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जानें क्या होता है गर्भ में पल रहे जुड़वा बच्चे में से जब एक की हो जाए मौत

गर्भ में ठीक से एक शिशु के विकास न होने के कारण उसकी मृत्यु होने की अवस्था को ''वैनिशिंग ट्विन सिंड्रोम'' का नाम दिया गया है।
हर किसी की प्रेगनेंसी एक जैसी नहीं होती। किसी महिला को पूरे नौ महीने कोई समस्या नहीं होती, तो कुछ महिलाओं के लिए ये नौ महीने काफी तकलीफों भर रहता है। खासकर, उनके लिए जिनके गर्भ में जुड़वा बच्चे पल रहे हों। एक बच्चे की तुलना में जुड़वा बच्चों को गर्भ में पालना कोई आसान काम नहीं। प्रेगनेंसी में जब आपको पता चलता है कि आपके गर्भ में एक नहीं बल्कि जुड़वा बच्चे हैं, तो चिंता बढ़ जाती है। दोनों बच्चे की सेहत की चिंता सताने लगती है।

अक्सर ऐसा होता है कि एक बच्चे का विकास बहुत अच्छी तरह से होता है, लेकिन दूसरा बच्चा किसी न किसी समस्या के कारण अपना भ्रूण कार्यकाल पूरा नहीं कर पाता। इससे उसकी गर्भ में ही मृत्यु हो जाती है। क्या आप जानते हैं इस अवस्था को क्या कहते हैं? दरअसल, इसे वैनिशिंग ट्विन सिंड्रोम का नाम दिया गया है।

क्या है वैनिशिंग ट्विन सिंड्रोम

गर्भ में ठीक से एक शिशु के विकास न होने के कारण उसकी मृत्यु होने की अवस्था को ही वैनिशिंग ट्विन सिंड्रोम का नाम दिया गया है। इस अवस्था और तकलीफ से कई महिलाओं को गुजरना पड़ता है। ऐसा होने के बाद गर्भ में पल रहे दूसरे शिशु के लिए चिंता बढ़ जाती है। महिलाओं को यह डर सताने लगता है कि इस बच्चे का विकास ठीक से हो रहा है या नहीं? जन्म लेने के बाद कहीं उसके अंदर कोई शारीरिक समस्या से नहीं जन्म लेगी आदि।

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प्रेगनेंसी के शुरुआती दिनों में आपको पता चलता है कि आपके गर्भ में जुड़वा बच्चे हैं। कुछ दिनों बाद अल्ट्रासाउंड कराने से पता चले कि आपके गर्भ में तो सिर्फ एक ही भ्रूण विकसित हो रहा है, तो इसे वैनिशिंग ट्विन सिंड्रोम कहते हैं। एक शोध के अनुसार, लगभग 21 से 30 फीसदी मामलों में ऐसा होता है।

कब होती है समस्या

वैनिशिंग ट्विन सिंड्रोम के होने का खतरा पहले तिमाही में अधिक होता है। प्रेगनेंट होने के छठे या सातवें सप्ताह में अल्ट्रासाउंड करवाने पर पता चल जाता है कि गर्भ में जुड़वा बच्चे हैं। कुछ दिनों बाद जब सिर्फ एक ही धड़कन सुनाई दे तो समझ लीजिए कि दूसरा भ्रूण जीवित नहीं है।

वैनिशिंग ट्विन सिंड्रोम के लक्षण

आखिर यह सिंड्रोम क्यों होता है, इसका पता ठीक से नहीं चल पाया है, लेकिन कुछ संकतों और लक्षणों को भांप कर आप अलर्ट हो सकती हैं।

1 जब आपको अचानक ब्लीडिंग होने लगे तो डॉक्टर से तुरंत मिलें। ऐसी स्थिति में जुड़वा बच्चों में से किसी एक का गर्भपात हो जाता है, तभी ब्लीडिंग होती है।

2 पेट के नीचे अधिक क्रैंप होने लगे तो यह भी वैनिशिंग ट्विन सिंड्रोम के लक्षण हो सकते हैं। यूटेराइन में क्रैंप गर्भपात के संकेत हो सकते हैं। हालांकि, पीरियड्स के दिनों में भी क्रैंप होता है, पर जब आपको जी मिचलाना और उल्टी की भी शिकायत हो तो इसे नजरअंदाज न करें।

3 श्रोणि (Pelvis) के आस-पास दर्द वैनिशिंग ट्विन सिंड्रोम का मुख्य लक्षण है। पीठ के निचले हिस्से में टीस मारने वाला दर्द गर्भपात की ओर इशारा कर सकता है। इसके अलावा बेबी बंप में संकुचन या दबाव महसूस हो तो यह वैनिशिंग ट्विन सिंड्रोम के लक्षण हो सकते हैं।

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बरतें सावधानी

1 जब गर्भ में एक बच्चे की मृत्यु हो जाती है, तो इसकी मुख्य वजह प्लेसेंटा या गर्भनाल में असामान्यता हो सकती है। साथ ही यह बढ़ते भ्रूण में किसी प्रकार के विकार की तरफ भी इशारा करता है।

2 यदि एक बच्चे की गर्भ में मृत्यु हो जाती है, तो गर्भ में पल रहे जीवित बच्चे को भी सेहत से जुड़ी समस्याएं होने की आशंका बढ़ जाती है। जीवित बच्चे को मस्तिष्क पक्षाघात की संभावना अधिक रहती है। ऐसे मे डॉक्टर से समय-समय पर मिलती रहें।

3 भ्रूण की मृत्यु दूसरे या तीसरे तिमाही में होती है, तो इसे प्रेगनेंसी को हाई रिस्क कहा जाता है। ऐसे में आवश्यक इलाज की जरूरत पड़ती है।

4 अपने खानपान पर विशेष ध्यान दें। इससे गर्भ में पल रहा दूसरा बच्चा स्वस्थ रहेगा और उसका जन्म भी हेल्दी ही होगा।

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