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Ipill या मॉर्निंग आफ्टर पिल लेने से शरीर को होते हैं ये 11 नुकसान
a woman holding morning pills
अनचाही प्रेगनेंसी से बचने के लिए पहले आई पिल (Ipill) कभी-कभार ली जाती थी, लेकिन आजकल महिलाएं इसे रेगुलर लेने लगी हैं। इस वजह से उन्हें कई तरह के साइड इफेक्ट्स से गुज़रना पड़ रहा है। मैक्स हॉस्पिटल ग्रुप की गायनोलॉजिस्ट डॉक्टर शालिनी अग्रवाल का कहना है | आई पिल को इमरजेंसी पिल भी कहते हैं। यह एक बर्थ कंट्रोल पिल है जिसे सेक्स करने के बाद 72 घंटों के अंदर लिया जाता है ताकि अनचाहे गर्भ से बचा जा सकें। महिलाएं अक्सर इस तरह की गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करती हैं। बिना सोचे समझें और डॉक्टर से बात किए बिना किसी भी तरह की कोई पिल्स लेना खतरनाक हो सकता है। |
Table of Contents
आई पिल लेने के नुकसान (side effects of iPill)
फेलियर के चांस ज्यादा होते हैं
आई पिल की वजह से मोटापा
पीरियड्स में हो जाती है गड़बड़ी
ब्रेस्ट में प्रॉब्लम
दिल संबंधी परेशानियां
हो सकती है एक्टोपिक प्रेगनेंसी भी
सिरदर्द होने लगता है
वैजाइनल डिस्चार्ज
लिबिडो में कमी
आंखों पर भी होता है असर
डिप्रेशन भी हो सकता है
जानें कि आई पिल कैसे काम करती है
आई पिल लेने से पहले इन स्थितियों में डॉक्टर की सलाह लें
आई पिल लेने के नुकसान (side effects of iPill)
अगर लगातार आई पिल का सेवन किया जाए तो शरीर में बहुत-सी बीमारियां होने लगती हैं। इन पिल्स को रोज़ लेना नुक़सानदेह होता है। आइए जानते हैं कि आई पिल की वजह से शरीर में क्या-क्या परेशानियां हो सकती हैं।
फेलियर के चांस ज्यादा होते हैं
आई पिल के फेलियर के चांस 15 प्रतिशत तक होते हैं। इसलिए पिल्स खाने के बाद ये सोच लेना गलत है कि अब तो आप प्रेगनेंट हो ही नहीं सकती। यह सिर्फ भ्रम है जबकि सच्चाई है कि इसके बाद भी आप प्रेगनेंट हो सकती हैं।
आई पिल की वजह से मोटापा
weighing machine
मोटापा और वज़न का बढ़ना आई पिल के मुख्य साइड इफेक्ट्स मे से एकहै। क्योंकि आई पिल से बॉडी में हार्मोनल बदलाव होते हैं जिसकी वजह से वज़न बढ़ता है। दरअसल, इन गोलियों में एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरॉन हार्मोन की मात्रा कुछ ज्यादा होती है। इसके प्रभाव से शरीर में पानी जमा होने लगता है जिससे शरीर फूल जाता है और मोटा लगने लगता है।
पीरियड्स में हो जाती है गड़बड़ी
an animated image of irregular periods
पीरियड्स पर आई पिल के साइड इफ़ेक्ट :-
इस तरह की गोलियों से हमारी बॉडी में हार्मोन चेंज होने की प्रक्रिया तेज़ हो जाती है जिसका सीधा असर पीरियड्स पर पड़ता है। पीरियड्स की डेट बदल जाती है, या फिर अनियमित हो जाते हैं। कभी देरी से तो कभी समय से पहले अचानक शुरू हो जाते हैं।
पीरियड्स में या तो काफी कम ब्लीडिंग होने लगती है या फिर ब्लीडिंग बहुत ज्यादा होने लगती हैं। पीरियड्स में खून के थक्के आने लगते हैं। पीरियड्स में दर्द पहले के मुकाबले ज्यादा होने लगता है।
पीरियड्स के बीच में स्पॉटिंग भी मुख्य समस्या बनकर उभरती हैं, जिसमें दो पीरियड्स के बीच में हल्की स्पॉटिंग होगी। दो या तीन दिनों तक हल्के खून के धब्बे दिखाई देंगे। आपको लगेगा कि यह पीरियड्स हैं लेकिन वह पीरियड्स नहीं सिर्फ स्पॉटिंग होती है। ऐसी बहुत-सी समस्याएं आई पिल से होने लगती हैं।
इन पिल्स का सेवन बंद करने के बाद पीरियड्स नॉर्मल होने में थोड़ा समय लगता है।
ब्रेस्ट में प्रॉब्लम
पिल्स लेने के कारण कई महिलाओं के ब्रेस्ट में सूजन आ जाती है। ब्रेस्ट हैवी और हार्ड महसूस होते हैं। इस समस्या को ठीक करने के लिए डॉक्टर से बात करें, तो बेहतर होता है। ऐसे में डॉक्टर बर्थ कंट्रोल का कोई और तरीका अपनाने की सलाह देगी।
दिल संबंधी परेशानियां
ipill causes heart problems
जिन महिलाओं को हाई बीपी और दिल से संबंधित समस्या रहती है, वे अगर आई पिल का सेवन करें तो उन्हें स्ट्रोक और हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है। पिल्स के साइड इफेक्ट के रूप् में खून के थक्के जमने की समस्या भी हो जाती है। यह अक्सर उन महिलाओं को ज्यादा हो जाती है जिनकी उम्र 35 से पार हो या फिर उनकी हाल ही में डिलीवरी हुई हो। अगर आपके सीने में दर्द है, सांस लेने में दिक्कत है, पैरों में सूजन है तो यह फेफड़े या दिल में रक्त जमने का संकेत भी हो सकता है। इसलिए पिल्स लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
हो सकती है एक्टोपिक प्रेगनेंसी भी
एक्टोपिक प्रेगनेंसी में गर्भ गर्भाशय के बाहर ही ठहर जाता है। इसकी एक वजह यह पिल्स भी हो सकती हैं। क्योंकि कई बार फर्टिलाइज़्ड एग गर्भाशय के अंदर नहीं बल्कि बाहर कहीं थम जाता है। अक्सर यह फैलोपियन ट्यूब में जाकर जुड़ता है। इस अवस्था में बच्चा गर्भाशय में नहीं फैलोपियन ट्यूब या बाहर कहीं भी बढ़ने लगता है जो और भी ज्यादा खतरनाक हो जाता है।
सिरदर्द होने लगता है
headache a side effect of ipill
कुछ महिलाओं में आई पिल लेने के कुछ घंटे के अंदर ही सिरदर्द, उलटी और जी घबराना जैसी समस्याएं होने लगती हैं, लेकिन बाद में यह ठीक भी हो जाती हैं।
वैजाइनल डिस्चार्ज
नियमित रूप से आई पिल खाने से हार्मोन असंतुलित हो जाते हैं, जिससे असामान्य वैजाइनल डिस्चार्ज जैसी समस्या होने लगती है। वैसे तो व्हाइट डिस्चार्ज का आना बुरा नहीं माना जाता बल्कि कहते हैं इससे महिलाओं का रिप्रोडक्टिव सिस्टम स्वस्थ रहता है। लेकिन यह सेफ तभी तक रहता है जब इस डिस्चार्ज का रंग सफेद हो और इसमें कोई गंध ना हो। लेकिन जैसे ही आई पिल लेने के कारण महिला का पीरियड्स साइकिल बिगड़ता है तो इसका असर इस फ्लूएड पर भी पड़ता है। यह मटमैले या फिर हरे, पिंक और ब्राउन कलर का हो जाता है। इसमें से काफी स्मैल आने लगती है। अगर ऐसा हो तो डॉक्टर को दिखाना ही सही रहता है।
लिबिडो में कमी
आई पिल का एक साइड इफेक्ट यह भी होता है कि इससे एंड्रोजन नामक हार्मोन्स कम मात्रा में उत्पन्न होते हैं। एंड्रोजन में टेस्टोस्टेरोन भी शामिल है जिससे कि लिबिडो या सेक्स की इच्छा बनती है। जब यह कम मात्रा में बनते हैं तो यौन इच्छा में कमी आ जाती है, सेक्स के दौरान प्लेज़र कम मिलता है। आई पिल का सेवन बंद करने से कुछ समय बाद यह समस्या दूर हो जाती है।
आंखों पर भी होता है असर
आई पिल की वजह से आंखों पर भी बुरा असर पड़ता है। दरसअल, आंखों के कार्निया में सूजन आ जाती जिससे इसका आकार बदल जाता है। आंखों की रोशनी पर भी प्रभाव पड़ता है। इस वजह से आंखों में लेंस लगाने में भी दिक्कत होने लगती है।
डिप्रेशन भी हो सकता है
depreesion a side effect of ipill
इन दवाइयों में एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरॉन नामक जैसे हॉर्मोन की वजह से महिलाओं को मूड स्विंग की प्रॉब्लम हो जाती है। इस वजह से हर समय चिड़चिड़ापन, उदासी, थकान और सिरदर्द रहता है। इसी के साथ बात-बात पर रोना आना और किसी भी काम में मन नहीं लगता है। मूड स्विंग और लो फील करने की यह स्थिति कब डिप्रेशन में बदल जाती है, पता भी नहीं चलता है। रिसर्च से भी यह बात साबित हो चुकी है कि आई पिल से डिप्रेशन होने के चांसेज हो जाते हैं। इसलिए इन दवाओं का सेवन अपनी डॉक्टर से बातचीत करने के बाद ही करें।
जानें कि आई पिल कैसे काम करती है
क्या आप जानती हैं आई पिल खाने से शरीर में लेवोनोर्गेस्ट्रेल (Levonorgestrel) नामक हार्मोन बनता है जिस वजह से शरीर में फर्टिलाइजेशन की प्रक्रिया रूक जाती है। इसके बाद सर्वाइकल म्यूकस यानी कि गर्भाशय से निकलने वाली फ्लूएड जैसी चीज़ इस पिल की वजह से बहुत गाढ़ी बनने लगती है। इसकी वजह से स्पर्म वहां मौजूद अंडों तक नहीं पहुंच पाता और अंडों को ओवरी से जल्दी निकलने नही देता। इसके अलावा अगर अंडाशय से अंडा निकल चुका है तो आई पिल अंडे और स्पर्म को निषेचित होने से रोकता है।
आई पिल लेने से पहले इन स्थितियों में डॉक्टर की सलाह लें
side effects of ipill and morning pill
ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित हों तो पिल ना लें
प्रेगनेंसी में तो वैसे भी कोई दवा बिना डॉक्टर से पूछे नहीं लेनी चाहिए।
यूटेरस या लिवर में कोई परेशानी हो।
अगर आपकी उम्र 36 से ज्यादा हो।
अगर कोलेस्ट्रॉल की दिक्कत हो।
अगर आपको ब्लड प्रेशर, डायबिटीज़ या फिर हार्ट प्रॉब्लम हो तो भी डॉक्टर से बात करें।
अगर आप बहुत ज्यादा कमज़ोर हो तो भी डॉक्टर से बात करके ही आई पिल लें।
अगर किसी खास बीमारी की दवाएं आप ले रही हो, तो आई पिल के साथ वह रिएक्ट कर सकती हैं। इसलिए ऐसी स्थिति में आई पिल अपनी मर्जी से नहीं बल्कि डॉक्टर से पूछ कर लेनी चाहिए।
खाली पेट लेने से पेट में दर्द हो सकता है।
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