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कमर दर्द (पीठ के नीचले हिस्से में दर्द) का कारण (Lower Back Pain Causes in Hindi)
आयुर्वेद के अनुसार, कमर दर्द का कारण वात और कफ दोष होता है। इसी कारण से पीठ के निचले हिस्से में दर्द होता है। महिलाओं में कमर दर्द के कारण भी यही हैंं। वैसे पीठ के नीचले हिस्से में दर्द होने के पीछे और भी बहुत सारे कारण होते है जो निम्नलिखित हैंः-
तनाव- तनाव कमर दर्द का कारण बनता है। जब हम तनाव में होते हैं तो हमारी मांसपेशियां अकड़ जाती हैं। खासकर गले और पीठ के ऊपरी हिस्से की मांसपेशियों पर तनाव का सबसे अधिक प्रभाव पड़ता है। पीठ की मांसपेशियों के अकड़ जाने से हमारी पीठ दुखने लगती है। आपने गौर किया होगा, जब भी आप तनावग्रस्त होते हैं तो सबसे पहले पीठ में परेशानी शुरू हो जाती है। जिन लोगों को पीठ दर्द की समस्या होती है, यदि वे लंबे समय से तनावग्रस्त रहते हैं तो पीठ दर्द की समस्या और बढ़ जाती है, इसलिए मन को तनावग्रस्त होने से बचाना चाहिए।
नए-नए तकनीक- जो लोग दिन में कई घंटे अपने फोन या टैब में बिजी रहते हैं, उन्हें टेक्स्ट नेक हेल्थ प्रॉब्लम होती है। चूंकि वे फोन या टैब पर काम करते समय अपनी गर्दन को नीचे झुकाए होते हैं। इससे उनके मेरुदंड यानी स्पाइन पर अतिरिक्त वजन पड़ता है। शुरू-शुरू में उन्हें इसका एहसास नहीं होता, लेकिन यह आदत धीरे-धीरे उनके पॉश्चर को प्रभावित करने लगती है, और पीठ का दर्द शुरू हो जाता है। स्क्रीन में दिन रात घुसे रहने से आपकी आँखें ही नहीं, बल्कि शरीर के दूसरे अंगों में भी परेशानी होती है।
शरीर के मांसपेशियों का तालमेल बिगड़ जाना- आपको यह तो पता ही है कि आपके शरीर के सभी अंग आपस में एक बेहतरीन तालमेल के साथ काम करते हैं। इसका मतलब यह है कि पीठ में दर्द होने का यह अर्थ यह नहीं है कि मुख्य समस्या पीठ में ही है। हैमस्ट्रिंग्स में खिंचाव या पेट की मांसपेशियों का कमजोर होना भी कमर (पीठ) दर्द का कारण हो सकता है। यदि शरीर में मसल्स में खराबी आती है तो उसका असर पूरे शरीर पर पड़ता है। खासकर ऐसी स्थिति में पीठ को ज्यादा काम करना पड़ता है। इससे पीठ दर्द (kamar me dard) हो सकता है।
आप अपने डॉक्टर या फिजियो थेरेपिस्ट से मिलें और इस बारे में उनकी राय लें। आप कोर मसल्स को मजबूत बनाने वाले एक्सरसाइज करें। बेली को भी शेप में रखने की कोशिश करें। इस बात को ध्यान में रखें कि पीठ दर्द की स्थिति में एक्सरसाइज किसी विशेषज्ञ की देखरेख में ही करें।
रीढ़ की हड्डी के बीच के डिस्क रीढ़ की समस्या- आपकी रीढ़ की हड्डी के बीच के डिस्क रीढ़ का कुशनिंग इफेक्ट की तरह काम करता है। वे रीढ़ को किसी भी तरह के झटके से बचाते हैं। सीधी भाषा में समझें कि यह शॉक-एब्जॉर्बर का काम करता है। समय के साथ ये डिस्क्स फ्लैट होने लगता है, या गलत पॉश्चर या चोट आदि लगने के चलते इनमें गड़बड़ी आने लगती है जो कमर दर्द का कारण बनता है। कई लोगों को डिस्क में गड़बड़ी की फैमिली हिस्ट्री भी होती है। ये डिस्क्स हमेशा दर्द वाली स्थिति पैदा करते हों, ऐसा नहीं है, पर जब एक बार डिस्क्स के चलते दर्द शुरू होता है तो काफी तकलीफ होती है। हॉट और कॉल्ड पैक्स लगाने से भी आराम मिलता है। फिजियो थेरैपी से भी मदद मिलती है, पर आपके लिए बेहतर यही होगा कि आप डॉक्टर की सलाह पर अमल करें।
गंभीर बीमारी- कभी-कभी पैंक्रियाटाइटिस, अल्सर या किडनी इन्फेक्शन भी कमर (पीठ) दर्द का कारण बनता है। कभी-कभी पीठ का दर्द कैंसर का संकेत भी देता है। इसके अलावा ऑस्टियोमायलाइटिस जैसा रीढ़ की हड्डी का इन्फेक्शन भी पीठ दर्द का कारण हो सकता है।
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