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नसों की बीमारी में 50 फीसदी ऐसे मरीज होते हैं जो भागदौड़ की जिंदगी जी रहे हैं या किसी तनाव व अवसाद से ग्रसित हैं। ज्यादातर लोग गर्दन, कमर, बांह दर्द, नस व मांसपेशियों में कमजोरी की समस्या से जूझ रहे हैं। इसकी मुख्य वजह शरीर में कैल्शियम की कमी के साथ-साथ भोजन में पर्याप्त खनिज पदार्थ न लेना है। लंबे समय तक तनाव तंत्रिका तंत्र को नुकसान पहुंचाकर न्यूरोपैथी का कारण बन सकता है । जब तंत्रिका तंत्र क्षतिग्रस्त हो जाता है, तो यह दर्द, सुन्नता, झुनझुनी और अन्य लक्षण पैदा कर सकता है। अंतिम परिणाम दर्द, बेचैनी, या इससे भी बदतर है।

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