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ऐसे कई खाद्य पदार्थ है हमारे पाचन तंत्र को अच्छा कर महत्वपूर्ण बैक्टीरिया देते हैं जो हमारे पाचन तंत्र को स्वस्थ रखते हैं। इन्हे आप गर्भावस्था के दौरान या फिर अगर आपका पेट ख़राब है तब भी खा सकते हैं।

1. ब्राउन राइस ब्राउन चावल में घुलनशीन फाइबर होने के कारण यह रक्त में बैड कोलेस्ट्रॉल यानि एल.डी.एल कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है। इसमें फाइबर की मात्रा ज़्यादा होने के कारण कब्ज़ को दूर करने में भी मदद करता है। वही सफ़ेद चावल दस्त, कब्ज और गैस पैदा सकता है।

2. केले: केले में कार्बोहाईड्रेट पर्याप्त मात्रा में होता है यह खून में वृद्धि करके शरीर की ताकत बढ़ाता है। कॉन्स्टिपेशन के मरीजों के लिए भी यह अच्छा रहता है। खाना खाने के बाद केला खाने से भोजन आसानी से पच जाता है।

3.ऐवकाडो ऐवकाडो एक ऐसा फल है जो आसानी से पच जाता है और पाचन तंत्र को भी तंदुरुस्त रखता है। ऐवकाडो को आप मैश करके उसकी चटनी बना कर खा सकते हैं या फिर उसे फल के रूप में भी खा सकते हैं।

4. पत्तेदार सब्जियां: पालक, पुदीना, मेथी, बथुआ, सेमी, बींस इत्यादि सब्जयों में आयरन भरपूर मात्रा में होता है जो महिलाओं के लिए बहुत ही लाभदायक होता है। पत्तेदार सब्जियां असनी से पच जाती हैं और इन्हे खाने से आपका पेट भी साफ़ रहता है। हरी सब्जियां खाने से शरीर में विटामिन ए और विटामिन बी कॉम्प्लेक्स की कमी दूर होती है।

5. दही: दही में अजवायन डालकर खाने से कब्ज दूर होता है। पेट की बीमारियों से परेशान होने वाले लोग यदि अपनी डाइट में प्रचूर मात्रा में दही को शामिल करें तो अच्छा होगा। इसमें अच्छे बैक्टीरिया पाए जाते हैं जो पेट की बीमारी को ठीक करते हैं। पेट में जब अच्छे किस्म् के बैक्टीरिया की कमी हो जाती है तो भूख न लगने जैसी तमाम बीमारियां पैदा हो जाती हैं। इस स्थिति में दही सबसे अच्छा भोजन बन जाता है। यह इन तत्वों को हजम करने में मदद करता है।

6. सेब सेब में पोटेशियम, विटामिन ए, फास्फोरस, विटामिन सी और मिनरल्स पाये जाते हैं। यह सब कब्ज की समस्याओं को कम करने मदद करते हैं। सेब में मजूद पेक्टिन से अच्छे बैक्टीरिया बढ़ जाते हैं जिससे इन्टेस्टन को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है।

7. चुकंदर चुकंदर के नियमित सेवन से कब्ज से बचा जा सकता है। यह बवासीर के रोगियों के लिए भी काफी फायदेमंद होता है। चुकंदर का जूस पीलिया, हेपेटाइटिस, मतली और उल्टी के उपचार में लाभप्रद होता है। चुकंदर के जूस में एक चम्मच नींबू का रस मिलाकर इन बीमारियों में तरल भोजन के रूप में दिया जा सकता है। गैस्ट्रिक अल्सर के उपचार के दौरान सुबह नाश्ते से पहले एक गिलास चुकंदर के जूस में एक चम्मच शहद को मिलाकर पियें।

8. शकरकंद शकरकंद डायट्री फाइबर और कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होता है। शकरकंद रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाता है। आलू के तुलना में शकरकंद में अधिक फाइबर होता हैं जो कब्ज को दूर करता हैं और पाचनशक्ति को बढ़ाता हैं। शकरकंद में मौजूद विटामिन सी और बी कॉम्प्लेक्स विटामिन, लोहा और फास्फोरस प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में मदद करता हैं।

9. दलिया: इसमें फाइबर, खनिज और विटामिन अधिक होते है। दलिया मैग्नीशियम, आयरन और फास्फोरस का एक अच्छा स्रोत है। दलिया खाने में स्वादिष्ट और बहुत ही पौष्टिक होता है। दलिया में मौजूद अघुलनशील फाइबर कब्ज को रोकने और पाचन तंत्र के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में मदद करता है। यह पेट के स्वास्थ्य को बनाए रखने और साथ ही साथ पेट के कैंसर के जोखिम को कम करने में मदद करता है।

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