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पपीते को पेट के लिए रामबाण क्यों समझा जाता है? ये हैं इसके हैरान कर देने वाले फायदे
Health Benefits Of Papaya: पपीता में कई ऐसे पोषक तत्व होते हैं, जो आपके शरीर की कई तरह की बीमारियों को दूर रखने में मदद करता है. ऐसे में जानते हैं पपीता और इसे फायदे से जुड़ी खास बातें...
पपीते में फाइबर, कैरोटीन, विटामिन सी, ई, ए और कई अन्य मिनिरल्स होते हैं.
पेट में आंत की समस्या हो या लीवर की, पपीते के नियमित सेवन से पेट की गंभीर समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है. पपीते के पौधे इतने गुणकारी होते हैं कि इसकी पत्तियां, जड़, तना और बीज का इस्तेमाल कर शरीर के कई रोगों से सीधा लड़ा जा सकता है.
ऐसे में जानते हैं पपीते में ऐसा क्या होता है कि वो इतने फायदेमंद होते हैं. साथ ही जानते हैं कि शरीर की कौन-कौन सी तकलीफ के लिए पपीते का इस्तेमाल किया जा सकता है.
आइए जानते हैं पपीते क्यों हैं इतने गुणकारी ?
पपीते में फाइबर, कैरोटीन, विटामिन सी, ई, ए और कई अन्य मिनिरल्स होते हैं जो शरीर को स्वस्थ रखने के लिए बेहद जरूरी हैं. पपीते में विटामिन सी तो भरपूर होता ही है साथ ही विटामिन ए भी पर्याप्त मात्रा में होता है जो आंखों की रोशनी बढ़ाने में सहयक होता है. 1977 में लंदन के एक अस्पताल में गुर्दों के ऑपरेशन के बाद पपीते के इस्तेमाल से इन्फेक्शन को तेजी से दूर किया गया. इसके बाद इसके जादुई इस्तेमाल की वजह से तमाम लंदन के अखबारों में सुर्खियों में छापा. लोगों को पपीते की अहमियत का सही अंदाजा तब से मालूम पूरे देश में पड़ा, जब साउथ अफ्रीका में लोग पपीते का गूदा पोटली में बांधकर अल्सर और जख्मों के इलाज के लिए इस्तेमाल करते थे. ऐसा करने पर जख्मों में सुधार हो जाता था. इसलिए पपीते को सुनहरे पेड़ का सुनहरा फल कहा जाता है और इसे कुदरत का एक अनमोल तोहफा समझा जाता है.
पेट की बीमारी के इलाज में है पपीते की जरूरत
पपीते में (papain) पपाइन नाम की ऐसी पदार्थ होती है जो पेट में मांस को पचाने में जोरदार तरीके से कारगर होती है. हेवी डाइट को आसानी से पचाने की क्षमता पपीते की खासियत है जो इसे अन्य फलों से अलग दर्जा प्रदान करती है. पपीते के बीज का इस्तेमाल दवाओं के लिए किया जाता है. पपीता के कई किस्म के फ्रूट सलाद इस्तेमाल किए जाते हैं और उसका एक टुकड़ा अगर शामिल किया जाए तो दांतों और हड्डियों की बीमारी के लिए बेहद गुणकारी माना जाता है. पुराने जमाने के लोग पपीते को जिंदगी बख्शने वाला फल कहा करते थे. वास्कोडिगामा ने उसे सुनहरे पल का सुनहरा फल कहा है.
पपीते में विटामिन ए आयरन और विटामिन सी, कैल्शियम और पोटेशियम की मौजूदगी इसे विशेष फल बनाने में अहम भूमिका अदा करती है. इसके अलावा में पपीते का गूदा चेहरे पर लगाया जाए तो चेहरे चमकने लगता है. इसके साथ ही पेट की बीमारियों को दूर करने से लेकर हाज़मे को दुरुस्त करने में पपीते की भूमिका शानदार होती है.
स्कर्बी रोग का इलाज
बिटामिन सी की कमी से स्कर्बी रोग होता है. कहा जाता है कि मशहूर टूरिस्ट मार्को पोलो और उनके साथियों को दांतों और हड्डियों स्कर्बी की बीमारी हो गई थी. उनके दांतों से खून बहना बंद नहीं हो रहा था और हड्डियों में तकलीफें ज्यादा बढ़ गई थी तब ज़्यादा पपीते की मदद से सारे साथी सेहतमंद हो गए थे. ज़ाहिर है स्कर्बी रोग से निज़ात दिलाने में पपीते की भूमिका अहम थी. दांतों की तकलीफ विटामिन सी की कमी की वजह से होती है और पपीते में विटामिन सी की बहुत ज्यादा मात्रा दांतों और हड्डियों की तकलीफ के लिए विटामिन सी का इस्तेमाल गुणकारी माना जाता है.
पेट की तकलीफ या भारीपन का इलाज
पेट में भारीपन होने पर पपीते का इस्तेमाल गुणकारी साबित होता है. पपीते में ऐसी खासियत है जो इंसान में अनोखी ताकत पैदा कर सकती है और उम्र में इजाफा करती है. इसलिए इसे जिंदगी का फल और सुनहरे पेड़ का सुनहरा फल भी कहा जाता है. बच्चों की डाइट में पपीते को शामिल करना उनके बेहतर स्वास्थ्य के लिए जरूरी माना जाता है. कहा जाता है कि कोलंबस ने जब अमेरिका की खोज की थी तो वहां के लोगों को देखकर उन्हें बेहद हैरानी हुई. वहां के लोग खाने में गोश्त और मछली का इस्तेमाल बहुत ज्यादा करते पाए गए लेकिन उन्हें किसी किस्म की पेट की तकलीफ या भारीपन महसूस नहीं होता था. दरअसल वहां के रिवाज में खाने के साथ पपीता खाने का रिवाज था इसलिए लोगों की पाचन शक्ति बेहद मज़बूत थी.
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