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शरीर में कफ क्यों बढ़ता है? जानें इसके कारण और कफ कम करने के घरेलू नुस्खे
अगर आपकी शरीर में भी कफ दोष बढ़ गया है तो यहां जानें कफ के बढ़ने के कारण और उसे कम करने के घरेलू नुस्खों के बारे में।
शरीर में कफ क्यों बढ़ता है? जानें इसके कारण और कफ कम करने के घरेलू नुस्खे
यह तो आपने जरूर सुना होगा कि हमारा शरीर वात, पित्त और कफ से मिलकर बना होता है, जिसे त्रिदोष भी कहा जाता है। शरीर में इन तीनों दोषों का ही संतुलित रहना बेहद जरूरी होता है। इनमें से यदि एक दोष भी असंतुलित हो जाए तो यह शरीर में समस्याएं पैदा कर सकते हैं। क्या आप कफ दोष के बारे में जानते हैं? अगर नहीं, तो इस लेख के जरिए हम आपको कफ दोष और शरीर में इसे संतुलित करने के घरेलू नुस्खे बताएंगे। कफ शरीर में अन्य दो दोषों की तुलना में सबसे धीमा होता है। कफ दोष के असंतुलित हो जाने पर शरीर में सुस्ती, नकारात्मक्ता और थकान सी महसूस होने लगती है। शरीर में कफ का स्तर बढ़ जाना आपके पाचन तंत्र को नुकसान देने के साथ ही मोटापे और अस्थमा का कारण भी बन सकता है। आइये जानते हैं शरीर में कफ क्यों बढ़ता है और इसे संतुलित करने के कुछ घरेलू उपायों के बारे में।
क्या होता है कफ (What is Kapha)
आयुर्वेद में कफ दोष को विषेश महत्तव दिया गया है। यह दोष आपकी इम्यूनिटी को बढ़ाने में काफी सहायक माना जाता है। कफ दोष को मुख्य दोष माना जाता है, क्योंकि यह अन्य दोनों दोषों वात और पित्त को भी संतुलित रखता है। हालांकि कफ को तीनों की अपेक्षा में भारी भी माना जाता है। असंतुलित जीवनशैली और खराब खान पान के कारण शरीर में कफ दोष बढ़ जाता है। शरीर को रोगों से बचाने के लिए कफ दोष का संतुलित रहना अति आवश्यक है।
कफ बढ़ने के कारण (Causes of Increased Kapha)
तैलीय पदार्थ कफ की मात्रा बढ़ाने के लिए अधिक जिम्मेदार होते हैं। तैलीय पदार्थ का सेवन करने से शरीर में कफ की मात्रा जल्दी बढ़ जाती है। इसमें बाहर का खाना, नमकीन, कोल्ड ड्रिंक का सेवन और ज्यादा मीठा खाना शामिल है।
ठंडी चीजें एक तरह से कफ की दुश्मन मानी जाती हैं। अक्सर लोग ज्यादा ठंडा पानी पी लेते हैं या फिर बारिश के मौसम में भीगने से भी शरीर में कफ की मात्रा बढ़ सकती है।
ओवरईटिंग करने से शरीर में अधिक मात्रा में कैलरी जमा होती है, जो कफ दोष को बढ़ा देती है।
दूध, दही और घी जैसे तैलीय पदार्थों के सेवन से भी शरीर में कफ की मात्रा असंतुलित होकर बढ़ जाती है। इसलिए दूध और दही भी ज्यादा मात्रा में लेना नुकसानदायक हो सकता है।
कफ बढ़ने के लक्षण Symptoms of Increased Kapha)
शीर में कफ बढ़ने पर आप आसानी से इसके लक्षणों को पहचान सकता है।
हर समय सुस्त और थका हुआ महसूस करना
त्वचा में पीलापन आना
पेशाब संबंधी समस्याएं होना
मानसिक रूप से थका हुआ महसूस करना
कफ संतुलित करने के घरेलू नुस्खे (Home Remedies to Balance Kapha)
1. तीखी और कड़वी चीजें खाएं (Eat Bitter Foods)
आयुर्वेद के अनुसार तीखे खाद्य पदार्थों का सेवन करने से शरीर में कफ संतुलित होता है। कफ प्रकृति के लोगों को तीखी चीजों का सेवन जरूर करना चाहिए। ऐसे लोग जिनमें कफ बढ़ने के कारण कोई समस्या है, वे अपने आहार में तीख चीजें जरूर शामिल करें। इसके लिए आप करेले और गिलोय की लकड़ी और पत्तियों आदि का सेवन कर सकते हैं। इससे आपका बढ़ा हुआ कफ कम होता है।
2. व्यायाम करना (Exercise)
व्यायाम आपके तीनों दोषों को संतुलित रखने के लिए बेहद कारगर विकल्प माना जाता है। कफ को आधार देने के लिए व्यायाम जरूरी है। इसे संतुलित रखने के लिए आपको पीछे झुकने वाले आसन जैसे धनुरासन, भुजंगासन, उष्ट्रासन और सूर्य नमस्कार आदि करने की आवश्यकता है। ध्यान रहे कि इन अभ्यासों को करते समय आपको सांस का संतुलन सुचारू रूप से रखना है। कफ प्रक्रृति के लोगों के लिए बैक बेंडिंग एक्सरसाइज काफी कारगर मानी जाती है।
3. पुराने शहद का सेवन करें (Eat Old Honey)
आयुर्वेद में शहद को पुराने समय से ही कफ को संतुलित करने के लिए इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। कफ को संतुलित करने के लिए आपको पुराने शहद का सेवन करना है। ध्यान रहे कि अगर आप कफ को संतुलित करने के लिए शहद का सेवन कर रहे हैं तो इसे गर्म पानी के साथ या फिर गर्म करकर न लें। आप साधारण तापमान वाले पानी में इसे मिलाकर पी सकते हैं। या शहद को सूखा खा सकते हैं।
4. संतुलित आहार लें (Take Balanced Diet)
ओवरईटिंग के कारण शरीर में कफ की मात्रा बढ़ जाती है। वहीं कफ प्रक्रृति वाले लोगों में मोटापा बढ़ने की भी आशंका रहती है। इसलिए कफ को संतुलित करने के लिए यह जरूरी है कि कम मात्रा या संतुलित मात्रा में खाना खाया जाए। इसके लिए उपवास भी काफी फायदेमंद माना जाता है। कफ दोष कम करने के लिए आप हफ्ते में एक बार उपवास रख सकते हैं। इससे कफ दोष कम होता है।
अगर आपकी शरीर में भी कफ की मात्रा बढ़ी हुई है तो इस लेख में दिए गए लक्षणों से इसे पहचानें और इसमें दिए गए घरेलू उपचारो का इस्तेमाल कर कफ को संतुलित करें।
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