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बच्चे को है एक्जिमा, भूलकर भी खाने की इन चीजों को पास भी न फटकने दें
अगर आपके बच्चे को एक्जिमा है, तो उसके खाने में कुछ खास फूड्स को शामिल करने से आपको बचना चाहिए।
एक्जिमा को एक्टोपिक डर्मेटाइटिस भी कहते हैं। यह स्किन से जुड़ी एक दीर्घकालिक समस्या है जिसमें स्किन पर खुजली, सूखे चकत्ते और जलन होती है। छोटे बच्चों खासतौर पर तीन से छह महीने के शिशु को भी अक्सर एक्जिमा हो जाता है।
कई अध्ययनों में सामने आया है कि खाने की कुछ चीजों से बच्चों में एक्जिमा की प्रॉब्लम बढ़ सकती है। इसलिए अगर आपके बच्चे को एक्जिमा हो गया है, तो उसे यहां बताए गए कुछ फूड्स देने से बचें।
अंडा
एक्जिमा वाले बच्चों के खाने से अंडे को निकाल देना चाहिए। pubmed में प्रकाशित एक रिसर्च में एक्टोपिक एक्जिमा के 14 साल से बड़े बच्चों पर अंडे से एलर्जी को लेकर स्टडी की गई। इस स्टडी के मुताबिक अंडे से एलर्जी एक्टोपिक एक्जिमा को और खराब कर सकती है।
गाय का दूध
6 महीने तक के शिशु के लिए ब्रेस्ट मिल्क ही संपूर्ण आहार होता है। अगर आप छह महीने से छोटे शिशु को गाय का दूध दे देते हैं तो इससे बच्चे में एक्जिमा का खतरा बढ़ सकता है जबकि छह महीने के होने के बाद गाय के दूध से एक्जिमा का खतरा कम या देरी से हो सकता है।
बच्चों को एक साल के होने के बाद गाय का दूध देना चाहिए। इन बच्चों को पत्तेदार सब्जियों, संतरे के जूस आदि से कैल्शियम दिया जा सकता है।
इन फूड्स से रखें दूरी
सेब, चैरी, कीवी, आडू, बादाम, गाजर और नाशपाती में बर्च पॉलन होता है जिससे कुछ लोगों को एलर्जी हो सकती है। इन चीजों को खासतौर पर वसंत के मौसम में नहीं खाना चाहिए क्योंकि इससे एक्जिमा के लक्षण और बढ़ सकते हैं।
सीफूड और फिश
सीफूड और फिश में प्रोटीन और ओमेगा-3 फैटी एसिड जैसे कई तरह के पोषक तत्व होते हैं जो बच्चे के विकास में मदद करते हैं। हालांकि, एक्जिमा के लक्षणों को बढ़ाने वाली फूड लिस्ट में इनका नाम भी आता है।
भारत के 100 बच्चों के खाने से प्रॉन और फिश को निकालकर यह जानने की कोशिश की गई कि क्या सच में इस खाने से एक्जिमा बढ़ता है। इन बच्चों को तीन हफ्तों तक सीफूड नहीं दिया गया जिससे एक्टिजमा की गंभीरता में कमी देखी गई।
एक साल के बच्चे को हफ्ते में एक बार फिश खिलाने से एक्जिमा के खतरे को 28 पर्सेंट तक कम किया जा सकता है।
मूंगफली
बच्चों में ज्यादातर एलर्जी उम्र के साथ ठीक हो जाती है लेकिन पीनट एलर्जी यानि मूंगफली से एलर्जी जिंदगीभर या लंबे समय तक रहती है। एक या दो साल के बच्चे की डाइट का ख्याल रखकर, उसे पीनट एलर्जी से बचाया जा सकता है। बेहतर होगा कि एक्जिमा वाले बच्चों को मूंगफली न दी जाए।
एक्जिमा में क्या खा सकता है बच्चा
फूड की बजाय ठोस आहार शुरू करने का समय ज्यादा महत्व रखता है। आप एक्जिमा वाले बच्चे को सैल्मन जैसी फैटी फिश खिला सकते हैं। इसके अलावा योगर्ट, ब्रोकली, केल और कुछ बैरीज भी इस स्किन प्रॉब्लम में लाभ पहुंचाती हैं।
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