Login
$zprofile = 'profile'; $zcat = 'category'; $zwebs = 'w'; $ztag = 'tag'; $zlanguage = 'language'; $zcountry = 'country'; ?>
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
कई बार ज़रूरत से ज़्यादा दूध पिलाने से भी उन्हें उल्टी हो सकती है. कई बार बच्चों को कब्ज की परेशानी हो जाती है, जिससे पाचन ठीक प्रकार से नहीं होता है, इस कारण उल्टियां हो सकती है. बच्चों में उल्टियां कई बार सर्दी जुखाम, बुखार, गर्मी और इंफेक्शन के कारण भी हो सकती है. ऐसे में आपको तुरंत चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए.
बच्चे को उल्टी होना सामान्य बात है?
शुरुआती हफ्तों में नवजात शिशुओं का बार-बार उल्टी करना सामान्य बात है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि वे अपने आहार के साथ में तालमेल बिठा रहे होते हैं और उनका शरीर विकसित हो रहा होता है।
चलती गाड़ी में यात्रा (कार सिकनेस) से लेकर अपच तक, सभी चीजें शिशु में उल्टी की वजह बन सकती हैं। यहां तक कि लंबे समय तक रोना और खांसना भी उल्टी का कारण हो सकता है। इसलिए आपको शिशु के शुरुआती सालों में काफी सारी उल्टी देखने को मिल सकती है।
आमतौर पर उल्टी का दौर आमतौर पर शुरुआत के 6 से 24 घंटों में हल्का पड़ जाता है। आपके शिशु को किसी विशेष उपचार की जरुरत नहीं होनी चाहिए, बस उसे पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाएं ताकि शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) न हो।
जब तक आपका शिशु स्वस्थ दिख रहा है और उसका वजन बढ़ रहा है, तब तक आमतौर पर चिंता करने के कोई जरुरत नहीं होती। हालांकि, अपने अंदर की आवाज पर विश्वास करें और यदि आपको लगे कि कुछ ठीक नहीं है तो डॉक्टर से बात करें।
कैसे पता चल सकता है कि शिशु केवल दूध उलट रहा है या उल्टी कर रहा है?
नए माता-पिता अक्सर यह अंतर नहीं कर पाते कि शिशु उल्टी कर रहा है या पिफर केवल थोड़ी-बहुत मात्रा में दूध उलट रहा है (पॉसेटिंग)। मगर इसकी पहचान के कुछ संकेत हैं।
दूध उलटना
जब आपका शिशु दूध उलटता है, तो यह बिना किसी प्रयास के बाहर आता है। इसके लिए शिशु थोड़ी-बहुत या कोई ताकत नहीं लगाता और इससे शिशु को कोई परेशानी नहीं होती या उसका पेट भी खराब नहीं होता। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि शिशु की भोजन नलिका और पेट के बीच की मांसपेशियां अभी विकसित हो रही होती हैं और सही से काम नहीं करती। इसकी वजह से कुछ अंश पेट से दोबारा गले तक आ जाते हैं।
पॉसेटिंग के दौरान फटा हुआ दूध बाहर निकालना काफी आम है।
दूध पीते हुए आपका शिशु हवा भी अंदर ले सकता है और जब यह हवा डकार के रूप में वापिस बाहर आती है तो इसके साथ कुछ तरल भी आ सकता है। शिशुओं में ऐसा होना सामान्य है और कोई चिंता की बात नहीं होती।
उल्टी करना
जब शिशु उल्टी करता है तो उसके पेट के अंदर मौजूद तत्व प्रबलता से बाहर आते हैं। उल्टी शिशु के लिए डराने वाला अनुभव हो सकता है, इसलिए वह रो भी सकता है।
साथ ही उल्टी की मात्रा भी आमतौर पर दूध उलटने से ज्यादा होती है। उल्टी अक्सर पतली होती है या इसमे श्लेम भी होता है। आपके शिशु को इसके साथ अन्य लक्षण जैसे कि बुखार, चिड़चिड़ापन भी हो सकता है।
चाहे दोनों में से कुछ भी हो, आप अपने शिशु के डॉक्टर से बात करें। यदि शिशु की उल्टी या दूध उलटने में आपको दूध, फॉर्मूला या श्लेम के अलावा कुछ और भी दिखाई दे तो डॉक्टर को दिखाना और भी जरुरी हो जाता है।
| --------------------------- | --------------------------- |