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स्टडी का दावा फल खाने से कम होता है डिप्रेशन, ये 12 तरीके भी हैं आ सकते हैं काम
एक नयी स्टडी में यह पाया गया है कि जो लोग कम मात्रा में फल खाते हैं उनमें मानसिक बीमारियों की संभावना काफी अधिक होती है।
Eating fruits can prevent depression:एक नयी स्टडी के अनुसार जो लोग नियमित फलों का सेवन करते हैं उनमें डिप्रेशन जैसी मानसिक समस्याएं कम देखी जाती हैं। यह स्टडी की गयी ब्रिटेन की एस्टन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं द्वारा और इसे ब्रिटिश जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन में प्रकाशित किया गया। स्टडी के परिणामों के आधार पर शोधकर्ताओं का दावा है कि प्रोसेस्ड, पैकेटबंद और फ्राइड या शुगरी फूड्स खाने वाले लोगों में आवश्यक पोषक तत्वों की भारी कमी देखने को मिली। इसके साथ ही पोषक तत्वों की कमी के चलते ऐसे लोगों में मानसिक रोगों की संभावना भी अधिक देखी गयी।
स्टडी के दौरान ब्रिटेन के अलग-अलग हिस्सों से 428 वयस्कों का अध्ययन किया गया। जिसमें इन बातों पर गौर किया गया कि वे दिनभर में कितनी मात्रा में फल, मीठा, सब्जियां या स्नैक्स खाते हैं। सर्वे के अंत में जो परिणाम सामने आए उनके आधार पर निष्कर्ष निकाला गया कि जो लोग कम मात्रा में फल खाते हैं उनमें मानसिक बीमारियों की संभावना काफी अधिक होती है।
मेंटल हेल्थ के लिए फल खाना क्यों है जरूरी
स्टडी के निष्कर्षों की ही बात करें तो शोधकर्ताओं का कहना है कि फल-सब्जियों का सेवन मानसिक स्वास्थ्य से सीधा संबंध रखता है। इसी तरह हाई-फैट, हाई-कैलोरी फूड खाने वाले लोगों की मेंटल हेल्थ पर उनके खान-पान का बहुत असर पड़ता है। इस स्टडी की लेखिया और यूनिवर्सिटी में डॉक्टोरल स्टूडेंट निकोला-जेने टक के अनुसार," जैसा कि फलों और सब्जियोंमें कई प्रकार के पोषक तत्व पाए जाते हैं जो ब्रेन फंक्शन को बेहतर बनाते हैं। नेचुरल फूड्स में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट और डाइटरी फाइबर (dietary fiber) दिमाग की कार्यक्षमता को बेहतर बना सकते हैं। (
स्टडी के दौरान पाया गया कि जो लोग नियमित या अधिक मात्रा में फल खाते हैं उनमें डिप्रेशन का स्कोर कम देखा गया जबकि, पैकेटबंद, फ्राइड या अधिक नमक वाले फूड्स खाने वाले लोगों में एंग्जायटी, डिप्रेशन और स्ट्रेस जैसी समस्याएं काफी अधिक देखी गयीं।
डिप्रेशन से बचने के अन्य आसान उपाय क्या हैं?
डिप्रेशन से बचने के लिए सबसे पहले नकारात्मक बातें करने वाले लोगों से दूर रहें। ऐसे लोग जो आपको नीचा दिखाते हैं या आपका आत्मविश्वासतोड़ने का काम करते हैं।
खुद पर विश्वास रखें और सकारात्मक सोचें।
सोशल मीडिया पर कम समय बिताएं। दूसरों की तस्वीरें देखकर खुद को कम समझने या पीछे रहने जैसे विचार मन में ना आने दें।
डिप्रेशन से बचने के लिए दिमाग को शांत रखें। प्राणायाम, मेडिटेशन और योग की मदद लें।
नियमित एक्सरसाइज करें।
रोजाना कम से कम 30 मिनट के लिए धूप में टहलें।
काम से जुड़े तनाव को कम करने के लिए प्लान बनाएं और टाइम टेबल के अनुसार अपना काम पूरा करें।
सुबह-शाम वॉक करने बाहर जाएं।
दिनभर में 2-3 लीटर पानी पीएं और हेल्दी डाइट लें।
म्यूजिक सुनें और डांस का शौक हो तो झूमने और नाचने से भी शर्माए नहीं। खुलकर डांस करें और खुश रहें।
रोजमर्रा की छोटी-मोटी बातों पर होने वाली एंग्जायटी और स्ट्रेस को कंट्रोल करना सीखें।
अतीत में जो हो चुका है उसके बारे में ज्यादा ना सोचें। इसी तरह भविष्य के बारे में भी बहुत अधिक ना सोचें।
प्रकृति के साथ समय बिताएं। पहाड़ों पर ट्रेकिंग करने जाएं, बगीचों और समुद्र किनारे घूमने जाएं। गार्डनिंग करेंऔर पेड़-पौधों के बीच समय बिताएं।
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