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आपका शिशु: नवजात दृष्टि विकास समयरेखा
जब आपका नवजात शिशु पहली बार अपनी आँखें खोलता है और आपसे नज़रें मिलाता है तो वह पल जीवन के कुछ सबसे ख़ुशनुमा पलों में से एक होता है।
पर यदि वह तुरंत ऐसा न करे तो चिंतित न हों। नवजात शिशु की दृष्टि प्रणाली को विकसित होने में कुछ समय लगता है।
जीवन के पहले सप्ताह में शिशु कुछ अधिक विस्तार से नहीं देखते। जब वे पहली बार दुनिया को देखते हैं तो वह दृश्य अस्पष्ट और धूसर (ग्रे) रंग की छटाओं से बना होता है।
आपके बच्चे की दृष्टि को जन्म के बाद पूरी तरह विकसित होने में कई महीने लगते हैं। नवजात दृष्टि विकास के मील के पत्थरों को जानने (और उन्हें इस यात्रा में आप किस प्रकार मदद दे सकते हैं यह जानने) से यह सुनिश्चित हो सकता है कि आपका बच्चा सामान्य ढंग से चीज़ों को देख रहा हो और अपनी दुनिया का पूरा मज़ा ले रहा हो।
दृष्टि का विकास गर्भावस्था के दौरान शुरू हो जाता है
आपके बच्चे की दृष्टि का विकास जन्म से पहले ही शुरू हो जाता है। आपके शिशु के शरीर और मस्तिष्क के विकास, जिसमें उसकी आँखों और उसके मस्तिष्क में मौजूद दृष्टि केंद्रों का विकास शामिल है, के लिए यह बात बहुत महत्वपूर्ण है कि आप गर्भावस्था के दौरान अपने शरीर की देखभाल कैसे करती हैं।
गर्भावस्था के दौरान आपको जो उचित पोषण, जिसमें सप्लीमेंट्स शामिल हैं,और उचित मात्रा में आराम चाहिए उसके संबंध में अपने डॉक्टर से मिलने वाले निर्देशों का पालन करना न भूलें।
गर्भावस्था के दौरान धूम्रपान करने और एल्कोहल के सेवन से बचें, क्योंकि ये विष-पदार्थ आपके शिशु के लिए कई समस्याएँ पैदा कर सकते हैं, जिनमें दृष्टि की गंभीर समस्याएँ शामिल हैं।
धूम्रपान गर्भावस्था के दौरान विशेष रूप से हानिकारक होता है, क्योंकि सिगरेट के धुएँ में लगभग 3,000 प्रकार के अलग-अलग रसायन होते हैं जो इंसानों को नुकसान पहुँचा सकते हैं — इनमें कार्बन मोनोऑक्साइड शामिल है जो गर्भस्थ शिशु को नुकसान पहुँचाने वाला एक ज्ञात विष-पदार्थ है।
गर्भावस्था के दौरान एस्पिरिन जैसी आम दवाओं का सेवन भी आपके शिशु के लिए ख़तरनाक हो सकता है, और जन्म के समय भार कम होने का तथा प्रसव के दौरान समस्याएँ होने का जोख़िम बढ़ा सकता है। नवजात शिशुओं में जन्म के समय भार कम होने का संबंध दृष्टि संबंधी समस्याओं के जोख़िम में वृद्धि से पाया गया है।
अपनी गर्भावस्था के दौरान कोई भी दवा लेने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर से बात करें, इनमें डॉक्टरी पर्चे के बिना मिलने वाली दवाएं, हर्बल सप्लीमेंट और डॉक्टरी पर्चे के बिना मिलने वाले अन्य नुस्खे शामिल हैं।
जन्म के समय दृष्टि विकास
जन्म के कुछ ही समय बाद आपके डॉक्टर या नर्स आपके नवजात शिशु की आँखों की संक्षिप्त जाँच करते हैं ताकि जन्मजात मोतियाबिंद या अन्य गंभीर नवजात नेत्र समस्याओं की संभावना को ख़ारिज किया जा सके।
हालांकि ऐसी नेत्र समस्याएँ दुर्लभ होती हैं, पर उनका शुरुआत में ही पता लगाना और उपचार करना आवश्यक होता है ताकि आपके बच्चे की दृष्टि के विकास पर उनके प्रभाव को न्यूनतम रखा जा सके।
साथ ही, जन्म मार्ग में उपस्थित हो सकने वाले बैक्टीरिया एवं अन्य सूक्ष्मजीवों से होने वाले नेत्र संक्रमणों की रोकथाम के लिए आमतौर पर आपके नवजात शिशु की आँखों में एक एंटीबायोटिक मरहम भी लगा दिया जाता है। दृष्टि के सामान्य विकास के लिए आँखों के शुरुआती संक्रमणों की रोकथाम करना अत्यावश्यक है।
पहले माह में आपके शिशु की आँखें
जीवन के पहले माह में आपके शिशु की आँखें प्रकाश के प्रति अधिक संवेदनशील नहीं होती हैं। असल में, 1 माह के नवजात शिशु को यह पता लगाने कि प्रकाश उपस्थित है, के लिए जितनी मात्रा में प्रकाश चाहिए होता है (जिसे प्रकाश संसूचन सीमा कहते हैं) वह किसी वयस्क की तुलना में 50 गुना अधिक होता है।
नर्सरी में कुछ लाइटें ऑन छोड़ देने में कोई बुराई नहीं है — इससे आमतौर पर आपके शिशु की सो पाने की योग्यता पर कोई प्रभाव नहीं होगा — और जब आप उसे देखने के लिए रात में कमरे में जाएंगी तो आपकी अंगुलियां फ़र्नीचर से टकराएंगी भी नहीं!
नवजात शिशु रंग देख पाने की क्षमता बड़ी तेज़ी से विकसित करने लगते हैं। जन्म के एक सप्ताह बाद, वे लाल, नारंगी, पीला और हरा रंग देख सकते हैं। पर नीला और जामुनी रंग देख पाने योग्य होने में उन्हें थोड़ा अधिक समय लगता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि नीले प्रकाश की तरंगदैर्घ्य छोटी होती है, और मानव रेटिना में नीले प्रकाश के लिए रंग ग्राहियों की संख्या कम होती है।
और शुरुआत में यदि कभी-कभी आपके शिशु की आँखों में तालमेल दिखाई न पड़े तो चिंता न करें। कभी-कभार दोनों में से एक आँख अपनी सही सीध से अंदर या बाहर की ओर खिसक जाती है। ऐसा होना सामान्य है। पर यदि आँखें अपनी सही सीध से काफ़ी अधिक और लगातार खिसकी हुई बनी रहें, तो तुरंत किसी ऑप्टिशियन से सलाह लें।
सुझाव: अपने नवजात शिशु की दृष्टि को प्रेरित करने के लिए, उसके कमरे को उजले और खुशहाल रंगों से रंग दें। कंट्रास्ट वाले रंगों और आकृतियों वाली कलाकृतियाँ और फ़र्निशिंग लगाएँ। और उसके पालने के ऊपर या पास में उजले रंगों वाला एक घूमने वाला खिलौना भी टाँग दें। सुनिश्चित करें कि उसमें विभिन्न रंग और आकृतियाँ हों।
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