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खड़े होकर भोजन करने की आदत को करें दूर, यहां जानें इससे होने वाले नुकसान
Health Tips: खड़े होकर भोजन करने की आदत को दूर करें।
Health Tips खड़े होकर खाना खाने पर कई तरह के नुकसान हो सकते हैं। सबसे अधिक असर तो पाचनतंत्र पर पड़ता है। क्यूंकि खड़े होकर खाने से खाना पेट तक नहीं पहुंच पाता है। ज्यादातक वह लोग ही खड़े होकर खाते हैं जिन्हें जल्दबादजी होती है।
आनलाइन डेस्क, जालंधर। Health Tips : लोगों को इत्मीनान से खूब चबा-चबाकर भोजन करना चाहिए। इससे भोजन आसानी से पच जाता है। फिर भी तमाम लोगों को भोजन करने से संबंधित आवश्यक बातों की जानकारी नहीं है। दुनिया की सर्वाधिक प्राचीन चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद की भी मान्यता है कि शरीर ही धर्म का पहला साधन हैं। इस दृष्टि से देखा जाये तो हम भोजन करने से पूर्व कुछ बातों पर ध्यान देकर अपने स्वास्थ्य को और बेहतर बना सकते हैं। खड़े होकर खाना खाने पर कई तरह के नुकसान हो सकते हैं। सबसे अधिक असर तो पाचनतंत्र पर पड़ता है। क्यूंकि खड़े होकर खाने से खाना पेट तक नहीं पहुंच पाता है।
ज्यादातक वह लोग ही खड़े होकर खाते हैं जिन्हें जल्दबादजी होती है। ऐसे में जबतक यह ठीक से पेट तक नहीं पहुंचता है तो यह पच नहीं पाता है और पेट में गैस और भारीपन की समस्याएं होनी लगती है जो कि रात के समय तो अधिकतर परेशान करती है। जब हम खड़े होकर भोजन करते हैं तो उस समय हमारी आंते सिकुड़ जाती हैं और भोजन ठीक से नहीं पच पाता है। इसका असर हमारे पाचन तंत्र पर पड़ता है और हमें अपच, कब्ज, एसिडिटी की समस्या होती है। कई बार बेचैनी भी महसूस होती है।
शरीर होता है कमजोर
खड़े होकर खाने से खाना जब पेट तक पहुंच नहीं पाता है तो तय बात है कि शरीर को पूरे पोषण तत्व भी नहीं मिल पाते हैं। पोषण तत्व नहीं मिलते हैं तो शरीर और मस्तिष्क का संतुलन भी ठीक से नहीं बन पाता है। ऐसे में व्यक्ति चिड़चिड़ा होने लगता है और समय के साथ शरीर में कमजोरी और अनिद्रा जैसी समस्याएं भी होती हैं। इसलिए भोजन के पूरे पोषण तत्व लेने के लिए भी बहुत जरूरी है कि खाना बैठकर ही खाया जाए।
पाश्चर बिगड़ता है
खड़े होकर खाने के दौरान हम बहुत ज्यादा झुकते हैं, साथ ही में खुद को रिलेक्स करने के लिए शरीर के किसी एक हिस्से पर जोर देते हैं। रोज ऐसा करने से इसका असर रीढ़ की हड्डी पर भी होने लगता है। वहीं बैठकर खाना खाने से बाडी पाश्चर में सुधार होता है। इसके अलावा नीचे बैठकर खाना खाने से शरीर में खून का बहाव भी अच्छा होता है। क्रॉस-लेग्स बैठने पर नसों का खिंचाव दूर होता है और वह ज्यादा रिलेक्स होती हैं।
मोटापा बढ़ना
व्यक्ति जब जल्दबाजी में खड़े-खड़े खाता है तो कई बार तो उसे सूध तक नहीं होती है कि उसने कितना खा लिया, ऐसे में कई बार खाने का सेवन अधिक भी हो जाता है और जब पेट में भारीपन लगता है तो वो फूला हुआ ही रहता है, ऐसे में बाडी में फैट जमने लगता है जो कि मोटापे का कारण बनता है।
आहार नली पर पड़ता है प्रभाव
अपनी खाने की आदत को इस तरह से बदल डालने पर हमारी आहार नली पर गलत प्रभाव पड़ता है। नली यदि ब्लॉक हो जाती है तब तो समस्या और भी बढ़ जाती है पर इस तरह खाना खाने से भोजन अटकना और ठसका लगने की समस्या अधिकतर होती है। कई बार नली के क्षतिग्रस्त होने से खाना पेट तक नहीं पहुंच पाता है और यह नली में ही सड़ने लगता है जिससे कि गैस बनने लगती है।
खाना खाने का सही तरीका
खाना हमेशा जमीन पर पालथी लगाकर खाना चाहिए। साथ ही छोटे-छोटे निवाले को अच्छी तरह चबाकर खाना चाहिए। दरअसल खाना ही हमारे शरीर को जीने की शक्ति प्रदान करता है। हमारे पूर्वजो नें जमीन पर पालथी लगाकर खाना खाने की जो परंपरा बनाई थी, उसके पीछे कोई गहरी सोच थी। जब पालथी लगाकर जमीन पर हम बैठते हैं तो एक विशेष योगासन की अवस्था में होते हैं, जिसे सुखासन कहा जाता है।सुखासन से स्वास्थ्य संबंधी वे सभी लाभ प्राप्त होते हैं जो पद्मासन से प्राप्त होते हैं। पाचन क्रिया दुरुस्त होती है, मन एकाग्र रहता है और खाने के पोषक तत्व हमारे शरीर में ठीक से पहुंचते हैं। इससे पेट भी भरता है और संतुष्टि भी मिलती है।
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