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जी हां, गर्भावस्‍था में कच्‍चे बादाम खाना सुरक्षित होता है। ये आयरन, कै‍ल्शियम, फोलिक एसिड और फाइबर जैसे पोषक तत्‍वों से युक्‍त होते हैं।

गर्भावस्था में कितनी मात्रा में बादाम खाना सुरक्षित है?

एक स्वस्थ व्यक्ति एक दिन में मुट्ठीभर (एक तिहाई कप) बादाम का सेवन कर सकता है। वहीं, गर्भावस्था की बात करें, तो इस दौरान दिनभर में 4-6 बादाम खाने की सलाह दी जाती है (4) (5)। इस विषय में अधिक जानकारी के लिए संबंधित डॉक्टर से सलाह ली जा सकती है, क्योंकि हर किसी की गर्भावस्था एक समान नहीं होती है। ऐसे में इसके सेवन से जुड़ी सही जानकारी एक डॉक्टर ही दे सकता है।

प्रेगनेंसी में क्या खाना बेहतर है, कच्चा बादाम या भिगोए हुए बादाम?

आमतौर पर बादाम का सेवन दोनों रूपों में किया जाता है, लेकिन भिगोकर खाए गए बादाम ज्यादा फायदेमंद माने जाते हैं। इसलिए, गर्भावस्था के दौरान बादाम को भिगोकर खाना उचित रहेगा। इसके पीछे की वजह हम नीचे क्रमवार तरीके से बता रहे हैं:

फाइटिक एसिड कम हो जाता है: बीज, नट्स, अनाज और फलियों में फाइटिक एसिड पाया जाता है। माना जाता है कि यह शरीर में जाकर पोषक तत्वों के अवशोषण को बाधित कर सकता है। इसका मतलब है कि अधिक फाइटिक एसिड पोषक तत्वों की कमी का कारण भी बन सकता है। वहीं, बादाम को रातभर भिगोकर रखने से फाइटिक एसिड को कम करने में मदद मिल सकती है (6)।

पचाने में आसानी होती है: कच्चे बादाम सख्त होते हैं, जिन्हें पचाना मुश्किल हो सकता है (7)। अगर इन्हें भिगो दिया जाए, तो यह मुलायम हो जाते हैं और इन्हें चबाने और पचाने में मदद मिलती है।


गर्भावस्था में बादाम खाने का सबसे अच्छा समय कब है? | Pregnancy Me Badam Kab Se Khana Chahiye

बादाम एक गुणकारी खाद्य पदार्थ है, जिसका सेवन पूरी गर्भावस्था के दौरान किया जा सकता है। इसके पीछे की वजह है, इसमें मौजूद कुछ जरूरी पोषक तत्व (जैसे प्रोटीन और कैल्शियम) जिनकी जरूरत पूरी गर्भावस्था के दौरान होती है। इसलिए, प्रेगनेंसी में इन विशेष पोषक तत्वों की पूर्ति के लिए विशेषज्ञ बादाम के सेवन की सलाह देते हैं (5) (8)। वहीं, इस बात का ध्यान रखें कि सभी बादामों को एक साथ न खाएं, बल्कि उन्हें अपनी सुविधानुसार दो या तीन भागों में बांट लें और दिन भर खाएं। साथ ही सेवन के दौरान इसकी बताई गई मात्रा का भी ध्यान रखें, क्योंकि अधिक मात्रा में किया गया इसका सेवन नुकसानदायक भी हो सकता है, जिसके बारे में आगे लेख में बताया गया है।

बादाम के पोषक तत्व

28 ग्राम बादाम में कई जरूरी पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो इस प्रकार हैं (9) :

प्रोटीन : 12 प्रतिशत दैनिक मूल्य (DV)
अन सैचुरेटेड फैट : 88 प्रतिशत दैनिक मूल्य (DV)
फाइबर : 14 प्रतिशत दैनिक मूल्य (DV)
विटामिन ई : 36 प्रतिशत दैनिक मूल्य (DV)

इनके अलावा, बादाम की सौ ग्राम मात्रा में 269 मिलीग्राम कैल्शियम, 3.71 मिलीग्राम आयरन और 25.63 मिलीग्राम विटामिन-ई भी पाया जाता है।

पोषक तत्वों को जानने के बाद, चलिए अब गर्भावस्था में बादाम के स्वास्थ्य लाभ के बारे में जान लेते हैं।
गर्भावस्था के दौरान बादाम के स्वास्थ्य लाभ |

गर्भावस्था के दौरान बादाम का सेवन कई मायनों में फायदेमंद हो सकता है।

फोलिक एसिड – बादाम में फोलिक एसिड पाया जाता है (1)। फोलेट, शिशुओं में होने वाले न्यूरल ट्यूब दोष (ब्रेन और स्पाइन से जुड़ा दोष) के जोखिम को कम करने में मदद कर सकते हैं (10)। इसलिए, गर्भावस्था के दौरान फोलेट की पूर्ति के लिए बादाम का सेवन किया जा सकता है।

आयरन – गर्भवती महिलाओं को हर दिन 27 मिलीग्राम आयरन की आवश्यकता होती है। बादाम, आयरन का एक अच्छा स्रोत हो सकता है। इसका सेवन शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं को बनाए रखने में मदद करता है (11) (12) । ध्यान रखें कि गर्भावस्था के दौरान दी जाने वाली आयरन की गोलियों का विकल्प बादाम को नहीं माना जा सकता है। इसके सेवन से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

कैल्शियम – गर्भावस्था में कैल्शियम भी एक जरूरी पोषक तत्व होता है। प्रेगनेंसी के दौरान कैल्शियम भ्रूण की हड्डियों की संरचना के विकास में मदद करता है। नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज के अनुसार, जो महिलाएं गर्भवती हैं, उन्हें रोजाना 1000 मिलीग्राम कैल्शियम का सेवन करना चाहिए। कैल्शियम युक्त अन्य आहार के साथ-साथ बादाम का सेवन भी इसकी पूर्ति कर सकता है (13)।

पाचन में सहायक है बादाम – गर्भावस्था के दौरान कब्ज और अपच जैसी समस्या होना सामान्य है। ऐसे में फाइबर का सेवन करना लाभकारी साबित हो सकता है। बादाम में मौजूद फाइबर पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने में मदद कर सकता है।

इसके अलावा, बादाम खाने के कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। आइए, जानते हैं गर्भावस्था में बादाम खाने के नुकसान।
गर्भावस्था के दौरान बादाम खाने के नुकसान

वजन बढ़ा सकता है बादाम – बादाम का अधिक सेवन वजन बढ़ने का कारण बन सकता है। इसकी वजह है कि बादाम में कैलोरी और फैट की मौजूदगी (1)

मैंगनीज दे सकता है नुकसान – बादाम में मैंगनीज भी पाया जाता है, जो समय पूर्व प्रसव का कारण बन सकता है। हालांकि, यह एक जरूरी खनिज है, लेकिन अधिक मात्रा में इसका सेवन नुकसान दे सकता है। इसलिए, बादाम का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है (16)।

पेट संबंधी समस्या – जैसा कि हमने बताया कि बादाम में फाइबर भी पाया जाता है और फाइबर का अधिक सेवन पेट फूलने, कब्ज और पेट में ऐंठन का कारण बन सकता है (15)।

एलर्जी हो सकती है – बादाम का अधिक सेवन इम्यून सिस्टम को प्रभावित कर सकता है, जिससे एलर्जी हो सकती है (17)। हालांकि, इस तरह के मामले कम ही देखने को मिलते हैं।

विटामिन-ई का प्रभाव – जैसा कि हम लेख में पहले ही बता चुके हैं कि बादाम में विटामिन-ई पाया जाता है और विटामिन-ई का अधिक सेवन जन्म विकार का जोखिम बढ़ा सकता है। फिलहाल, इस विषय पर अभी और शोध किए जाने की जरूरत है (18)।

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