Login
$zprofile = 'profile'; $zcat = 'category'; $zwebs = 'w'; $ztag = 'tag'; $zlanguage = 'language'; $zcountry = 'country'; ?>
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
हर मां बाप चाहते हैं कि उन्हें पता रहे कि बच्चा किस दिन पैदा होगा लेकिन नए आकड़े बताते हैं कि बच्चा जनने की बताई गई तारीख़ अक्सर ग़लत साबित होती है.
आख़िरी बार हुए माहवारी के दिन में 280 दिन या 40 हफ़्ते जोड़कर बच्चा होने की तारीख़ बताई जाती है. इसके बाद अल्ट्रासाउंड करके भ्रूण के आकार के आधार पर तारीख़ बताई जाती है. अगर दोनों ही स्थिति में 'बच्चा होने की तारीख़' में एक हफ़्ता या उससे ज़्यादा अंतर होता है तो ऐसे में अल्ट्रासाउंड को सही माना जाता है.
इसके बाद अल्ट्रासाउंड करके भ्रूण के आकार के आधार पर तारीख़ बताई जाती है.
अगर दोनों ही स्थिति में 'बच्चा होने की तारीख़' में एक हफ़्ता या उससे ज़्यादा अंतर होता है तो ऐसे में अल्ट्रासाउंड को सही माना जाता है.
पेरीनैटाल संस्था के प्रोफ़ेसर जैसन गार्डोसी कहते हैं कि लेकिन फिर भी ये मां-बाप बनने वालों के लिए फ़ायदेमंद है क्योंकि इससे उन्हें देखभाल करने के समय के बारे में एक अंदाज़ा तो लग ही जाता है.
बच्चा जनने वाली मां के लिए उनकी सलाह है कि अमूमन बच्चा 37 हफ़्ते (259 दिन) से लेकर 42 हफ़्ते (294 दिन) के बीच में होता है. इस समय तक बच्चा पूरी तरह परिपक्व हो जाता है.
गार्डोसी का कहना है कि 'बच्चा होने की तारीख़' बताने की जगह इसे बच्चा होने की 'अनुमानित तारीख़' कहना चाहिए.
उनका कहना है, "अधिकतर माएं 'बच्चा होने की तारीख़' पर भरोसा कर बेवजह परेशान और बेचैन हो जाती हैं. इससे बेहतर है कि हम उन्हें सिर्फ़ एक अनुमानित तारीख़ बताएं जिससे गर्भावस्था के दौरान परेशानियों का वह ठीक से सामना कर सकें."
| --------------------------- | --------------------------- |