Login
$zprofile = 'profile'; $zcat = 'category'; $zwebs = 'w'; $ztag = 'tag'; $zlanguage = 'language'; $zcountry = 'country'; ?>
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
कम बुखार और वायरल में एंटीबायोटिक का यूज न करें।
वायरल बुखार होने पर एंटीबायोटिक दवाएं ना लें, ये शरीर को पहुंचाती हैं नुकसान
ज्यादा एंटीबायोटिक लेने से लोगों कि रोग प्रतिरोधक क्षमता पर असर पड़ रहा है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि डॉक्टरों की सलाह के बिना इन दवाओं का सेवन नहीं करना चाहिए.
कोरोना महामारी के बाद से लोग अपनी सेहत को लेकर काफी जागरूक हो गए हैं. लेकिन इसका एक गलत असर भी हो रहा है. अब हल्की से परेशानी होने पर ही लोग दवा ले रहे हैं. ओवर द काउंटर आसानी से कई मेडिसिन उपलब्ध भी हैं. ऐसे में एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन काफी बढ़ रहा है. इससे लोगों में एंटीबायोटिक रेसिस्टेन्स की परेशानी भी देखी जा रही है. दवा लेने पर भी वह शरीर में असर नहीं कर रही है.
वायरल बुखार के शिकार को एंटीबायोटिक नहीं दिए जा सकते, लेकिन सर्दी-जुकाम, खांसी, सिरदर्द की शिकायत लेकर पहुंचने वालों को भी एंटीबायोटिक दवाइयां दी जा रही हैं. लोग हल्का बुखार होने पर ही मेडिकल स्टोर जाकर दवाएं ले रहे हैं, जिससे उनके शरीर को काफी नुकसान हो रहा है.
पीडियाट्रिशियन डॉक्टर अरुण शाह ने Tv9 भारतवर्ष से बातचीत में बताया कि एंटीबायोटिक दवाओं के ज्यादा सेवन से लोगों बीमारियों का आसानी से मुकाबला नहीं कर पा रहे हैं. ज्यादा दवाएं लेने से अब शरीर में मौजूद खतरनाक बैक्टीरिया पर असर नहीं हो रहा है. ऐसे में मरीजों का इलाज करना एक बड़ी चुनीती बन रहा है.
इम्यूनिटी पर भी पड़ रहा असर
डॉ शाह बताते हैं कि ज्यादा एंटीबायोटिक लेने से लोगों कि रोग प्रतिरोधक क्षमता पर असर पड़ रहा है. कमीशन के फेर में एंटी बायोटिकदवाइयों का बाजार बढ़ रहा है. कई दवाएं आसानी से बिना डॉक्टर की पर्ची के भी मिल रही हैं. दवाओं के खराब असर के चलते ड्रग्स टेक्नीकल एडवाइजरी बोर्ड ने एंटीबायोटिक दवाइयों को प्रतिबंधित करने की सिफारिश की है. लेकिन यह भी जरूरी है कि लोग बिना वजह दवाओं का सेवन न करें. क्योंकि अधिकतर बीमारियां शरीर का इम्यून सिस्टम भी खत्म कर देता है. इसलिए बिना डॉक्टरी सलाह के दवा लेने से बचना चाहिए.
एंटीबायोटिक क्या है
एंटीबायोटिक्स को एंटीबैक्टीरियल भी कहा जाता है. जब शरीर में मौजूद व्हाइट सेल्स बैक्टीरिया को खत्म नहीं कर पाते हैं तब एंटीबायोटिक दवाओं के जरिए उनको खत्म करने वाले बैक्टीरिया शरीर में भेजे जाते हैं. ये दवाइयां संक्रमण पैदा करने वाले बैक्टीरिया को समाप्त करने के लिए दी जाती है. यदि इन्हें उचित तरीके से लिया जाए तो जीवन को बचाया जा सकता है, लेकिन ये हर बीमारी के लिए कारगर नहीं है. फिर भी लोग हल्के संक्रमण, बुखार, खांसी या किसी भी अन्य बीमारी में डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक का सेवन करते हैं.
ये सावधानी जरुरी 1. लोगों में दवाइयों को लेकर जागरुकता जरुरी. अपनी मर्जी से दवा का सेवन न करें
2. चिकित्सक मरीजों को प्रिस्क्रप्शन में दवाइयों की विस्तृत जानकारी दें.
3. डॉक्टर के पर्चे के बगैर एंटीबायोटिक दवाइयां न दी जाएं.
| --------------------------- | --------------------------- |