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ज्यादा एमनियोटिक द्रव के लक्षण । Pregnancy Me Pani Jyaada Hona

अगर गर्भ में एमनियोटिक द्रव्य की मात्रा अधिक हाे जाती है, तो इसके कुछ लक्षणों से आप इसकी स्थिति का पता कर सकते हैं, जैसे (3) :

गर्भाशय या पेट का अधिक बढ़ना: एमनियोटिक द्रव्य की मात्रा ज्यादा होने से पेट और गर्भाशय जरूरत से ज्यादा बड़े नजर आने लगते हैं।

पेट में तकलीफ होना: एमनियोटिक द्रव्य की मात्रा बढ़ने पर पेट दर्द के साथ ही पेट से संबंधित और भी समस्याएं हो सकती हैं।

प्रसव के पूर्व दर्द: एमनियोटिक द्रव्य ज्यादा होने पर प्रसव से पहले ही प्रसव जैसा दर्द होने लगता है।

अधिक मात्रा में एमनियोटिक द्रव्य होने के लक्षणों के बाद जानते हैं, इसके होने के कारणों के बारे में।
गर्भावस्था के दौरान बहुत अधिक एमनियोटिक द्रव्य बनने के कारण

गर्भावस्था के दौरान एमनियोटिक द्रव के जरूरत से ज्यादा होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जो इस प्रकार हैं (2) (3) :

भ्रूण की असामान्यता: गर्भ के अंदर भ्रूण एमनियोटिक द्रव को निगल कर फिर उसे बाहर निकाल देते हैं, इससे एमनियोटिक द्रव की मात्रा स्थिर रहती है। वहीं, अगर बच्चा किसी समस्या के कारण इसे निगल नहीं पाता है, तो एमनियोटिक द्रव का स्तर बढ़ सकता है।

गर्भावधि मधुमेह (Gestational Diabetes) – रक्त में अधिक शुगर के कारण भी ज्यादा एमनियोटिक द्रव का निर्माण हो सकता है। ऐसा तब हो सकता है जब महिला के गर्भवती होने से पहले या गर्भावस्था के दौरान उसे मधुमेह हो जाता है।

ट्विन टू ट्विन ट्रांसफ्यूजन सिंड्रोम (टीटीटीएस) – अगर आपके गर्भ में जुड़वां बच्चे हैं, तो आपको यह समस्या हो सकती है। इसमें एक भ्रूण को अधिक रक्त मिलता है, जबकि दूसरे को कम।

संक्रमण: कभी कभी याेनि द्वार में संक्रमण के कारण भी ज्यादा एम्नियोटिक द्रव बनना शुरू हाे सकता है।





पॉलिहाइड्रेमनियोस के लिए उपचार | Amniotic Fluid Kam Karne Ke Upay

एमनियोटिक द्रव की मात्रा को कम करने के लिए निम्न विधियों का उपयोग किया जाता है (2):

एमनियोरिडक्शन प्रक्रिया: इसमें एक वैक्यूम के जरिए अतिरिक्त पानी को निकाला जाता है। पॉलीहाइड्रमनिओस के इलाज के लिए इस प्रक्रिया को करना है या नहीं, इसका फैसला डॉक्टर आपकी कंडीशन को देखते हुए लेंगे (5)।

औषधीय उपचार: इसमें नॉनस्टेरॉइडल एंटी-इनफ्लेमेटरी दवाओं के जरिए एमनियोटिक द्रव की मात्रा को कम किया जाता है। गर्भवती महिला को सीमित मात्रा में दवाइयां दी जाती हैं, ताकि एमनियोटिक द्रव की मात्रा ज्यादा कम न हो जाए (6)।

यदि कोई प्रेग्नेंट महिला डायबिटीज की पेशेंट है तो गुड शुगर को कंट्रोल करने से भी एमनियोटिक द्रव को कम होने में मदद होती है।

यहां हम आपको बता रहे हैं कि किस प्रकार से पॉलिहाइड्रेमनियोस को रोका जा सकता है।

आप पॉलिहाइड्रेमनियोस को कैसे रोक सकते हैं?

डॉक्टर नियमित जांच के जरिए इस स्थिति का पहले ही अंदाजा लगा सकते हैं। इस स्थिति में थोड़ा-सा भी संदेह होने पर डॉक्टर उपचार के जरिए इसकी रोकथाम कर सकते हैं।

पॉलिहाइड्रेमनियोस को होने से रोकने के तरीके को जानने के बाद जानते हैं कि क्या इससे शिशु की मृत्यू हो सकती है।

क्या पॉलिहाइड्रेमनियोस से शिशु के मृत पैदा होने का खतरा होता है?

पॉलिहाइड्रेमनियोस से ग्रसित गर्भवती महिलाओं में डिलीवरी के पहले और डिलीवरी के समय शिशु की मौत होने का खतरा रहता है (7)।

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