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बार-बार बुखार आने की समस्या से हैं परेशान तो अपनाएं ये आयुर्वेदिक उपाय, जल्द ही मिलेगा लाभ
जब शरीर में कोई इंफेक्शन या बैक्टीरिया प्रवेश कर जाता है जो इनसे लड़ने के लिए इम्यूनिटी तेजी से बढ़ जाती है जिससे शरीर गर्म हो जाता है। जो बुखार का कारण बन जाता है।
बदलते मौसम के कारण अधिकतर लोगों को सर्दी-जुकाम के साथ बुखार की समस्या का शिकार हो जाते हैं। बुखार आना आम समस्या है। शरीर में मौजूद संक्रमण से लड़ने के लिए यह नैचुरल तरीके की तरह है। स्वामी रामदेव के अनुसार जब शरीर में कोई इंफेक्शन या बैक्टीरिया प्रवेश कर जाता है जो इनसे लड़ने के लिए इम्यूनिटी तेजी से बढ़ जाती है जिससे शरीर गर्म हो जाता है। जो बुखार का कारण बन जाता है। लेकिन लंबे समय तक बुखार आने से आपका शरीर कमजोर हो जाता है। इसलिए अगर 2-3 दिन के बाद भी आपको फीवर आए तो इसका इलाज तुरंत कराना चाहिए।
आमतौर पर बुखार कई तरीकों को होता है। जिनमें से 3 मुख्य माने जाते हैं। पहला शरीर में दर्द होना, दूसरा कफ बढ़ने और तीसरा पित्त बढ़ने के कारण आता है। बुखार की समस्या से निजात पाने के लिए आप आयुर्वेदिक उपाय अपना सकते हैं। इससे आप पुराने से पुराने बुखार से छुटकारा पा सकते हैं।
बुखार से निजात पाने के लिए आयुर्दिक उपाय
जीरा, धनिया ,सौफ को रात में भिगोकर सुबह इस पानी में गिलोय, एलोवेरा का रस मिलाकर पी लें। इससे बुखार उतर जाएगा। इसके साथ ही पित्त की समस्या में भी लाभ मिलेगा।
ज्वरनाशक वटी या फिर क्वाथ का सेवन करे
गिलोय घनवटी सुबह, दोपहर और शाम 1-1 गोली खाएं। एक सप्ताह में हमेशा के लिए बुखार से निजात पा लेंगे।
कफ बढ़ने के कारण भी बुखार होता है। ऐसे में सरसों का तेल नाक में डाले। इसके साथ ही शीतली, शीतकारी प्राणायाम करे।
पित्त बढ़ने के कारण भी शरीर में गर्मी हो जाती है। जो बुखार के रूप में सामना आता है। ऐसे में अनार, जौ, बेल का सेवन कराए। इसके साथ ही शीतली, शीतकारी करे।
वात बुखार करने के लिए अनुलोम-विलोम करे। इसके साथ ही गिलोय का सेवन करे।
बैक्टीरियल बुखार से निजात पाने के लिए चिरैता, कुटकी और गिलोय का सेवन करे।
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