवे व दही आदि।
अपने आहार में पीनट बटर शामिल करें। इसे ब्रेड, टोस्ट व फल आदि के साथ खाएं। यह आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा है। इसके एक चम्मच से आपको 100 कैलोरी और 3.5 ग्राम प्रोटीन मिल सकता है।
अपने आहर में पनीर, मक्खन व चीज़ जैसे खाद्य पदार्थ संतुलित मात्रा में शामिल करें।
अपने आहार में ऐसे खाद्य पदार्थो को शामिल करें, जिनमें फैट की मात्रा ज्यादा हो जैसे नट्स, एवोकाडो व जैतून का तेल आदि।
आप ताजे फलों का सेवन कर सकती हैं, जैसे संतरा, मौसंबी, पपीता, खुबानी व गाजर आदि। कभी-कभी घर में ही निकला हुआ जूस भी ले सकते हैं, लेकिन फलों को खाना ज्यादा बेहतर होता है, क्योंकि इनमें फाइबर की मात्रा अधिक होती है।
जंक फूड न खाएं।
लेख के अगले भाग में हम गर्भावस्था में वजन ज्यादा होने के बारे में जानेंगे।
गर्भावस्था में वजन ज्यादा होना
एक शोध के अनुसार 18 प्रतिशत महिलाओं की गर्भावस्था की शुरुआत अत्यधिक मोटापे से होती है। 20 से 40 प्रतिशत महिलाएं गर्भावस्था के दौरान अत्यधिक मोटापे का शिकार होती हैं, जिससे भविष्य में उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है (6)। अगर गर्भधारण करने से पहले आपका भी बॉडी मॉस इंडेक्स 25 से ज्यादा है और वजन बढ़ा हुआ है, तो जरूरी है कि आप अपना वजन गर्भधारण करने से पहले कम करें।
जानिए गर्भावस्था के दौरान वजन ज्यादा होने के क्या नुकसान होते हैं।
गर्भावस्था में वजन ज्यादा होने के नुकसान
कम वजन की तरह ही गर्भावस्था में ज्यादा होने के भी नुकसान हैं, जिनका सामना मां और शिशु दोनों को करना पड़ता है। आइए जानते हैं कि यह आपके लिए किस प्रकार से नुकसानदायक है (3):
गर्भावस्था में उच्च रक्तचाप: इसे जेस्टेशनल हाइपरटेंशन भी कहा जाता है। अगर इसे समय पर नियंत्रित नहीं किया गया, तो यह प्रीक्लेम्प्सिया नामक बीमारी का रूप ले सकता है। ऐसे में इसका प्रभाव किडनी पर भी आ सकता है।
गर्भावस्था में मधुमेह: गर्भावस्था के दौरान ज्यादा वजन होने से गर्भवती को मधुमेह होने का खतरा बढ़ जाता है। जिन महिलाओं को जेस्टेशनल डायबिटीज हुई है, उन्हें मोटापा और टाइप 2 डायबिटीज का खतरा अधिक होता है।
सी सेक्शन: गर्भावस्था के दौरान ज्यादा वजन होने से गर्भवती को सिजेरियन डिलीवरी होने का जोखिम बढ़ जाता है और सी-सेक्शन के बाद टांको में संक्रमण होने का खतरा ज्यादा हो सकता है।
गर्भावस्था में ज्यादा वजन होना सिर्फ गर्भवती के लिए नहीं, बल्कि शिशु के लिए भी हानिकारक है। आइए बताते हैं कैसे (3):
ह्रदय रोग
अगर आपको जेस्टेशनल डायबिटीज है, तो शिशु के ब्लड शुगर स्तर में कमी और शरीर का बड़ा आकर जैसी समस्या हो सकती है।
अधिक कोलेस्ट्रोल
टाइप 2 मधुमेह
अत्यधिक मोटापा
तंत्रिका ट्यूब में दोष जैसे कि स्पाइना बिफिडा। यह एक जन्म दोष होता है, जिसमें शिशु की रीढ़ की हड्डी का विकास नहीं हो पाता (7)।
आइए, अब आपको बताते हैं कि गर्भावस्था में आप वजन कम कैसे कर सकती हैं।
गर्भावस्था में वजन कैसे कम करें | Pregnancy Me Vajan Kaise Kam Kare
कोशिश करें कि गर्भावस्था से पहले ही आप अपना वजन नियंत्रित कर लें। ऐसा करने से आप गर्भावस्था में ज्यादा वजन होने की जटिलताओं से बच सकती है। शोध के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान वजन कम करना सुरक्षित नहीं माना गया है (8), लेकिन अगर किसी वजह से आप अपना वजन नियंत्रित नहीं कर पाती हैं, तो नीचे बताए गए उपायों को अपना कर स्वयं को स्वस्थ रख सकती हैं (6)।
गर्भावस्था में वजन नियंत्रित करने के लिए जरूरी है कि आप संतुलित आहार लें और जंक फूड न खाएं।
अपने आहार में संतुलित मात्रा में कार्बोहाइड्रेट्स, फैट और प्रोटीन शामिल करें।
हर रोज कम से कम 30 मिनट चलें और व्यायाम करें। इसके लिए अपने डॉक्टर से सलाह लें।
गर्भावस्था में योग कर के भी आप ज्यादा वजन अधिक होने की जटिलताओं से बच सकती हैं।
आगे जानिए गर्भावस्था के दौरान अचानक वजन घटना चिंता का विषय है या नहीं ?
क्या गर्भावस्था में अचानक वजन घटना चिंता का विषय है? | Pregnancy Me Weight Loss Hona
जी हां, गर्भावस्था के दौरान अचानक वजन घटना चिंता का विषय है। ऐसे में गर्भवती और गर्भ में पल रहे भ्रूण की सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। गर्भावस्था के दौरान हाइपरमेसिस ग्रेविडेरम (Hyperemesis gravidarum) की वजह से अचानक वजन कम हो सकता है। इस दौरान, गर्भवती को सामान्य से ज्यादा उल्टियां होती हैं, जिसके वजह से वह कमजोर होने लगती है। ऐसे में गर्भवती का वजन गर्भावस्था के दौरान 15 प्रतिशत तक कम हो सकता है (9)।
गर्भावस्था में हाइपरमेसिस ग्रेविडेरम के सटीक कारण का अब तक पता नहीं लग पाया है, लेकिन माना जाता है कि यह खून में ह्यूमन कोरिओनिक गोनाडोट्रोपिन (human chorionic gonadotropin) नामक होर्मोन के बढ़ने से होता है (10)।
नोट : अगर आपको भी लगता है कि आपको सामान्य से ज्यादा उल्टियां हो रही है या किसी वजह से आपका वजन जरूरत से ज्यादा कम हो रहा है, तो इस बारे में तुरंत अपने चिकित्सक को बताएं।
लेख के अगले भाग में गर्भावस्था के दौरान वजन को नियंत्रित रखने की कुछ युक्तियां के बारे में जानिए।
गर्भावस्था में वजन नियंत्रित करने की युक्तियां
कुछ महिलाओं को गर्भावस्था में वजन कम रखने की सलाह दी जाती है और कुछ को बढ़ाने की। दोनों ही स्थितियों में वजन को नियंत्रित रखना आवश्यक है। इससे आप और शिशु, दोनों स्वस्थ रहेंगे और प्रसव के बाद आपको किसी कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा। आप नीचे बताई गई युक्तियों को अपना कर गर्भावस्था में वजन को नियंत्रित रख सकती हैं (2)।
ताजे फल और सब्जियां खाएं। इनमें प्रोटीन, कैलोरी और फैट की संतुलित मात्रा होती है।
साबुत अनाज (होल ग्रेन) से बनी ब्रेड, दलीया और क्रेकर खाएं।
कृत्रिम मिठास वाले खाद्य और पेय पदार्थों का सेवन करने से बचें।
जंक फूड जैसे चिप्स, कैंडी, केक व कुकी आदि खाने से बचें।
कम फेट वाले खाद्य पदार्थ खाएं। बटर, चीज़, ज्यादा फैट वाले तेल, मेयोनीज, क्रीम चीज़ आदि खाने से बचें।
रोज व्यायाम करें।
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