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आपका शिशु शायद आपके पेल्विस में काफी नीचे आ जाता है और वहाँ नीचे हर प्रकार की नसों से टकराता रहता है। इसलिए, जब आप इस नई असहजता से निपट रही हों, तो प्रसव के संकेत को देखिए। शिशु के हिलने-डुलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं रह जाती है और आपके शिशु का ज्यादातर समय सोने और आराम करने में बीतता है।

38 सप्ताह की गर्भावस्था में भ्रूण विकास
38 सप्ताह की गर्भावस्था में शिशु का औसत वजन करीब तीन किलोग्राम और औसत लंबाई लगभग 49.8 सें.मी. (19.6 इंच) होती है। वह अब करीबन एक कटहल के बराबर हो गया है।

डॉक्टर आपकी फंडल हाइट के आधार पर आपको यह संकेत दे सकती है कि आपका शिशु इससे बड़ा होगा या छोटा। पुरोनितंबस्थि (प्यूबिक बोन) से आपके गर्भाशय के शीर्ष तक की दूरी को फंडल हाइट कहा जाता है।

पतले लेनुगो बाल जो आपके शिशु के शरीर को ढके हुए थे, अब अधिकतर झढ़ गए हैं। मगर, अभी भी जन्म के समय कुछ बाल शेष रह सकते हैं, विशेषकर की ऊपरी बाजू और कंधों पर। उसकी कोहनियों और घुटनों में छोटे​ डिंपल हो सकते हैं और अब शिशु अपने हाथों से मजबूत पकड़ बना सकता है।

क्या आप जानना चाहते हैं कि आपके शिशु की आंखों का रंग क्या होगा? याद रखें कि जन्म के समय शिशु की पुतलियों का रंग इस बात का संकेत नहीं होता कि बड़े होकर उसकी आंखों का रंग क्या होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि उसकी पुतलियों की रंगत को गर्भ से बाहर प्राकृतिक रोशनी की जरुरत होती है, तभी उनका विकास पूरा होता है। यह बदलाव तुरंत नहीं आता। आंखों की अंतिम रंगत तय होने में कुछ हफ्तों या इससे भी ज्यादा समय लग सकता है।

गर्भावस्था के 38वें सप्ताह में शारीरिक परिवर्तन

इस सप्ताह से, आपके गर्भाशय में एमनियोटिक द्रव की मात्रा धीरे-धीरे घटना शुरु हो जाती है। हालांकि, शिशु के जन्म तक आपका शरीर द्रव बनाना जारी रखेगा।

गर्भावस्था के इन अंतिम हफ्तों में आपको अपना माप काफी बड़ा लग रहा होगा और आपको असहजता हो रही होगी। ज्यादा परेशान न हों, ऐसा अनुभव करने का मौका आपको शायद फिर कुछ सालों बाद ही मिले। कोई फिल्म देखें, गर्भावस्था या शिशु से अलग विषय पर किताब पढ़ें, ब्यूटी पार्लर जाएं या फिर अपने पति के साथ समय गुजारें।
38 सप्ताह गर्भवती होने पर क्या जानना जरुरी है
आप इतने समय से अपने नन्हे शिशु से मिलने का इंतजार कर रही थीं, मगर गर्भावस्था के ये अंतिम कुछ दिन अचानक बहुत लंबे लगने लगते हैं। आप प्रसव के लक्षणों को कैसे पहचान सकती हैं, हमारो इस लेख में जानें।

यदि प्रसव की नियत तिथि तक आपकी प्रसव पीड़ा शुरु नहीं होती है, तो डॉक्टर प्रसव पीड़ा प्रेरित करने के बारे में आपसे बात कर सकती है। जानें कि प्रसव पीड़ा प्रेरित करवाने से पहले ऐसे कौन से तरीके हैं जो प्रसव शुरु करने में मददगार हो सकते हैं।

शिशु के जन्म के तुरंत बाद, आप काफी थकावट व असहजता महसूस कर सकती हैं, मगर साथ ही आप काफी सतर्क और उल्लासित भी होंगी। आप आपके ऊपर और विशेष ध्यान दिए जाने की जरुरत होगी। आप अपने शिशु को आप सीने से लगा सकें, इससे पहले उसकी भी पूरी जांच की जाएगी। हो सकता है प्रसव के बाद आपको टांकें लगाए गए हों, इन टांकों की देखभाल के बारे में हमारा यह लेख पढ़ें। साथ ही प्रसव के बाद होने वाले रक्तस्त्राव यानि लोकिया के बारे में भी यहां विस्तार से जानें।

गर्भावस्था के 38वें हफ्ते में क्या करें

प्रसव के दौरान दर्द से राहत कौन-कौन से विकल्प उपलब्ध हैं, यहा जानें
शिशु को स्तनपान करवाना आसान कार्य नहीं है और आप पाएंगी कि आपको बार-बार भूख लगने लगती है। स्तनपान करवाने वाली माँओं के लिए स्वस्थ आहार के बारे में हमारा यह लेख पढ़ें।
शिशुओं के रोने के कारणों और उन्हें शांत करवाने के तरीकों के बारे में हमारा यह लेख पढ़ें।
शिशुओं को स्तनपान करवाने की युक्तियों के बारे में हमारे इस लेख में जानें।
शिशु के जन्म के बाद कुछ माँएं प्रसवोत्तर अवसाद से घिर जाती हैं। यह क्या है और इससे किस तरह निपटा जाए, यहां जानें।

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