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छूने से फैलता है कोढ़? जिसमें सूखी लकड़ी जैसे बन जाते हैं हाथ-पैर
How Leprosy Spreads: कुष्ठ रोग एक संक्रामक बीमारी है, जिसे कोढ़ भी कहा जाता है। इसके अंदर हाथ-पैरों में मुड़ने बंद हो जाते हैं और त्वचा गलने लगती है। आइए जानते हैं कि यह बीमारी कैसे फैलती है?
leprosy causes stiffness in hand and legs muscles know is it a touchable disease by dermatologist
छूने से फैलता है कोढ़? जिसमें सूखी लकड़ी जैसे बन जाते हैं हाथ-पैर, डॉ. ने बताई काम की बात
पुरानी फिल्मों में कई बार कुष्ठ रोग को कोढ़ कहते सुना होगा। धीरे-धीरे समाज में यह एक अछूत और गंदी बीमारी के रूप में फैल गया। कुष्ठ रोग के मरीज को लोग छूने से कतराने लगे और समाज से अलग रखने लगे। लेकिन, क्या सच में त्वचा गलाने और हाथ-पैर अकड़ाने वाली ये बीमारी छूने से फैलती है? इस बारे में हमने नई दिल्ली के जिवीशा क्लीनिक की डर्मेटोलॉजिस्ट डॉक्टर आकृति गुप्ता से बातचीत की।
छूने से फैल जाएगा कोढ़?
डर्मेटोलॉजिस्ट डॉक्टर आकृति गुप्ता के मुताबिक, सिर्फ रोगी की त्वचा के स्पर्श से कुष्ठ रोग नहीं होता है। दरअसल आकस्मिक या कुछ समय तक त्वचा के स्पर्श से कुष्ठ रोग के जीवाणु नहीं फैलते हैं, जैसेः हाथ मिलाना या गले लगना या फिर बस में अगल-बगल बैठना।
माना जाता है कि प्रभावित व्यक्तियों के साथ लंबे समय तक संपर्क के दौरान नाक और मुंह से निकलने वाली बूंदों के माध्यम से कुष्ठ रोग फैलता है। अब यह अधिकतर मामलों में पूरी तरह से ठीक होने वाली बीमारी है।
फिर कैसे फैलता है कोढ़?
कुष्ठ रोग माइकोबैक्टीरियम लेप्री (एम. लेप्री) नामक बैक्टीरिया के धीमी गति से बढ़ने वाले प्रकार के कारण होता है। यह बिल्कुल स्पष्ट नहीं है कि कुष्ठ रोग कैसे फैलता है। डॉक्टर आकृति गुप्ता ने बताया कि जब कुष्ठ रोग से ग्रस्त व्यक्ति खांसता या छींकता है, तो वे एम. लेप्री बैक्टीरिया युक्त बूंदों को फैला सकता है।
कुष्ठ रोग को प्रसारित करने के लिए संक्रमित व्यक्ति के साथ निकट शारीरिक संपर्क आवश्यक है। यह किसी संक्रमित व्यक्ति के साथ आकस्मिक संपर्क से नहीं फैलता है, जैसे हाथ मिलाना, गले मिलना, या भोजन के दौरान, बस में या टेबल पर उनके बगल में बैठने से।
इन लक्षणों पर करें गौर
त्वचा के रंगहीन पैच, आमतौर पर सपाट, जो सुन्न हो सकते हैं और फीके दिखते हैं
त्वचा पर वृद्धि (नोड्यूल)
मोटी, कड़ी या रूखी त्वचा
पैरों के तलवों पर दर्द रहित छाले
दर्द रहित सूजन या गांठ, चेहरे या कानों पर
भौहें या पलकों का नुकसान
त्वचा के प्रभावित क्षेत्रों की सुन्नता
मांसपेशियों में कमजोरी या पक्षाघात (विशेष रूप से हाथों और पैरों में)
बढ़ी हुई नसें (विशेष रूप से कोहनी व घुटने के आसपास और गर्दन के किनारों में)
आंखों की समस्याएं, जो अंधेपन का कारण बन सकती हैं (जब चेहरे की नसें प्रभावित होती हैं)
पूरी तरह खत्म हो सकता है कुष्ठ रोग
कुष्ठ रोग ठीक हो सकता है। ऑनलाइन प्राप्त कुछ आंकड़ों के अनुसार, पिछले 2 दशकों में कुष्ठ रोग से पीड़ित 1.6 करोड़ लोग ठीक हो चुके हैं। उपचार इस बात पर निर्भर करता है कि आपको किस प्रकार का कुष्ठ रोग है। एंटीबायोटिक्स का उपयोग संक्रमण के इलाज के लिए किया जाता है।
डॉक्टर लंबे समय तक इलाज की सलाह देते हैं, आमतौर पर 6 महीने से एक साल तक। यदि आपको गंभीर कुष्ठ रोग है तो आपको अधिक समय तक एंटीबायोटिक्स लेने की आवश्यकता हो सकती है।
अनदेखा करने से पड़ जाएंगे लेने के देने
उपचार के बिना या कुष्ठ रोग को अनदेखा करने पर त्वचा, नसों, हाथ, पैर और आंखों को स्थायी रूप से नुकसान पहुंचा सकता है। जैसे-
अंधापन या ग्लूकोमा
इरिटिस
बालों का झड़ना
बांझपन
चेहरे की विकृति (स्थायी सूजन, धक्कों और गांठों सहित)
पुरुषों में स्तंभन दोष और बांझपन
किडनी का खराब होना
मांसपेशियों में कमजोरी, जिसके कारण हाथ पंजे जैसे हो जाते हैं या अपने पैरों को मोड़ने में सक्षम नहीं हो पाते हैं
आपकी नाक के अंदर स्थायी क्षति
आपके मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के बाहर की नसों को स्थायी क्षति, जिसमें हाथ और पैर शामिल हैं
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