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गर्भावस्था में पानी की कमी के लक्षण
Symptoms Of Dehydration During Pregnancy
गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के शरीर में बहुत से बदलाव आते हैं। ऐसे में महिलाओं को बहुत सी बातों का ध्यान रखना पड़ता है। इसमें खाने पीने से लेकर कुछ दूसरी बातें भी शामिल हैं। लेकिन इन सभी के बीच एक सबसे आम समस्या जो महिलाओं में देखने को मिलती है। वह है डिहाइड्रेशन की। डिहाइड्रेशन की वजह से कई समस्याएं होने लगती हैं जैसे मॉर्निंग सिकनेस, मतली, उल्टी, सिरदर्द, चक्कर आना आदि। अगर आपको भी गर्भावस्था में इसी तरह की दिक्कते हो रही हैं तो यह पानी की कमी के लक्षण हो सकते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं गर्भावस्था में पानी की कमी के लक्षण क्या – क्या हो सकता है।
प्यास लगना
चक्कर आना और बेहोशी
शुष्क मुँह, फटे होंठ और जीभ की सूजन
कम रक्त दबाव
थकान
कब्ज़ की समस्या
सिर दर्द
पेशाब पीला और बदबूदार
धंसी हुई आंखें
चिड़चिड़ापन या भ्रम
पानी की कमी से होने वाली समस्या:
Causes of Dehydration During Pregnancy
गर्भावस्था के दौरान जिन महिलाओं के शरीर में पानी की कमी हो जाती है, इसका असर उनके शिशु पर भी पड़ता है। इसके कारण शिशु को जन्मजात कई रोग हो सकते हैं। आइए जानते हैं गर्भावस्था में पानी की कमी की वजह से क्या समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
सूजन की समस्या –
गर्भवती महिलाओं के हाथ पैरों में अक्सर सूजन आने लगती है, यही सूजन दर्द का भी कारण बन जाती है। वहीं अगर गर्भवती महिलाएं पानी कम पीएं या डिहाइड्रेशन का शिकार हो जाएं तो इसकी वजह से सूजन ज्यादा होने लगती हैं। इससे महिलाएं जल्दी थकने लगती हैं।
मूत्र संबंधी संक्रमण –
प्रेगनेंसी के दौरान जिन महिलाओं के शरीर में पानी की कमी हो जाती है तो उनके मूत्र मार्ग में संक्रमण होने का खतरा भी अधिक बढ़ जाता है। इसके चलते एमिनॉटिक फ्लूड (बच्चेदानी में पानी की कमी) का स्तर भी कम होने लगता है। जिससे गर्भस्थ शिशु से सम्बंधित समस्या उत्पन्न हो सकती है.
जी मिचलाना –
गर्भावस्था में पानी की कमी से महिला का जी मिचलाता है और इसके कारण आपको चक्कर आने लगते हैं व सिर भारी होने लगता है। पानी की कमी से आपकी त्वचा और नाक भी सूखने लगते हैं और आप अपने आप को कमजोर और थकी हुई महसूस करती हैं। इसके लिए आपको रोजाना 8 से 10 गिलास पानी पीना चाहिए और तरल पदार्थ में नारियल पानी पीना लाभदायक होता है।
गर्भनाल सूखने लगती है –
गर्भावस्था के दौरान महिला के शरीर में पानी की कमी होने से गर्भनाल सूखने लगती है और यही गर्भ नाल शिशु को सारे पोषक तत्व पहुंचाती है। पानी की कमी से आपका शरीर भी दर्द करता है और शिशु की त्वचा को पूरी नमी भी नहीं मिल पाती है जिससे शिशु के त्वचा सिकुड़ने लगती है। पानी की कमी की वजह से कई बार शिशु के जन्म में भी देरी भी हो सकती है।
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