Login
$zprofile = 'profile'; $zcat = 'category'; $zwebs = 'w'; $ztag = 'tag'; $zlanguage = 'language'; $zcountry = 'country'; ?>
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
बच्चे की मांसपेशियों के निर्माण के लिए जरूरी है प्रोटीन, इन फूड्स से होगी पूरी कमी
बच्चे की मांसपेशियों के निर्माण के लिए जरूरी है प्रोटीन.
Protein diet for kids- शरीर और मांसपेशियों के विकास के लिए प्रोटीन डाइट की आवश्यकता होती है. इसलिए ये एक आवश्यक डाइट है. प्रोटीन का सबसे जरूरी काम इम्यून सिस्टम को सपोर्ट करना है प्रोटीन डाइट को अपने डेली रूटीन में शामिल करने से ब्लड शुगर रेगुलेट होती है और मसल्स की ग्रोथ ठीक प्रकार से हो सकती है. साथ ही बच्चे को अपना पेट काफी समय के लिए भरा हुआ महसूस होता है. इसलिए बच्चे के खाने में अलग-अलग प्रकार के उच्च-गुणवत्ता वाले प्रोटीन स्रोतों को शामिल करना जरूरी है. दरअसल मांसपेशियां प्रोटीन से बनी होती हैं और मसल्स को मजबूत बनाने के लिए भी प्रोटीन की जरूरत होती है. प्रोटिन शरीर में अमीनो एसिड से बना होता है. जो शरीर में लगभग हर सेल्स का निर्माण करता है. चॉक ऑर्गेनाइजेशन कैलिफोर्निया के मुताबिक पोषण की दृष्टि से भी प्रोटीन ज़रूरी है. यह कार्बोहाइड्रेट की तुलना में धीरे-धीरे पचता है आइए जानते हैं बच्चों के लिए प्रोटीन के उचित स्रोत.
बच्चों के लिए प्रोटीन स्रोत
2 से 3 साल के बच्चे के लिए 13 ग्राम, 4 से 8 साल के बच्चे के लिए 18 ग्राम, 9 उसे 13 साल के बच्चे के लिए 34 ग्राम, 14 से 18 साल की लड़की के लिए 46 ग्राम और 14 से 18 साल के लड़के के लिए 51 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है.
ये हैं प्रोटीन के सोर्स
-बच्चों की प्रोटीन की जरूरत पूरा करने के लिए दूध, अंडे और मीट दिया जा सकता है.
-सोया, पीनट बटर, क्वीनोआ जैसी चीजें पूरी तरह से प्रोटीन से भरपूर होती हैं और इनकी अलग-अलग टेस्टी डिश बना कर बच्चे को डाइट में दी जा सकती है.
-काला चना, पनीर और बीन्स आदि भी प्रोटीन के बढ़िया स्रोत होते हैं और इन्हें रोटी के साथ सब्जी आदि के रूप में खाया जा सकता है.
-सूरजमुखी और कद्दू के बीजों का भी प्रयोग किया जा सकता है और इसे बच्चों को सलाद के रूप में दे सकते हैं.
-अगर बच्चा अंडा खा लेता है तो बच्चे को उबले हुए अंडे और ऑमलेट भी दे सकते हैं.
-बच्चे में शुरुआत से ही प्रोटीन की कमी न हो इसलिए उन्हें शुरू में मां का दूध देना जरूरी है.
-अगर बच्चा मांसाहारी है तो उसे मछली, चिकन, रेड मीट और बीन आदि दे सकते हैं. छोले और काले चने जैसी चीजें उबाल कर उन्हें स्नैक के रूप में दे सकते हैं.
| --------------------------- | --------------------------- |