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मिसकैरिज के बाद पहला पीरियड (First Period After Miscarriage)


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मिसकैरिज या गर्भपात के बाद हॉर्मोनल लेवल पर बहुत अधिक बदलाव होता है। इस हॉर्मोनल बदलाव के कारण ही पीरियड्स का समय बढ़ जाता है। सभी महिलाओं को मिसकैरिज के बाद एक ही समय में पीरियड शुरू हो जाए, ये जरूरी नहीं है। ज्यादातर महिलाएं जिनका गर्भपात हो चुका है, उन्हें चार से छह सप्ताह बाद तक पहला पीरियड आ जाता है। मिसकैरिज के बाद पहला पीरियड (First Period After Miscarriage) अधिक दर्दनाक या हैवी हो सकता है। मिसकैरिज के बाद पहला पीरियड (First Period After Miscarriage) अधिक बदबूदार या तेज गंध वाला हो सकता है।


कई बार महिलाएं कंसीव कर लेती हैं लेकिन उनको पता नहीं चलता है कि वो प्रेग्नेंट हैं। अगर किन्हीं कारणों से मिसकैरिज हो जाता है, तो ब्लीडिंग होती है। कुछ केस में महिलाओं को लगता है कि यह नॉर्मल होने वाली बिल्डिंग है या महीने में एक बार होने वाली मीटिंग है लेकिन ऐसा नहीं होता है। यह मिसकैरिज हो सकता है। जानिए मिसकैरिज या गर्भपात के दौरान होने वाली ब्लीडिंग अन्य ब्लीडिंग से भिन्न कैसे होते हैं।


अधिक गंध के साथ ही डिस्चार्ज
सामान्य से हैवी ब्लीडिंग होना
ज्यादा लंबा पीरिडय चलना
ज्यादा दर्द का एहसास होना

क्या होता है कम्प्लीट मिसकैरिज (Complete miscarriage)?


अक्सर महिलाओं के मन में कम्प्लीट मिसकैरिज (complete miscarriage) को लेकर सवाल रहता है।कम्प्लीट मिसकैरिज से मतलब प्रेग्नेंसी टिशू का यूट्रस से बाहर आ जाना होता है। या तो ये प्रोसेस नैचुरली होता है या फिर डॉक्टर डाइलेशन और क्यूरेटेज (dilation and curettage) की हेल्प ले सकते हैं। इस प्रोसेस की हेल्प से डॉक्टर यूट्रस से सभी टिशू निकालते हैं। कई बार डॉक्टर मेडिसिंस लेने भी सलाह देते हैं, जो कम्प्लीट मिसकैरिज या यूट्रस से टिशू को बाहर निकालने में मदद करती है। आपको पीरियड्स तब तक सामान्य नहीं होंगे जब तक यूट्रस से पूरी तरह से प्रेग्नेंसी टिशू बाहर नहीं निकल जाते हैं।

क्या फिर रेग्युलर हो जाते हैं पीरियड्स?

अगर आपको मिसकैरिज के पहले समय पर पीरियड्स नहीं होते थे, तो मिसकैरिज के बाद भी ऐसा ही होगा। वहीं अगर आपको मिसकैरिज के पहले समय पर पीरिड्स होते थे, तो मिसकैरिज से चार से छह सप्ताह बाद भी रेग्युलर पीरियड्स शुरू हो जाते हैं। अमेरिकन कॉलेज ऑफ ओब्स्टेट्रिशियन एंड गायनेकोलॉजिस्ट की मानें तो,मिसकैरिज के दो सप्ताह बाद ही ओव्यूलेशन शुरू हो सकता है। मासिक धर्म या फिर पीरियड्स के पहले ही ओव्यूलेशन होता है, इसलिए महिलाएं मिसकैरिज के दो सप्ताह बाद तक फर्टाइल हो जाती हैं। डॉक्टर मिसकैरिज या गर्भपात के अक्सर बाद दो से तीन महीने रुकने की सलाह देते हैं ताकि महिला शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत हो जाए।

किन कारणों से हो सकता है मिसकैरिज या गर्भपात?

मिसकैरिज के एक नहीं बल्कि कई कारण हो सकते हैं। अगर महिला को किसी प्रकार का जेनेटिक डिसऑर्डर है या फिर महिला की उम्र 35 वर्ष से अधिक है, महिला एल्कोहल या स्मोकिंग अधिक करती हैं, तो यह सभी कारण मिसकैरिज की संभावना को बढ़ाने का काम करते हैं। अगर महिला हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाती है या फिर जिन कारणों से मिसकैरिज हो रहा है, उनकी ओर ध्यान देती है, तो वह आसानी से दोबारा कंसीव कर सकती है। दोबारा कंसीव कब करना चाहिए या फिर कौन-सा समय ठीक रहेगा, इस बारे में डॉक्टर से जानकारी जरूर लेनी चाहिए।

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