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1. अर्जुन - अर्जुन की छाल हृदय संबंधी समस्याओं को दूर करने में मददगार होती है। इसकी छाल का पाउडर बनाकर या इससे गाय के दूध में पकाकर क्षीरपाक बनाकर लेने से हृदय रोगों के होने की संभावना ही नही रहती है।

2. ब्राम्ही और जटामांसी - ब्राह्मी और जटामांसी जैसी औषधि दिमाग को शांत रखने वाली औषधि है। दिमाग शांत रहने से हृदय के कार्य में बाधा नही आती है।ये दिल की धड़कन को नियंत्रि‍त करने में लाभकारी है।

3. पुनर्नवा - पूर्णानवा भी हृदय रोगों को दूर करने में लाभकारी है। यह कोलेस्ट्रोल और ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रित रखता है।

4. कुटकी - कुटकी मुख्य रूप से लिवर पर काम करता है। लिवर द्वारा सभी एंजाइम और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहने से हृदरोग का खतरा काफी कम हो जाता है।

5. हल्दी - खासकर दिल की सेहत के लिए नियमित रूप से हल्दी का सेवन बहुत जरूरी है।बहुत से शोध में ऐ बात सामने आयी है की हल्दी हमारे शरीर में खून का थक्का नहीं बनने देती क्योंकि यह खून को पतला करने का काम करती है।

6 ब्राम्ही और जटामांसी - ब्राह्मी और जटामांसी जैसी औषधि दिमाग को शांत रखने वाली औषधि है। दिमाग शांत रहने से हृदय के कार्य में बाधा नही आती है। ये दिल की धड़कन को नियंत्रि‍त करने में लाभकारी है

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