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नॉर्मल डिलीवरी के बाद टांके
जिन महिलाओं की नॉर्मल डिलीवरी होती है, उनमें से अधिकांश को योनि में टांके लगाए जाते हैं। ये टांके मूलाधार के चीरे (एपिसियोटमी) या पेरिनियम क्षेत्र के फट जाने पर लगाए जाते हैं। डिलीवरी के बाद कुछ हफ्तों में जैसे-जैसे चीरे का घाव ठीक होता है, ये टांके भी अपने आप गल जाते हैं। इन टांकों में आपको दर्द हो सकता है और आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि टांकों की साफ-सफाई रखें ताकि इनफेक्शन से बचा जा सके। इसके बारे में आगे विस्तार से जानें।
डिलीवरी के बाद टांकों की जरुरत क्यों पड़ती है?
नॉर्मल डिलीवरी के दौरान आपकी योनि और गुदा के बीच के मांसपेशीय क्षेत्र (पेरिनियम) में बहुत ज्यादा खिंचाव होता है।
अक्सर यह खिंचाव इतना ज्यादा होता है कि त्वचा फट जाती है। इसलिए भारत में अधिकांश डॉक्टर जब पेरिनियम क्षेत्र में खिंचाव होने लगता है तो वहां स्वयं शल्य चीरा (भगछेदन) लगा देती हैं। इस चीरे को अंग्रेजी में एपिसियोटमी कहा जाता है।
कई बार शल्य चीरा लगाने के बाद एपिसियोटमी उसी रेखा से और ज्यादा गहरी फट जाती है।
यदि आपके पेरिनियम क्षेत्र की त्वचा या चीरा बहुत ज्यादा फट जाए तो उत्तकों और त्वचा को ठीक होने में मदद के लिए टांकों की जरुरत होगी।
कई बार, खिंचाव होने पर भी त्वचा ज्यादा गहराई से नहीं फटती। इसमें केवल त्वचा की परतें फटती हैं, मांसपेशियां नहीं फटती। ऐसी स्थिति में टांके लगाने की जरुरत नहीं होती। इन्हें अंग्रेजी में फर्स्ट डिग्री टेयर कहा जाता है। यदि आप इतनी सौभाग्यशाली रहीं कि आपको एपिसियोटमी न करवानी पड़ी हो और केवल फर्स्ट डिग्री टेयर ही हुआ हो तो आपको शायद टांकों की भी जरुरत न पड़े।
योनि में लगे टांकों को ठीक होने में कितना समय लगता है?
आमतौर पर टांके डिलीवरी के दो हफ्तों के अंदर अपने आप गल जाते हैं, मगर चीरे की जगह को पूरी तरह ठीक होने में और ज्यादा समय लगता है। चीरे का घाव कितनी जल्दी ठीक होगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी त्वचा कितनी गहरी फटी है या चीरा कितना गहराई से लगा है।
सामान्य एपिसियोटमी या सैकंड डिग्री टेयर, जिसमें त्वचा के साथ मांसपेशी भी फटती है, वह आमतौर पर दो से तीन हफ्तों में ठीक हो जाती है। कुछ महिलाओं को एक या दो महीने तक दर्द व असहजता महसूस होती है।
यदि भगछेदन का चीरा बहुत गहराई तक फट गया हो और थर्ड या फोर्थ डिग्री टेयर हुआ हो - जिसमें त्वचा गुदा तक फट जाए, तो आपको लंबे समय तक दर्द व असहजता हो सकती है।
थर्ड और फोर्थ डिग्री टेयर किसी के साथ भी हो सकता है। डिलीवरी के बाद शुरुआती कुछ दिनों में आपको पेशाब या मलत्याग करने में भी मुश्किल हो सकती है। यह भी संभव है कि आपको कई महीनों या सालों तक गैस या मल को नियंत्रित करने में मुश्किल हो।
आपका मूलाधार का चीरा ज्यादा गहराई तक फटने की संभावना रहती है, यदि:
यह आपकी पहली नॉर्मल डिलीवरी है
आपके शिशु का जन्म बैक-टू-बैक स्थिति (जिसमें शिशु की पीठ माँ की पीठ की तरफ होती है) में हुआ है
प्रसव के दौरान जोर लगाने वाला चरण उम्मीद से काफी लंबा चला
आपके शिशु का वजन 4 किलो से भी ज्यादा है
पिछली डिलीवरी में पेरिनियम क्षेत्र में गहरा चीरा लगा था
आपका प्रसव उपकरणों की सहायता से हुआ है, जिसमें शिशु का जन्म प्रसूति चिमटी (फॉरसेप्स) या वेंटूस की मदद से कराया जाता है।
डिलीवरी के दौरान आपके शिशु का एक कंधा आपकी पुरोनितंबास्थि (प्यूबिक बोन) के पीछे फंस गया (शोल्डर डिस्टोकिया)।
योनि के आसपास दर्द होने पर मैं क्या कर सकती हूं?
डिलीवरी के बाद शुरुआती कुछ दिनों के लिए डॉक्टर आपको दर्दनिवारक दवा देंगी। हालांकि, जल्द ही आप पाएंगी कि इन दवाओं के बिना भी आप दर्द सहन कर पा रही हैं।
दर्द व असहजता से राहत पाने के लिए आप इन घरेलू उपायों को अपना सकती हैं:
पेरिनियम क्षेत्र में ठंडी या गर्म सिकाई करें। शुरुआत के दिनों में सूजन कम करने के लिए ठंडा पैक अच्छा रहेगा। जब सूजन कम हो जाए, टांकों से होने वाली असहजता कम करने के गर्म सिकाई कर सकती हैं।
पेशाब करते समय एक मग हल्का गर्म पानी पेरिनियम क्षेत्र पर डालें। टॉयलेट पेपर से टांकों को थपथपाते हुए पौंछ लें।
गर्म पानी के टब में एंटीसेप्टिक मिला कर एक बार में पांच से 10 मिनट के लिए उसमें बैठे। जब तक टांकों से असहजता कम न हो तब तक आप ऐसा दिन में दो बार कर सकती हैं। इसे अंग्रेजी में सिट्ज़ बाथ कहा जाता है और यह दर्द कम करने में मदद करता है।
जब तक आप पूरी तरह ठीक नहीं हो जाती और डॉक्टर इसकी जांच न कर लें, तब तक टैम्पॉन का इस्तेमाल न करें।
खुद को न थकाएं। बिस्तर से निकलकर चलना-फिरना आपके रक्त संचरण के लिए अच्छा है, मगर आपको पेरिनियम क्षेत्र में भारीपन सा महसूस हो, तो यह संकेत है कि आपको आराम की जरुरत है। इसलिए बीच—बीच में कुछ समय के लिए आराम अवश्य करें।
पालथी मारकर न बैठें, क्योंकि इससे पेरिनियम क्षेत्र में खिंचाव हो सकता है और टांकें भी खिंच सकते हैं।
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