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जब दांत आते हैं तो हर बच्‍चा अलग महसूस करता है। कुछ बच्‍चों के दांत चार महीने के होने पर निकल आते हैं, तो कुछ के एक साल के होने तक दांत निकलना शुरू होते हैं। तीन महीने से लेकर तीन साल के बच्‍चे के दांत निकल सकते हैं। दांत आने का पहला संकेत होता है राल निकलना और बेबी का कुछ भी उठाकर मसूड़ों पर मलना।

दांत आने पर बच्‍चा चिड़चिड़ा हो सकता है, रो सकता है और उसे सोने में दिक्‍कत हो सकती है। कुछ बच्‍चों को दांत आने पर 101 डिग्री से कम बुखार चढ़ सकता है। अगर आपके बच्‍चे को 101 डिग्री से ज्‍यादा बुखार है, दस्‍त हो रहे हैं या बहती नाक की प्रॉब्‍लम हो रही है, तो यह दांत आने नहीं बल्कि वायरस के कारण हो सकता है।

​कब आते हैं दांत

आमतौर पर चार से आठ महीने के बच्‍चे के सामने के दांत निकलना शुरू हो जाते हैं और 30 से 36 महीने तक आते रहते हैं। टीथिंग पीरियड के दौरान बच्‍चा चिड़चिड़ा हो जाता है, नींद ठीक से नहीं आती, मसूड़ों में सूजन आती है, लार टपकती है, भूख कम लगती है, मंह के आसपास रैश, हल्‍का बुखार, दस्‍त, काटाना और मसूड़ों को मलने लगता है।

दांत आने पर बेबी को कैसे आराम दें

जब बच्‍चे के दांत आते हैं, तो उसे मसूड़ों में दर्द या असहज महसूस होता है। इस समय आप उसे कोई ऐसी चीज चबाने को दें जो उसके गले में न अटके।

आप कोई मुलायम रबड़ का खिलौना, नरम टूथब्रश या कूल रिंग दे सकते हैं। कुछ लोग उंगली से बेबी के मसूड़ों की मालिश भी करते हैं। इससे बच्‍चे को आराम मिलता है।

अगर इनमें से कुछ भी काम नहीं कर रहा है तो आप डॉक्‍टर से पूछकर उसे एसिटामिनोफेन दे सकते हैं।
​किन चीजों से रहें दूर

Hopkins के अनुसार दांत निकलने पर बच्‍चे को बेनजोकेन युक्‍त ओवर-द-काउंटर दवा नहीं देनी चाहिए। इन दर्द निवारक दवाओं से दुर्लभ लेकिन गंभीर मेथेमोग्‍लोबिनेमिया नामक रक्‍त विकार हो सकता है।

यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्‍ट्रेशन यानि एफडीए ने बच्‍चों के लिए इन दवाओं को बेचने से मना किया है।

एफडीए बच्‍चों के दांत आने पर होम्‍योपैथी दवाओं के इस्‍तेमाल के लिए भी मना करते हैं क्‍योंकि इसमें बेलोडोना होता है जो कि जहरीली हो सकती है।


​3 साल से छोटे बच्‍चों के लिए
जब बच्‍चे का पहल दांत दिखना शुरू हो जाए, तो उसे टूथब्रश या रैग से साफ करना शुरू कर सकते हैं। तीन साल से छोटे बच्‍चों के पेरेंट्स बच्‍चों के दांतों को दिन में दो बार फ्लोराइड टूथपेस्‍ट से साफ करें। बच्‍चे को रात को सोते समय दूध या जूस न पिलाएं क्‍योंकि इससे दांतों में कीड़ा लग सकता है। दांत आने पर बच्‍चों को ज्‍यादा मीठी चीजें भी नहीं खिलानी चाहिए।

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