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रात में खाना ना खाने से सेहत को होते हैं ये 4 बड़े नुकसान, क्या आप भी डिनर करते हैं स्किप?

रात में खाना ना खाने से एंग्जायटी लेवल हो सकता है हाई.
Skipping Dinner Side Effects: अक्सर कुछ लोग रात का खाना स्किप कर देते हैं. कई लोग तो ऐसा वजन कम करने के चक्कर में करते हैं. वहीं, कुछ ऐसे भी होते हैं, जो देर से थका-हारा ऑफिस से घर आने के बाद डिनर बनाने से बचने के लिए रात में बिना खाए ही सो जाते हैं. हर किसी की अपनी-अपनी दिनचर्या, जीवशैली होती है. कोई नाश्ता हेवी करता है, तो कोई दिन का लंच पेट भरकर करता है. वहीं, कुछ लोग हेवी तो कुछ लोग लाइट डिनर करते हैं, लेकिन रात में बिल्कुल भी ना खाना और भूखे पेट सो जाना सेहत के लिए कितना सही है, ये भी जानना ज़रूरी है. यदि आप खास तरह का वेट लॉस डाइट फॉलो कर रहे हैं, तो हो सकता है कई बार रात में डिनर स्किप करने की आवश्यकता होती है, लेकिन बार-बार ऐसा करना सेहत को नुकसान भी पहुंचा सकता है. कुछ लोग तो ये सोचते हैं कि रात में ना खाने से वजन कम करने में मदद मिलती है, लेकिन क्या वाकई ऐसा संभव है. आइए जानते हैं, रात में डिनर ना करने के सेहत पर क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं.
क्या रात का खाना स्किप कर सकते हैं
ओन्लीमाईहेल्थ में छपी एक खबर के अनुसार, रात का खाना आपके पूरे दिन का अंतिम भोजन होता है और इसे स्किप करना एक हेल्दी आइडिया नहीं है. बेशक, आप हल्का खाएं, लेकिन कुछ भी ना खाना सही नहीं है. आपका स्लीप पैटर्न भी रात के खाने की समयबद्धता को निर्धारित करने में प्रमुख भूमिका निभाते हैं. यदि कोई व्यक्ति 10 या फिर 11 बजे रात में सोता है, तो आपको हेवी नहीं, बल्कि लाइट भोजन करना चाहिए. जो लोग 8 से 9 बजे सोने के आदि होते हैं, वे डिनर स्किप कर सकते हैं या फिर शाम में पानी से भरपूर फलों का सेवन कर सकते हैं.

रात में खाना ना खाने के नुकसान

स्ट्रेस, एंग्जायटी से हो सकते हैं ग्रस्त
यदि कोई व्यक्ति बार-बार रात में ना खाने की आदत डेवलप कर ले, तो यह शारीरिक और मानसिक सेहत पर नकारात्मक असर डाल सकता है. रात में खाना ना खाने की आदत आपको एंग्जायटी का शिकार बना सकती है. ऐसा इसलिए, क्योंकि ना खाने से मानसिक सेहत पर नेगेटिव असर होता है. जो लोग आए दिन डिनर स्किप करते हैं, उनमें देर रात जंक फूड या अनहेल्दी ईटिंग हैबिट डेवलप हो सकती है, जो मानसिक और शारीरिक सेहत के लिए सही नहीं है. इससे एंग्जायटी लेवल बढ़ता है और ब्लड शुगर कम होने लगता है, जिससे स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल का निर्माण अधिक होने लगता है.


नींद हो सकती है प्रभावित
बार-बार रात में बिना खाए सोने से आप स्लीप डेप्रिवेशन के शिकार हो सकते हैं. यह मेंटल हेल्थ को बुरी तरह से प्रभावित कर सकता है, साथ ही नाश्ता भी स्किप हो सकता है. जो लोग नाश्ता भी नहीं खाते हैं, उनमें डिप्रेशन, स्ट्रेस लेवल के लक्षण नजर आ सकते हैं. इससे स्ट्रेस हार्मोन्स रिलीज हो सकता है, जो नींद में बाधा डालने का काम कर सकते हैं. यदि ऐसा बार-बार होता है, तो आपको स्लीप डेप्रिवेशन की समस्या हो सकती है.


फूड क्रेविंग की समस्या
रात में खाना ना खाने से आपके अंदर जबरदस्त वाली फूड क्रेविंग्स की आदत विकसित हो सकती है. जब आप रात में खाकर नहीं सोते हैं, तो देर रात भूख लगने पर कुछ भी उल्टा-सीधा खा लेते हैं. इस दौरान आप ये भी नहीं सोचते कि आप जो खा रहे हैं, उसमें कार्ब्स, शुगर, कैलोरी आदि की मात्रा कितनी है.

ऊर्जा में आ सकती है कमी
यदि आप रात में बिना खाए सोएंगे, तो सुबह उठते ही एनर्जी कम महसूस होगी. जिन लोगों को डायबिटीज की समस्या है और ग्लूकोज पर चल रहे हैं, उन्हें इस लेवल को बनाए रखने के लिए रात में खाना बहुत ज़रूरी है. यदि ब्लड शुगर लेवल में भारी कमी आती है, तो कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं. कम खाएं, लेकिन लाइट डिनर ज़रूर करके सोएं. यह आपके पाचन प्रक्रिया को भी प्रभावित करता है.

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