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Fat Loss: ज्यादा उम्र में मोटापा घटाना क्यों होता है मुश्किल, जानें metabolism कब हो जाता है स्लो
वजन तेजी से घटाने के लिए या कैलोरीज को जल्दी जलाने में मेटाबॉलिज्म का रोल बहुत खास होता है। जितना आपका मेटाबॉलिज्म अधिक होगा उतनी ही तेजी से आप कैलोरी भी बर्न कर पाएंगे और वजन भी घटा पाएंगे। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति मेटाबॉलिज्म को तेज करना चाहता है तो वह एक सही डाइट और एक्सरसाइज के जरिए ऐसा कर सकता है। लेकिन ऐसा माना जाता है कि कुछ स्थितियों में मेटाबॉलिज्म को फिर से गति देना थोड़ा मुश्किल होता है, जैसे अगर आपकी उम्र 30 - 40 से ज्यादा हो गई हो।
ऐसा कहा जाता है कि हमारी युवा अवस्था में मेटाबॉलिज्म सबसे तेज होता है और इस समय आप बिना वजन की परवाह किए कुछ भी खा सकते हैं। वहीं अगर आप वयस्क हो गए हैं तो वजन घटाना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। लेकिन अब हाल ही में हुई एक रिसर्च बताती है कि मेटाबॉलिज्म बहुत बाद में जाकर ही कम होता है। इसका अर्थ यह हुआ कि आप वजन बढ़ने के पीछे का कारण केवल मेटाबॉलिज्म नहीं हो सकता।
कब मेटाबॉलिज्म कम होता है
ड्यूक यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर हर्मन पोंटजर और एक टीम के द्वारा की गई रिसर्च में 6600 से ज्यादा लोगों को शामिल किया। इसमें लगभग 29 देशों के लोगों को लिया गया जिनकी आयु 1 सप्ताह से लेकर 95 साल थी। इसमें व्यक्ति के द्वारा जलाई गई कैलोरीज पर नजर रखी गई और इसका उद्देश्य यह जानना था कि एक व्यक्ति के जन्म से लेकर वृद्ध होने तक उसके शरीर में क्या - क्या बदलाव आते हैं।
रिसर्च में बच्चों पर क्या पता चला
शिशु आमतौर पर रोजाना किसी वयस्क से अधिक कैलोरीज बर्न कर पाते हैं। शोध बताता है कि बच्चों का मेटाबॉलिज्म रेट सबसे अधिक है। इसके अलावा एक साल के होने के बाद बच्चे अपने शरीर के लगभग 50 प्रतिशत कैलोरीज को आसानी से जला पाते हैं। जबकि वयस्क इतनी कैलोरीज बर्न नहीं कर पाते।
टीनेजर में मेटाबॉलिज्म
रिसर्च में पाया गया कि युवावस्था के मुकाबले किशोरावस्था के दौरान मेटाबॉलिज्म 3 प्रतिशत तक कम हुआ। वहीं 20 साल तककी आयु में मेटाबॉलिज्म में कोई खास बदलाव देखने को नहीं मिले। जिस पर शोधकर्ता भी हैरान थे। ऐसा इसलिए क्योंकि शोधकर्ताओं ऐसा मान रहे थे कि युवावस्था के दौरान मेटाबॉलिज्म फिर से तेज हो जाएगा। जबकि ऐसा नहीं हुआ।
20 से 50 का दशक
इस अध्ययन के अंदर पता चला कि एक मध्य आयु के अंदर लोगों का वजन बढ़ना बहुत आम है। लेकिन इसके पीछे का कारण स्लो मेटाबॉलिज्म नहीं है। बल्कि ऊर्जा की कम खपत इसका मुख्य कारण है। रिसर्च में बताया गया कि 20 से 50 की आयु में शरीर की ऊर्जा सबसे कम इस्तेमाल होती है। यहां तक की गर्भावस्था के दौरान भी कैलोरीज की खपत में कुछ खास बदलाव नहीं आए।
कब होता है मेटाबॉलिज्म कम
रिसर्च के मुताबिक 60 साल से लेकर 90 साल की आयु तक मेटाबॉलिज्म हर साल 1 प्रतिशत घटता रहता है। इस दौरान शरीर मध्य आयु के मुकाबले 25 प्रतिशत कैलोरीज कम जलाता है रिसर्च कहती है कि यही कारण भी है कि इस आयु के बाद मसल्स का साइज भी कम होने लगता है।
निष्कर्ष
वजन घटाने में मेटाबॉलिज्म पर कोई खास असर नहीं पड़ता है। साथ ही मेटाबॉलिज्म ना आपके वजन बढ़ने के पीछे जिम्मेदार होता है। आपके वजन बढ़ने का कारण आपकी जीवनशैली और कोई बीमारी हो सकती है, ना कि मेटाबॉलिज्म।
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