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पीरियड्स को मासिक चक्र या एमसी के नाम भी जाना जाता है। ज्यादातर महिलाओं का मासिक चक्र नियमित होता है जो अनुमानत: हर 28 दिनों में आता है। जब पहला मासिक धर्म शुरू होता है तो अगला मासिक धर्म 3-6 सप्ताह के बीच कभी भी आ सकता है। यह 21 या 40 दिनों तक चल सकता है।

मासिक धर्म की अवधि आम तौर पर ३ से ७ दिनों की रहती है और अगर मासिक धर्म ७ दिन से ज्यादा का हो जाता है तो उसे लंबी अवधि कहते है। एक सप्ताह से अधिक समय तक बने रहने की अवधि को मेनोरेजिया कहते है।

अगर आपको ज्यादा रक्तस्राव हो रहा है जो एक सप्ताह से कम अवधि के लिए ही होता है तो मेनोरेजिया का निदान करना सम्भव है। वैसे तो मेनोरेजिया सिर्फ ५ प्रतिशत महिलाओं में ही होता है।

इस तरह की लम्बी अवधि का बने रहना कुछ स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की वजह से भी होता है जैसे -

कैंसर का होना
गर्भाशय से संबंधी असामान्यताएं
हार्मोन की अनियमितता होना

ज्यादा दिनों तक मासिक धर्म का आना बहुत सी बिमारियों को पैदा कर सकता है। ऐसी स्थिति में आपको चिकित्स्क से सम्पर्क करना चाहिए। मेनोरेजिया की वजह से आपको मासिक धर्म के दौरान बहुत कष्ट हो सकता है। जिसका प्रभाव आपकी दिनचर्या पर पड़ता है।

ज्यादा रक्तस्त्राव होने से नींद पर असर पड़ता है और अगर लम्बे समय तक मासिक धर्म होता है तो आयरन की कमी भी हो सकती है जिससे की एनीमिया होने का खतरा रहता है।

मेनोरेजिया के कारण बहुत सी गंभीर बीमारी हो सकती है। तो आखिर क्या कारण है जिसकी वजह से पीरियड्स ज्यादा दिनों तक आते है।

दवाएं - कुछ दवाओं की वजह से पीरियड्स की लंबी अवधि होती है। इन दवाओं में शामिल है - गर्भनिरोधक दवाई जैसे: अंतर्गर्भाशयी उपकरण और विस्तारित जन्म नियंत्रण की गोलियाँ, एस्पिरिन और अन्य ब्लड थिनर्स, एंटी इंफ्लामेट्रिस दवाएं।
हार्मोन की वजह - महिलाओं को प्रत्येक माह यूट्रस में एक परत बनती है। यह परत पीरियड्स में रक्त के द्वारा शरीर से बाहर निकलती है लेकिन हार्मोन का स्तर बिगड़ जाता है तो यह परत मोटी हो जाती है। जिससे ज्यादा समय तक रक्तस्त्राव होता है। ओव्यूलेट ना होने की वजह से भी हार्मोन असंतुलित हो जाते है जिससे भी ज्यादा समय तक पीरियड्स बने रहते है।
प्रेगनेंसी - प्लेसेंटा प्रिविया होने पर गर्भावस्था में भी रक्तस्राव होता है जो की ज्यादा भी हो सकता है। अगर आपने प्रेगनेंसी टेस्ट करवाया है और रिपोर्ट पॉजिटिव है। जिसके बाद भी आपको रक्तस्त्राव हो रहा है तो आपको अपने चिकित्स्क से संपर्क करना चाहिए।
यूटरस का बढ़ना - जब यूटरस की परत में पॉलीप्स की मात्रा बढ़ने लगती है तो रक्तस्त्राव अधिक होता है तथा जब यूट्रस में फाइब्रॉएड ट्यूमर होता है तब भी ज्यादा दिनों तक रक्तस्त्राव होता है।
एडेनोमायोसिस - यह एक ऊतक निर्माण है। ऐसी स्थिति तब बनती है जब आपका एंडोमेट्रियम या गर्भाशय की परत गर्भाशय की मांसपेशियों में खुद को एम्बेड कर लेती है। इस वजह से मासिक धर्म लम्बी अवधि तक बना रहता है।
कैंसर से - गर्भाशय या ओवरी कैंसर होने के कारण भी ऐसा होता है।
रक्तस्राव की स्थिति - जब शरीर में रक्त को थक्का बनाने की क्षमता प्रभावित होती है, तब भी ऐसा होता है इनमें दो प्रमुख है हीमोफिलिया और वॉन विलेब्रांड रोग।
पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज - जब बैक्टीरिया प्रजनन अंगों को संक्रमित करते है तब यह बीमारी होती है। मासिक धर्म चक्र में बदलाव के साथ पीआईडी असामान्य योनि स्राव भी करता है।
मोटापा - इसका एक कारण मोटापा भी होता है क्योंकि वसायुक्त ऊतक शरीर में अधिक एस्ट्रोजन का उत्पादन करते है। यह अतिरिक्त एस्ट्रोजन मासिक धर्म की लम्बी अवधि का कारण बनते है।
थायराइड - अगर आपको थायराइड है जिसमें आपको परेशानी आ रही है तब भी अधिक समय तक पीरियड्स आने की स्थिति बनी रहती है। इसे हाइपोथायरायडिज्म कहते है।
एंडोमेट्रियोसिस - यह तब होता है जब गर्भाशय की कोशिकाओं के छोटे टुकड़े गर्भाशय के बाहर फैलते है तो ऐसा होता है, जैसे- अंडाशय, फैलोपियन ट्यूब, मूत्राशय या योनि में।

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