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7 शाकाहारी भोजन जिनमे काफी मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है
यह सभी को ज्ञात है कि मांस और अंडे में काफी अधिक मात्रा में प्रोटीन होता है और सदियों से यह एक आम धारणा बन गई है कि प्रोटीन शाकाहारी भोजन में कम मात्रा में पाया जाता है। हालांकि, यह एक मिथक है, क्योंकि शाकाहारी भोजन भी प्रोटीन से भरपूर हो सकता है। बहुत से शाकाहारियों ने अपने पोषक तत्व के स्रोत के रूप में प्रोटीन पाउडर की ओर रुख किया है, परन्तु सबको यह करने की जरूरत नहीं है। हमने शाकाहारियों के लिए प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों की एक सूची तैयार की है, जो बिना किसी मांस के सेवन के आपके दैनिक प्रोटीन की आवश्यकता को पूरा करने में मदद कर सकते हैं।
1. चना
एक कप (200 ग्राम) उबले हुए चने में केवल 729 कैलोरी होती है और 28 ग्राम के एक भाग में मात्र 102 कैलोरी। इसके कुल वजन के लगभग 67% हिस्से में कार्बोहायड्रेट होता है, जबकि शेष प्रोटीन और वसा (फैट) होता है। जानने योग्य बात यह है कि एक कप चना आपकी दैनिक ज़रूरत का 40% फाइबर, 70% फोलेट और 22% आयरन प्रदान करता है। इसके अलावा इसका ग्लाइकेमिक इंडेक्स भी कम होता है। इसका मतलब है कि आपका शरीर इसे धीरे-धीरे पचाता है, जो आपको लंबे समय तक भरा हुआ महसूस करने में मदद करता है | यह ब्लड शुगर के स्तर में अचानक आने वाले उछाल को भी रोकता है।
चने में मौजूद प्रोटीन: आधे कप चने में 7.3 ग्राम प्रोटीन
2. राजमा:
राजमा प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और फाइबर से भरपूर होता है। राजमा-चावल भारतीय घरों में बनने वाला एक पसंदीदा व्यंजन है। स्वादिष्ट होने के अलावा यह एक पौष्टिक भोजन भी है, जिसका आनंद करी के रूप में, सलाद में टॉपिंग के रूप में या कुछ मेक्सिकन व्यंजनों के रूप में भी लिया जा सकता है।
राजमा में मौजूद प्रोटीन: आधा कप राजमा में 7.5 ग्राम प्रोटीन
3. दूध
क्या आप नियमित रूप से दूध का सेवन करते हैं? यदि आप ऐसा करते हैं, तो आपको निश्चित रूप से काफी प्रोटीन मिलता है। प्रोटीन का एक समृद्ध स्रोत होने के अलावा दूध कैल्शियम से भरपूर होता है और स्वस्थ हड्डियां, मजबूत दांत, एक स्वस्थ प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यून सिस्टम) और चमकती त्वचा को सुनिश्चित करता है।
पूर्ण वसा (फैट) वाले दूध से बचें; ऐसे स्किम्ड (कम फैट वाले) विकल्पों की तलाश करें जो विटामिन डी से भरपूर हो।
दूध में मौजूद प्रोटीन: प्रति कप लगभग 8 ग्राम प्रोटीन
4. पनीर:
जैसे बाकी दुनिया में चीज़ लोकप्रिय है वैसे ही भारत में पनीर का बोलबाला है। यह कैसिइन (एक तरह का रसायन) से भरपूर, एक धीमी गति से पचने वाला डेयरी प्रोटीन है। पनीर आपको अच्छी मात्रा में कैल्शियम भी प्रदान करता है, आपको लंबे समय तक भूख नहीं लगने देता, और अधिक वसा (फैट) को जलाने में मदद करता है। इसे आप सब्जियों में डालकर या ऐसे ही कच्चा खा सकते हैं।
पनीर में मौजूद प्रोटीन: आधे कप पनीर में 14 ग्राम प्रोटीन
5. दाल:
एक संतुलित भारतीय आहार दाल के बिना अधूरा है। यह लगभग हर आहार का हिस्सा होती हैं। दाल का सेवन प्रोटीन, फाइबर और आवश्यक खनिजों कि आपूर्ति करने का एक आसान और सस्ता तरीका है। संपूर्ण भोजन के लिए चावल या रोटी के साथ दाल को परोसें।
दाल में मौजूद प्रोटीन: आधे कप में 9 ग्राम प्रोटीन
6. मटर:
जाड़ों में मिलना वाली मटर प्रोटीन से भरपूर होती है। गर्मियों में आप जमी हुई (फ्रोजेन) हरी मटर से भी प्रोटीन और फाइबर का सेवन कर सकते हैं। जमी हुई मटर का सेवन करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि मटर कैसे जमाये गए हैं। यदि आप एक एक मटर के दाने को अलग अलग महसूस कर सकते हैं, तो ही इसका उपयोग करें। प्रोटीन की मात्रा बढ़ाने के लिए मटर पनीर का भी आनंद ले सकते हैं।
मटर में मौजूद प्रोटीन: प्रति कप में 7 ग्राम प्रोटीन
7. विभिन्न प्रकार के बीजों का मिश्रण
बीज आपके भोजन में काफी प्रोटीन प्रदान कर सकते हैं। तिल, सूरजमुखी, कद्दू, या खसखस के बीजों में से चुनें, क्योंकि वे सभी प्रोटीन और स्वस्थ वसा से भरपूर हैं। सलाद के अलावा, आप उन्हें रायता, अनाज या घर के बने ग्रेनोला में भी मिला सकते हैं।
बीजों में मौजूद प्रोटीन: एक चौथाई कप में लगभग 5-7.3 ग्राम प्रोटीन
प्रोटीन युक्त भोजन के 10 लाभ:
मानव शरीर को बीमारियों से जल्दी ठीक होने में सहायता करने की क्षमता के कारण, प्रोटीन को एक अत्यंत महत्वपूर्ण पोषक तत्व माना जाता है। नीचे प्रोटीन के कई अन्य फायदे भी दिए गए हैं।
1. प्रोटीन भूख को कम करता है:
सभी मैक्रोन्यूट्रिएंट्स (पोषक तत्वों) में प्रोटीन को सबसे अधिक पेट भरा महसूस कराने वाला माना जाता है। प्रोटीन पेप्टाइड वाय वाय के स्तर को बढ़ाता है और शरीर में घ्रेलिन (भूख के हार्मोन) के स्तर को कम करता है, जो एक व्यक्ति को पेट भरा महसूस करने में मदद करता है। यदि आप अपना वजन कम करना चाहते हैं, तो अपने आहार में से कार्बोहाइड्रेट्स और वसा (फैट) की मात्रा को घटाकर प्रोटीन की मात्रा को बढ़ाने का प्रयास करें। उदाहरण के तौर पर आप अपने दिन के खाने में चावल की मात्रा कम करके, प्रोटीन युक्त खाद्य जैसे पनीर या चने की सब्जी की मात्रा को बढ़ा सकते हैं।
2. प्रोटीन आपकी हृदय को स्वस्थ रखता है
प्रोटीन का अधिक सेवन करने वाले लोगों में ब्लड प्रेशर का स्तर कम रहता है। यह स्ट्रोक और दिल के दौरे के जोखिम को भी कम करता है। 40 नियंत्रित परीक्षणों के बाद ये पाया गया है कि प्रोटीन के अधिक सेवन से सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर 1.76 मिमी एचजी, और डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर 1.15 मिमी एचजी कम हुआ।
ब्लड प्रेशर को कम करने के अलावा, यह भी पाया गया है कि प्रोटीन युक्त आहार शरीर में एलडीएल (हानिकारक कोलेस्ट्रॉल) के स्तर को भी कम कर सकता है।
3. प्रोटीन प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यून सिस्टम) को मजबूत बनाता है
एंटीबॉडी की मदद से शरीर खुद को कई तरह की बीमारियों से बचाता है। यह शरीर में बाहरी तत्वों या एंटीजन का पता लगाने की क्षमता रखती है। एंटीजन को निष्क्रिय करने के लिए शरीर एंटीबॉडी बनाता है। चूंकि ये एंटीबॉडी अलग अलग प्रोटीन के प्रकार की होती है, इसलिए प्रोटीन का इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में अहम योगदान होता है।
4. प्रोटीन मेटाबॉलिज्म (चयपचय क्रिया) को बढ़ाता है
आहार करने के बाद शरीर का मेटाबॉलिज्म कुछ देर के लिए बढ़ सकता है क्योंकि शरीर भोजन में मौजूद पोषक तत्वों को पचाने और उपयोग करने के लिए कैलोरी का उपयोग करता है। इसे भोजन के ऊष्मीय प्रभाव (थर्मिक इफ़ेक्ट) के रूप में जाना जाता है। चूंकि प्रोटीन में वसा (फैट) या कार्बोहाइड्रेट्स की तुलना में बहुत अधिक थर्मिक प्रभाव होता है (5-15% की तुलना में 20-35%), प्रोटीन का सेवन शरीर के मेटाबोलिज्म को काफी बढ़ा देता है। कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि प्रोटीन के अधिक सेवन से हर दिन 80-100 अधिक कैलोरी बर्न हो सकती है। एक अध्ययन से पता चला कि ज्यादा प्रोटीन का सेवन करने वाले लोग कम प्रोटीन का सेवन करने वाले समूह की तुलना में प्रति दिन 260 ज्यादा कैलोरी जलाते हैं।
5. प्रोटीन हड्डियां मज़बूत करने में सहायक है
आम धारणा के विपरीत, अधिकांश लम्बे समय तक चलने वाले अध्ययनों से पता चला है कि हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए प्रोटीन काफी अहम हो सकता है। प्रोटीन का अधिक मात्रा में सेवन करने से बोन मास (हड्डियों का वजन) बेहतर होता है, साथ ही ऑस्टियोपोरोसिस और फ्रैक्चर (हड्डी के टूटने) के जोखिम को कम करने में भी मदद मिलती है। यह विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए सही है, जिन्हें रजोनिवृत्ति (माहवारी रुकने) के बाद ऑस्टियोपोरोसिस होने का अधिक खतरा होता है। ऐसा होने से रोकने के लिए भरपूर मात्रा में प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ खाना और सक्रिय रहना सबसे अच्छा तरीका है।
6. प्रोटीन मांसपेशी का वजन (मसल्स मास) बढाकर उन्हें मजबूत बनाता है
प्रोटीन को मांसपेशियों का निर्माण करने वाला पोषक तत्व माना जाता है। इसका पर्याप्त मात्रा में सेवन करने से मांसपेशियों का वज़न बरक़रार रखने में मदद मिलती है और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करते समय इसके मांसपेशियों के विकास को बढ़ावा मिलता है।
यदि आप शारीरिक रूप से सक्रिय हैं या मांसपेशियों को उभारने की कोशिश कर रहे हैं, तो सुनिश्चित करें कि आप पर्याप्त प्रोटीन का सेवन कर रहे हैं। प्रोटीन का ज्यादा सेवन वजन घटाने के दौरान मांसपेशियों के नुकसान को रोकने में भी मदद कर सकता है।
7. प्रोटीन वजन घटाने के बाद उसे बनाये रखने में सहायता करता है
प्रोटीन युक्त आहार किसी व्यक्ति को वजन कम करने में मदद कर सकता है, पर समस्या इस वजन को बनाए रखने में है। अध्ययनों से पता चला है कि प्रोटीन सेवन में मामूली वृद्धि वजन को बनाए रखने में मदद कर सकती है। ऐसे ही एक अध्ययन के अनुसार, अपनी कुल कैलोरी खपत के 15% से 18% तक प्रोटीन की मात्रा बढ़ाने से वजन 50% तक कम करने में मदद मिल सकती है। प्रोटीन के सेवन में स्थायी वृद्धि वजन बढ़ने कि समस्या को दूर रखने में मदद कर सकती है।
8. प्रोटीन ऊर्जा (एनर्जी) के स्तर को बढ़ाता है
प्रोटीन ऊर्जा (एनर्जी) के प्राकृतिक स्रोत के रूप में भी कार्य करता है। पर्याप्त ऊर्जा प्रदान करने वाले आहार का सेवन न करना, जैसा कि उपवास या वजन घटाने के कार्यक्रमों के दौरान होता है, शरीर को ऊर्जा (एनर्जी) की कमी पूरी करने के लिए अपने स्वयं के फंक्शनल प्रोटीन का उपयोग करने पर मजबूर करता है। चूंकि शरीर में कोई अतिरिक्त प्रोटीन नहीं होता है, इसलिए एंजाइम और मांसपेशियां प्रोटीन को तोड़ती हैं जिससे अमीनो एसिड उत्पन्न होता है जो ऊर्जा (एनर्जी) प्रदान करने या ग्लूकोज को संश्लेषित (सिंथेसिस) करने का काम करता है। इस तरह कोशिकाओं (सेल्स) को ग्लूकोज की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित होती है।
9. प्रोटीन त्वचा को स्वस्थ रखता है
प्रोटीन उन ऊतकों (टिश्यू) को शक्ति प्रदान करता है जो लगातार टूटते रहते हैं। इसका एक उदहारण त्वचा (स्किन) है। कोलाजन एक रेशेदार प्रोटीन है जो इन त्वचा कोशिकाओं (सेल्स) को आवश्यक शक्ति प्रदान करता है। त्वचा का स्वस्थ और युवा दिखना, और उस पर झुर्रियों की कमी, काफी हद तक शरीर में मौजूद कोलाजन के स्तर पर निर्भर करते हैं।
10. प्रोटीन कोशिकाओ (सेल्स) और ऊतकों (टिश्यू) को स्वस्थ रखने में मदद करता है
स्वस्थ शरीर को बनाए रखने के लिए कोशिकाओं (सेल्स) और ऊतकों (टिश्यू) का निरंतर नवीनीकरण (रिन्यूअल) और पुनर्प्राप्ति (रिकवरी) जरूरी है। प्रोटीन के निर्माण के लिए अमीनो एसिड की निरंतर आपूर्ति आवश्यक है। यह प्रोटीन नई कोशिकाओं और ऊतकों का निर्माण करता है, जैसे की बाल, त्वचा (स्किन) और नाखून।
त्वचा, रक्त (ब्लड) और पाचन तंत्र में मौजूद कोशिकाएं कुछ हफ़्ते के बाद नष्ट होने लगती हैं। इसके बाद, प्रोटीन, इन मृत कोशिकाओं को बदलने के लिए एवं नई और स्वस्थ कोशिकाओं को बनाने और भरने के लिए जरूरी होता है।
प्रोटीन से भरपूर शाकाहारी भारतीय व्यंजन
आपके प्रोटीन सेवन को बढ़ाने में आपकी मदद करने के लिए, हमने आपके लिए कुछ व्यंजनों कि सूची तैयार की है। इन स्वादिष्ट व्यंजनों को आजमाएं, और प्रोटीन के अपने दैनिक सेवन को बढ़ाने के लिए इन्हें अपने आहार में शामिल करें।
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