Login
$zprofile = 'profile'; $zcat = 'category'; $zwebs = 'w'; $ztag = 'tag'; $zlanguage = 'language'; $zcountry = 'country'; ?>
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
क्या आप एक दिन में पी जाते हैं 3 लीटर से भी अधिक पानी, तो जान लें शरीर पर होने वाले इसके गंभीर नुकसान
अधिक पानी पीने से हो सकता है वाटर इंटॉक्सिकेशन.
Side Effects Of Drinking Excess Water: पानी पीना (Drinking water) स्वस्थ रहने के लिए बहुत जरूरी है. इससे डिहाइड्रेशन (Dehydration) नहीं होता है. पेट में जमी गंदगी को बाहर निकलने में मदद मिलती है. कब्ज की समस्या नहीं होती है. स्किन हेल्दी रहता है. पानी पीने के और भी कई फायदे (Benefits of drinking water) होते हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि प्रतिदिन कम से कम 2-3 लीटर पानी जरूर पीना चाहिए, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो एक दिन में 5-6 लीटर पानी पी जाते हैं. कुछ लोग स्किन की समस्याओं जैसे मुंहासों, ड्राइनेस, उम्र के लक्षणों को कम करने के लिए अधिक पानी पीने लगते हैं. बेशक, पानी पीने से त्वचा (Water benefits for skin) के साथ-साथ शरीर के कई अंग स्वस्थ रहते हैं, अपना कार्य सुचारू तरीके से करते हैं, लेकिन, जरूरत से ज्यादा पानी पीने से सेहत को कई नुकसान भी हो (Side Effects Of Drinking too Much Water) सकता है.
पानी अधिक पीने के नुकसान
किसी भी चीज का यदि अधिक सेवन किया जाए, तो वह शरीर को नुकसान (pani peene ke nuksan) ही पहुंचाता है. पानी पीने के कई फायदे हैं, लेकिन जब कोई व्यक्ति एक दिन में शरीर की जरूरतों से भी अधिक पानी पीने लगे, तो नुकसान ही पहुंचेगा. आमतौर पर शरीर को एक दिन में 2 लीटर पानी की जरूरत होती है. ज्यादा से ज्यादा 3 लीटर पी सकते हैं. यदि इससे ज्यादा पीते हैं, तो वाटर इंटॉक्सिकेशन (Water intoxication) या वाटर प्वॉइजनिंग हो सकता है. वाटर इंटॉक्सिकेशन एक ऐसी स्थिति होती है, जो बहुत अधिक पानी पीने से होती है. इसमें इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बिगड़ जाता है.
बहुत अधिक पानी पीने (Drinking too much water) से खून में सोडियम खतरनाक रूप से निम्न स्तर पर पहुंच जाता है, जिससे कई बार हल्के लक्षण तो कुछ गंभीर मामलों में जान भी जा सकती है. मैराथन, ट्रायथलॉन में भाग लेने वाले लोगों में इसका जोखिम (pani adhik peene ke nuksan)अधिक होता है. वाटर इंटॉक्सिकेशन के हल्के लक्षणों में मतली, उल्टी, सिर दर्द, भ्रम और गंभीर मामलों में दौरे, कोमा और मौत तक हो सकती है. शरीर में सोडियम अधिक कम होने से मस्तिष्क और शरीर की कोशिकाओं में सूजन हो जाती है, जिसे सेल्युलर स्वेलिंग कहते हैं. मस्तिष्क की कोशिकाओं में यदि सूजन हुआ, तो व्यक्ति को भ्रम, उनींदापन (Drowsiness), क्रैम्प, मांसपेशियों में कमजोरी, हाई ब्लड प्रेशर आदि हो सकता है. यदि कोई व्यक्ति 10 लीटर पानी पी लेता है, तो सोडियम का लेवल खून के अंदर और भी ज्यादा कम हो जाता है, जिसका दिमाग पर डायरेक्ट असर होता है. इससे व्यक्ति कोमा में जा सकता है, मौत भी हो सकती है.
एक दिन में कितना पीना चाहिए पानी
एक दिन में दो से तीन लीटर पानी पीना सेहत के लिए अच्छा होता है. जब आप एक दिन में 7-8 लीटर पानी पीना शुरू कर देते हैं और फिर एक-दो दिन नहीं पीते हैं, तो इससे डिहाइड्रेशन हो सकता है. इससे किडनी डैमेज हो सकता है, किडनी में स्टोन बन सकता है.
| --------------------------- | --------------------------- |