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गर्भावस्था में स्ट्रेच मार्क्स से बचने के क्या उपाय हैं?

गर्भावस्था के दौरान आपको अपने बढ़ते पेट पर, नितंबों, जांघों, कूल्हों और स्तनों पर शायद खिंचाव के निशान (स्ट्रेच मार्क्स) दिखाई देंगे। अधिकांश महिलाओं को ये स्ट्रेच मार्क्स होते हैं और चाहे कोई कितने भी दावे करे मगर लोशन या तेल से इन्हें होने से रोका नहीं जा सकता। हालांकि अगर गर्भावस्था के दौरान आप अपना स्वस्थ वजन स्तर बनाएं रखें, पर्याप्त पानी पीएं और वसायुक्त, ज्यादा नमकीन या प्रसंस्कृत भोजन न खाएं तो थोड़ी मदद मिल सकती है। वैसे ये स्ट्रेच मार्क्स डिलीवरी के कुछ समय बाद हल्के पड़ जाते हैं और इतने ज्यादा दिखाई नहीं देते।
स्ट्रेच मार्क्स क्या होते हैं?
स्ट्रेच मार्क्स त्वचा पर छोटी, असमान रेखाएं होती हैं। इन्हें स्ट्राई ग्रेविडरम भी कहा जाता है।

जैसा कि नाम से ही पता चलता है, स्ट्रेच मार्क्स त्वचा में खिंचाव होने की वजह से होते हैं। जब किसी व्यक्ति का वजन बहुत तेजी से बढ़े या घटे या फिर गर्भावस्था के दौरान पेट और स्तनों का माप बढ़ने की वजह से ये स्ट्रेच मार्क्स होते हैं।

आपकी त्वचा की रंगत के अनुसार ये स्ट्रेच मार्क्स शुरुआत में गुलाबी, लाल-भूरे, बैंगनी या गहरे भूरे रंग के हो सकते हैं। बाद में ये हल्के पड़ जाते हैं हालांकि, ये कभी भी पूरी तरह नहीं हटते।
गर्भावस्था में स्ट्रेच मार्क्स क्यों होते हैं?
गर्भावस्था में स्ट्रेच मार्क्स होना बहुत आम है और अधिकांश गर्भवती महिलाओं को ये होते हैं। प्रेगनेंसी के दौरान आपके हॉर्मोन त्वचा की मध्य की परतों को प्रभावित करते हैं ताकि ये दोनों तरफ की परतों से इतनी अच्छी तरह ना चिपके। इसकी वजह से हल्का उभार और रेखाएं दिखने लगती हैं।

गर्भावस्था के हॉर्मोन त्वचा के उत्तकों को भी शिथिल कर देते हैं, जिससे स्ट्रेच मार्क्स आसानी से हो जाते हैं।
प्रेगनेंसी में स्ट्रेच मार्क्स कब शुरु होते है?
स्ट्रेच मार्क्स आमतौर पर दूसरी तिमाही के अंत में या तीसरी तिमाही की शुरुआत में दिखना शुरु होते हैं।

इस समय गर्भ में पल रहे शिशु के लिए जगह बनाने के लिए आपका पेट तेजी से बढ़ता है।

जैसे-जैसे आपका वजन बढ़ता है आपको ये स्ट्रेच मार्क्स ज्यादा दिखाई देंगे। अधिकांश गर्भवती महिलाओं में ये निशान नितंबों, कूल्हों, जांघों, स्तनों और ऊपरी बाजू में दिखाई देते हैं।

मगर हर गर्भावस्था अलग होती है और कुछ मामलों में ये स्ट्रेच मार्क्स पहले भी शुरु हो सकते हैं। प्रेगनेंसी के दौरान आपकी त्वचा जितना ज्यादा फैलती है, उतनी जल्दी ये स्ट्रेच मार्क्स होने लगते हैं।
किन महिलाओं को गर्भावस्था में स्ट्रेच मार्क्स होने की संभावना ज्यादा होती है?
कुछ स्थितियां स्ट्रेच मार्क्स होने की संभावना को बढ़ा देती हैं। अगर आपके साथ नीचे बताई गई कोई स्थिति है, तो आपको स्ट्रेच मार्क्स होने की संभावना ज्यादा होगी:

आपका तेजी से बहुत ज्यादा वजन बढ़ा है
आपके गर्भ में जुड़वा या इससे ज्यादा शिशु हैं।
आपके गर्भ में सामान्य से बड़ा शिशु है।
आपके गर्भ में बहुत ज्यादा एमनियोटिक द्रव है। इस स्थिति को अंग्रेजी में पोलिहाइड्रेमनियोस कहा जाता है।
आपकी माँ या बहन को गर्भावस्था के दौरान स्ट्रेच मार्क्स हुए थे।
आप कम उम्र में माँ बन रही हैं, खासतौर पर किशोरावस्था में।
गर्भवती होने से पहले ही आपको स्ट्रेच मार्क्स थे, शायद स्तनों पर।

गर्भावस्था में स्ट्रेच मार्क्स से बचने के लिए मैं क्या कर सकती हूं?
दुर्भाग्ववश, स्ट्रेच मार्क्स को रोकने के लिए आप ज्यादा कुछ नहीं कर सकती हैं।

मगर कुछ चीजें हैं जो स्ट्रेच मार्क्स के प्रभावों को कम करने में मदद कर सकती हैं, जैसे कि:

अपनी वजन वृद्धि पर ध्यान दे, वजन धीरे-धीरे निरंतर बढ़ना चाहिए, एकदम अचानक से नहीं।
उच्च वसायुक्त, तैलीय, ज्यादा नमक वाला या प्रसंस्कृत भोजन का सेवन न करना
पर्याप्त मात्रा में पानी पीना और जलनियोजित रहना
नियमित व्यायाम करना

क्या तेल और क्रीम लगाने से स्ट्रेच मार्क्स से बचाव हो सकता है?
स्ट्रेच मार्क्स से बचने का कोई कारगर उपाय नहीं है, मगर बाजार में स्ट्रेच मार्क्स से होने वाली असहजता यानि खुजली आदि से राहत के लिए बहुत सी क्रीम या तेल उपलब्ध हैं।

स्ट्रेच मार्क्स पर जैतून का तेल, नारियल का तेल या बादाम का तेल लगाना काफी लोकप्रिय उपाय है, जिसे काफी फायदेमंद माना जाता है। कुछ महिलाओं का मानना है कि जिन क्रीम में सोयाबीन, एलोवेरा, गाजर का तेल या कोको बटर हो, वे त्वचा को आराम देने और नम बनाने में मदद करती हैं।

अगर आप एंटी-स्ट्रेच मार्क्स क्रीम का इस्तेमाल करना चाहें तो डॉक्टर की सलाह से कर सकती हैं। माना जाता है कि पहली तिमाही से ही इनका इस्तेमाल शुरु कर देना चाहिए यानि आपके स्ट्रेच मार्क्स दिखने शुरु हों, उससे पहले से।

बहरहाल, त्वचा पर तेल से मालिश करने, लोशन या एंटी-स्ट्रेच मार्क्स क्रीम लागने से स्ट्रेच मार्क्स से बचाव नहीं होता। ये सभी त्वचा की केवल बाहरी परत पर लगाए जाते हैं, ये अंदर की उस परत तक नहीं पहुंचते, जिसमें खिंचाव होता है।

साथ ही ​कोई भी हर्बल तेल या उबटन आदि लगाने में सावधानी बरतें। इनमें इस्तेमाल की गई कुछ सामग्रियों से आपको चकत्ते हो सकते हैं या आपकी पहले से संवेदनशील त्वचा की स्थिति और बिगड़ सकती है।

वैसे, तेल या क्रीम लगाना अन्य तरीकों से फायदेमंद हो सकता है। त्वचा पर मालिश करने से आपको आराम मिल सकता है, पेट में पल रहे शिशु के साथ बंधन और मजबूत हो सकता है और अपने बढ़ते पेट को देखकर आपको अच्छा महसूस हो सकता है।
क्या कोई अन्य थैरेपी स्ट्रेच मार्क्स से बचाव में मदद कर सकती हैं?
कुछ कॉम्प्लिमेंटरी थैरेपिस्ट विटामिन ई की कैपसूल लेने या स्ट्रेच मार्क्स पर विटामिन ई लगाने की सलाह देते हैं। विटामिन ई एक एंटीऑक्सीडेंट है जो कि स्ट्रेच मार्क्स क्रीम समेत बहुत सी अन्य क्रीम में इस्तेमाल किया जाता है।

हालांकि, गर्भावस्था के दौरान विटामिन ई की कैप्सूल खाना शायद आपके लिए सुरक्षित न हो। इसलिए कोई भी विटामिन सप्लीमेंट लेने से पहले अपनी डॉक्टर से बात करें।

एरोमाथैरेपी से आपका मूड बेहतर हो सकता है और शरीर में हो रहे बदलावों को लेकर आपको अच्छा महसूस हो सकता है। अगर आप किसी थैरेपिस्ट से मिलना चाहें, तो ऐसे थैरेपिस्ट का चयन करें जो रजिस्टर्ड हो और उन्हें गर्भवती महिालाओं के उपचार का अनुभव हो।

अगर आप घर पर एसेंशियल ऑयल आजमाकर देखना चाहें तो उन्हें कभी-कभार लगाएं, रोजाना नहीं। संतरे के पेड़ के फूलों से प्राप्त नेरोली तेल अरोमाथेरेपी में इस्तेमाल किया जाने वाला एक सु​रक्षित एसेंशियल ऑयल है। इसकी दो बूंदों को एक छोटी चम्मच ग्रेपसीड और व्हीटजर्म ऑयल में मिलाएं। गेहूं के दानों के भीतरी भाग से निकाला गया व्हीट जर्म तेल विटामिन ई से भरपूर होता है, जो त्वचा को पोषण देने में मदद कर सकता है।
शरीर पर स्ट्रेच मार्क्स देखकर मैं काफी परेशान हूं, मुझे क्या करना चाहिए?
बहुत सी माएं गर्भावस्था के दौरान शरीर में आए बदलावों को लेकर गर्व महसूस करती हैं। उन्हें लगता है ये बदलाव गर्भ में नौ महीने बच्चे को पालने और उसे जन्म देने की बड़ी उपलब्धि को दर्शाते हैं। अगर आप भी इसी तरह सोचेंगी तो इन स्ट्रेच मार्क्स को देखकर आपको शायद ज्यादा परेशानी नहीं होगी।
क्या स्ट्रेच मार्क्स बाद में हट जाते हैं?
स्ट्रेच मार्क्स स्थाई होते हैं और कभी नहीं हटते। मगर डिलीवरी के बाद एक-दो साल में ये अपने आप हल्के पड़ जाते हैं। यदि आपको इसे बहुत ज्यादा परेशानी हो रही हो, तो इन्हें हटाने के विकल्पों के बारे में अपनी डॉक्टर से बात करें। वे आपकी स्थिति और त्वचा को देखते हुए कुछ स्थानिक उपचार या लेजर ट्रीटमेंट के बारे में बता सकती हैं।

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