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ओवरियन सिस्ट (अंडाशय में गांठ) के उपचार-

ओवेरियन सिस्ट या अंडाशय में गांठों के विभिन्न उपचार है। हालांकि, इनका उपचार इस बात पर निर्भर करता है कि ये गांठे शरीर के लिए कितनी और किस रूप में हानिकारक है या कितनी सौम्य हैं और कहां से विकसित हुई हैं। यदि ये गांठे सौम्य है तो कई बार ये स्वयं ही खत्म हो जाती है किंतु यदि ये गांठे हानिकारक है तो इन्हें तुरंत इलाज की ज़रूरत होती है।
यदि आपके अंडाशय में गांठ होगी तो आपके रूटीन अल्ट्रासाउंड स्कैन में ज़रूर दिखाई देगी। लेकिन यदि आप उपरोक्त किसी भी लक्षण का सामना कर रहीं हैं तो डॉक्टर से एक बार इस संदर्भ में ज़रूर परामर्ष लें। उनके द्वारा गर्भावस्था में सिस्ट पर नज़र रखने के लिए अतिरिक्त स्कैन कर गांठ की पुश्टि करवाई जा सकती है।
एक साधारण गांठ आमतौर पर आपके गर्भवती होने की क्षमता पर असर नहीं डालती मगर यदि सिस्ट अन्तर्गर्भाशय अस्थानता (एंडोमेट्रिओसिस) या बहुपुटीय डिम्बाषयी सिंड्रोम (पोलिसिस्टि ओवेरियन सिंड्रोम) की वजह से हो तो गर्भधारण में जटिलताएं पैदा हो सकती हैं।

20 सप्ताह की गर्भावस्था के बाद ही ऑपरेषन-
यदि आपका ओवेरियन सिस्ट लगातार बढ़ रहा है और इसके कारण आप बहुत ज़्यादा दर्द का सामना कर रहीं हैं तो डॉक्टर इसे ऑपरेशन के माध्यम से हटाने की सलाह भी दे सकते हैं। हालांकि महिला के शरीर से गांठ निकालने के लिए ऑपरेशन केवल 20 सप्ताह की गर्भावस्था के बाद ही किया जा सकता है। इस अवस्था की शुरुआत में ही सिस्ट हटाने का ऑपरेशन करने के कारण गर्भपात की संभावना व खतरा बढ़ सकता है।

किसी भी चरण में अंडाशय को क्षति से बचाना-
कई गर्भवती महिलाओं में गांठ अंडाशय के स्टेम में विकसित हो जाती है और टेढ़ा-मेढ़ा आकार ले लेती है। ऐसे प्रकरण में, गर्भवती महिला बहुत अधिक बीमार हो सकती है और उसके अंडाशय को क्षति भी पहुँच सकती है। यदि ऐसी समस्या हो जाती है तो गर्भवती महिला चाहे किसी भी चरण में क्यों ना हो, डॉक्टर द्वारा ऑपरेशन कर इस गांठ को निकालना ज़रूरी हो जाता है।

लेप्रोस्कोपी सर्जरी-
गर्भावस्था की शुरुआत में की होल सर्जरी अर्थात् लैप्रोस्कॉपी सर्जरी के जरिये गांठ को बाहर निकाला जा सकता है। यह सर्जरी तब करवाई जाती है जब आपकी गांठ छोटी हो। इस थैरेपी में डॉक्टर्स द्वारा नाभि के पास एक छोटा सा चीरा लगाया जाता है, जिसके पष्चात् गांठ अर्थात् सिस्ट को बाहर निकाला जाता है।

लेपरोटॉमी सर्जरी-
यदि आपकी सिस्ट साधारण होने के विपरित बड़ी है तो डॉक्टर्स द्वारा उसे इस सर्जरी के माध्यम से नाभि के पास एक बढ़ा चीरा लगाकर बाहर निकाल दिया जाता है। यदि सिस्ट के चलते गर्भाशय या अंडाशय में कैंसर फैलने का खतरा हो तो डॉक्टरों द्वारा गर्भाशय और अंडाशय की सर्जरी कर इन्हें भी निकाल दिया जाता है। उपरोक्त सभी ओवरियन सिस्ट के उपचार है।

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