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आयुर्वेद के अनुसार अजवाइन पाचन, स्तनदूध के उत्पादन और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए फायदेमंद है। इसलिए अक्सर नई माँ को डिलीवरी से उबरने के लिए अजवाइन के सेवन की सलाह दी जाती है।
पारंपरिक तौर पर अजवाइन का इस्तेमाल वजन घटाने और गर्भाशय को साफ करने के आयुर्वेदिक उपचारों में किया जाता रहा है। प्रसवोत्तर एकांतवास की अवधि में इन दोनों उपचारों की जरुरत होती है।
यदि आपने अभी शिशु को जन्म दिया है, तो आपको शायद बताया जाएगा कि अजवाइन के सेवन का सबसे अच्छा तरीका है अजवाइन का गुनगुना पानी पीना। यह कैसे तैयार किया जाए, इसके लिए आप हमारा एकांतवास के पारंपरिक पेयों पर लेख पढ़ सकती हैं।
यदि आपको पसंद हो तो अजवाइन का पानी पीने में कोई हर्ज नहीं है। यदि आपको अजवाइन का स्वाद पसंद नहीं हो या फिर लगता हो कि पानी में अजवाइन का स्वाद होने की वजह से आप कम पानी पी रही हैं, तो अन्य पेय पीने में कोई बुराई नहीं है।
प्रसव से उबरने और स्तनदूध की आपूर्ति के लिए केवल अजवाइन का पानी पीना काफी नहीं है, बल्कि जरुरी है कि आप पर्याप्त मात्रा में तरल का सेवन करें। यदि आपको अजवाइन का स्वाद बिलकुल भी पसंद नहीं, तो इसे पीना जरुरी नहीं है।
जब तक आपके शरीर को अलग-अलग तरह के आहारों से पर्याप्त पोषण मिल रहा है और आप जितना ज्यादा हो सके आराम कर पा रही हैं, तब तक आप प्रसव से अच्छी तरह उबर पाएंगी और शिशु की मांग के अनुसार स्तनदूध का उत्पादन भी कर पाएंगी।
साथ ही, डिलीवरी से उबरने के दौरान आप स्वास्थ्य जटिलताएं उत्पन्न होने के लक्षणों को लेकर भी सचेत रहें। हमारे लेख में पढ़ें कि प्रसव के बाद कौन से लक्षणों को अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए।
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