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पेट के बल सोने पर मस्‍त रहता है बच्‍चा, कहीं सेहत के लिए हानिकारक तो नहीं ऐसा करना

नवजात शिशु अपना अधिकांश समय या तो अपने पीठ के बल पलंग या पालने में लेटते हुए गुजार देते हैं, या फिर किसी की गोद में लेटकर घर की छत को देखते हुए बिता देते हैं। ऐसे में क्या आपने कभी उस शिशु को पलटकर, उसे पेट के बल लेटाने पर विचार किया है? अधिकतर समय माता-पिता को इस बात का एहसास नहीं होता कि पेट के बल सुलाना बच्चे के लिए कितना लाभकारी हो सकता है।

ऐसा करने से आपके नवजात शिशु का विकास काफी अच्छे से होता है। जब आप ऐसा करेंगे तो आप अपने बच्चे की कई प्रतिक्रियाएं देखेंगे। सिर्फ इतना ही नहीं, ऐसा करने से आप अपने शिशु में कई सारे बदलाव भी देखेंगे। यहां तीन ऐसे कारण बताए गए हैं जिससे आपको पता चलेगा कि ऐसा क्यों करना चाहिए ।

रोकता है फ्लैट स्पॉट

शिशु ज्यादातर समय पीठ के बल लेटे होते हैं। यदि आपका शिशु हर वक्त पीठ के बल लेटता है तो इससे उसके स्कल यानी खोपड़ी की हड्डी में फ्लैट स्थान बनने लगता है, जिसे पोजिशनल प्लेगियोसेफली के रूप में भी जाना जाता है। इसलिए यह जरूरी है कि आप अपने शिशु को टमी टाइम दें और उससे पेट के बल भी थोड़ा बहुत लेटाएं। यह पोजिशनल प्लेगियोसेफली के जोखिम को कम करेगा।

मांसपेशियों के लिए होता है अच्छा

टमी टाइम आपके बच्चे की गर्दन और कंधे की मांसपेशियों को मजबूत करता है। यह आपके बच्चे को तब मदद करेगा जब वह बैठना या रेंगना शुरू करेगा। पेट के बल लेटने से बच्चे को अपनी कोर की मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद मिलती है। अध्ययनों के अनुसार, जो शिशु इस स्थिति में समय नहीं बिताते हैं, उनके मोटर कौशल के विकास में देरी की संभावना होती है।

पेट के बल सोने से बच्चे को शारीरिक गतिविधियों में सहायता मिलती है। यह उनके वेस्टिबुलर सिस्टम को विकसित करने में भी मदद करता है और उन्हें दुनिया का एक अलग दृष्टिकोण देता है।

​इसे सुरक्षित रूप से ऐसे करें

फर्श पर बिस्तर या कंबल बिछाएं। अपने बच्चे को उसके पेट के बल बिस्तर पर कुछ देर के लिए लेटा दें। शुरुआत में इसे दिन में दो बार सिर्फ तीन मिनट के लिए करें। जब आपके बच्चे को इसकी आदत हो जाएगी, तब आप समय आवृत्ति बढ़ा सकते हैं। आप चाहें तो अपने बच्चे के पास कुछ खिलौने भी रख सकते हैं, ताकि वह खेल सके।

कुछ शिशुओं को टमी टाइम बहुत पसंद होता है, जबकि अन्य को ज्यादा मजा नहीं आता। किसी भी मामले में, अपने बच्चे की स्थिति को थोड़ी देर के लिए बदलना हानिकारक नहीं है। अपने बच्चे को हमेशा पेट के बल तभी लिटाएं जब वह जाग रहा हो या जब आप उसके आस-पास हों।

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