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गर्भावस्था के अंतिम चरण में शिशु ब्रीच अवस्था में हो तो क्या होगा?
जो शिशु गर्भावस्था के अंत तक भी पेट में उल्टी अवस्था में हों, तो उनके अपने आप सीधी अवस्था में आने की संभावना बहुत ही कम होती है। अधिकांश ब्रीच शिशुओं का जन्म सिजेरियन ऑपरेशन के जरिये होता है, मगर इस चरण पर पहुंचने से पहले आपके शिशु को सिर नीचे वाली अवस्था में लाना शायद संभव हो सकता है।

कुछ डॉक्टर शिशु को सीधी अवस्था में लाने का प्रयास कर सकते हैं। हाथ से की जाने वाली इस प्रक्रिया को एक्सटर्नल सेफेलिक वर्जन (ईसीवी) कहा जाता है।

ईसीवी की प्रक्रिया 36 सप्ताह की गर्भावस्था से लेकर प्रसव शुरु होने तक आजमाई जा सकती है। यदि आप भी ईसीवी करवाने का निर्णय लें, तो यह केवल अनुभवी डॉक्टर के द्वारा ही की जानी चाहिए। यह प्रक्रिया अस्पताल में की जाएगी, आमतौर पर डिलीवरी रूम या ऑपरेशन थियेटर के पास ताकि यदि कोई समस्या हो तो तुरंत सी-सेक्शन डिलीवरी की जा सके। इस प्रक्रिया से पहले, इसके दौरान और बाद में शिशु के दिल की धड़कन पर नजर रखी जाएगी।

ईसीवी करवाने की सलाह सभी महिलाओं को नहीं दी जाती है। यदि कोई जटिलताएं हों या आपके शिशु के स्वास्थ्य को लेकर कोई चिंता हो, तो यह प्रक्रिया नहीं आजमाई जाएगी। उदाहरण के तौर पर यदि आपको हाल ही में योनि से रक्तस्त्राव हुआ है या आपके गर्भ में जुड़वा या इससे ज्यादा शिशु हैं, तो शिशु की अवस्था बदलने की कोशिश करना सुरक्षित नहीं होगा।

ईसीवी के कारगर साबित होने की संभावना तब और ज्यादा होती है जब आप पहले भी माँ बन चुकी हों या गर्भ में पर्याप्त एमनियोटिक द्रव हो।

हालांकि, कई बार शिशु अपनी स्थिति से हिलता नहीं है या फिर दोबारा ब्रीच अवस्था में आ जाता है, इसे अंग्रेजी में पर्सिसटेंट ब्रीच प्रेजेंटेशन कहा जाता है।।

यदि आपका शिशु 36 सप्ताह की गर्भावस्था में ब्रीच अवस्था में हो, तो डॉक्टर आपके साथ डिलीवरी के विकल्पों पर चर्चा करेंगी और आपके लिए बेहतर ​कदम चुनने में मदद करेंगी।
अगर पेट में बच्चा उल्टा हो तो क्या नॉर्मल डिलीवरी हो सकती है?
अधिकांश डॉक्टर ब्रीच अवस्था वाले शिशु का जन्म सिजेरियन के जरिये करवाने की सलाह देते हैं। यदि आप नॉर्मल डिलीवरी करवाना चाहें, तो डॉक्टर आपके साथ इसके संभावित जोखिम और फायदों पर चर्चा करेंगी। निम्न स्थितियों में डॉक्टर नॉर्मल डिलीवरी पर विचार कर सकती हैं:

आप और आपके शिशु को जटिलताएं होने का खतरा बहुत कम है।
ऐसे कोई अन्य कारण नहीं है, जिससे योनि के जरिये जन्म देना ज्यादा खतरनाक हो।
आपकी पहले भी नॉर्मल डिलीवरी हो चुकी है।
आपकी डॉक्टर को ब्रीच शिशुओं का नॉर्मल डिलीवरी के जरिये जन्म करवाने का अनुभव है।
आपके अस्पताल या मेटरनिटी होम में जरुरत पड़ने पर सी-सेक्शन की सुविधा है।

जब आपने सभी विकल्पों के बारे में अच्छे से विचार कर लिया हो, तो आपके और शिशु के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जाएगा।

प्रसव के दौरान आप और आपके शिशु पर नजदीकी निगरानी रखी जाएगी। वैसे, आपको सिजेरियन ऑपरेशन के लिए भी तैयार रहना होगा, क्योंकि यदि प्रसव सही से आगे न बढ़े या प्रसव से जुड़ी कोई जटिलताए हों तो सी-सेक्शन करना पड़ेगा।

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