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एंटीबायोटिक से बैक पेन का इलाज करने की तैयारी:मुंहासों की एंटीबायोटिक दवा से गंभीर पीठ का दर्द भी दूर किया जा सकेगा, यूके के डॉक्टर्स का दावा
मुंहासों को खत्म करने वाले एंटीबायोटिक्स के इंजेक्शन से पीठ के दर्द का इलाज भी हो सकेगा। यूके के डॉक्टर्स इस इंजेक्शन की टेस्टिंग कर रहे हैं। डॉक्टर्स का कहना है, इंजेक्शन में मौजद दवा का नाम PP353 है। इससे लाखों लोगों को होने वाले पीठ के गंभीर दर्द से भी राहत मिल सकेगी।
डॉक्टर्स के मुताबिक, यह एंटीबायोटिक दवा उस बैक्टीरिया को खत्म करती है जिसके कारण मुंहासे होते हैं। रिसर्च में सामने आया है कि यह दवा बैक पेन से जूझने वाले मरीजों की डैमेज हुई स्पाइनल डिस्क में राहत देती है।
ट्रीटमेंट करने वाले यूके पर्सिया फार्मास्युटिक्लस का कहना है, शुरुआती ट्रायल के दौरान अब तक इससे तीन लोगों का इलाज किया जा चुका है। इनके दर्द में काफी हद तक कमी आई है। यह बड़ा बदलाव राहत देने वाला है। अब ये मरीज स्विमिंग भी कर सकते हैं।
बैक्टीरिया खत्म करने वाली दवा दर्द कैसे घटाएगी, इसे समझें
डॉक्टर्स का कहना है, बैक पेन की तीन सबसे बड़ी वजह हैं, स्लिप डिस्क, आर्थराइटिस और स्पाइनल स्टेनोसिस (हड्डी के कारण नर्व का दब जाना)। पिछले कुछ समय में हुई रिसर्च में यह साबित हुआ है कि इसकी एक वजह बैक्टीरिया भी हो सकते हैं।
2013 में डेनमार्क में हुई एक रिसर्च कहती है, स्लिप्ड डिस्क से जूझने वाले 40 फीसदी मरीजों में इसकी वजह क्यूटिबैक्टीरियम बैक्टीरिया का संक्रमण था। यह बैक्टीरिया मुंहासों के लिए जिम्मेदार होता है।
पर्सिया फार्मास्युटिकल्स के मुताबिक, ट्रायल के दौरान PP353 एंटीबायोटिक के इंजेक्शन को सीधे डिस्क में लगाया जाता है। इससे दवा सीधेतौर पर बैक्टीरिया तक पहुंचती है। यह दवा डिस्क तक पहुंचते ही दर्द की वजह बनने वाले बैक्टीरिया की ग्रोथ को रोक देती है। इस दवा का 40 मरीजों पर ट्रायल किया जा रहा है।
एंटीबायोटिक के इंजेक्शन को बैक पेन के मरीज की डिस्क पर सीधे लगाया जाएगा ताकि दवा का असर बैक्टीरिया पर जल्द हो सके।
एंटीबायोटिक के इंजेक्शन को बैक पेन के मरीज की डिस्क पर सीधे लगाया जाएगा ताकि दवा का असर बैक्टीरिया पर जल्द हो सके।
बैक्टीरिया ऐसे दर्द की वजह बनता है
एक्सपर्ट कहते हैं, इंसान की रीढ़ में छोटी-छोटी डिस्कनुमा संरचना होती है। इसके डैमेज होने पर दर्द शुरू होता है। मुंहासों का बैक्टीरिया क्यूटिबैक्टीरियम मुंह के जरिए शरीर में पहुंचता है और ब्लड में मिलकर पूरे शरीर में फैलता है।
स्लिप्ड डिस्क से जुड़ी रक्त वाहिनियों के जरिए बैक्टीरिया इसमें पहुंच जाता है। नतीजा, ये नर्व में दिक्कत पैदा करने के साथ सूजन और दर्द की वजह भी बनता है।
5 साल पुराना दर्द हुआ कम
शुरुआती ट्रायल में शामिल तीन में से एक 44 वर्षीय मरीज स्कॉट हैरिस का कहना है, वो पिछले 5 साल से बैक पेन से जूझ रहे थे। एंटीबायोटिक इंजेक्शन लगने के बाद दर्द में तेजी से गिरावट आई। वह कहते हैं, अब मैं स्विमिंग कर सकता हूं और सामान्य जीवन भी जी सकता हूं।
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